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27 साल बाद आज शनि आश्लेषा योग में हरियाली - शनिश्चरी अमावस्या

शनि आश्लेषा योग में शनिवार को 27 साल बाद हरियाली शनिश्चरी अमावस्या का संयोग बन रहा है। स्नान, दान और धर्म की दृष्टि से इस योग में अमावस्या का होना श्रेष्ठ है। इंदौर रोड स्थित त्रिवेणी पर आस्था का स्नान होगा। संगम स्नान के बाद श्रद्धालु दान-पुण्य कर महाकाल दर्शन करेंगे। दिन में हरियाली का पूजन होगा। दूधतलाई तथा अनंतपेठ में पारंपरिक दिवासा का मेला लगेगा।

 गणना और दिवस नक्षत्र विशेष की गणना से देखें तो 10 अगस्त 1991 के बाद शनिवार को 27 साल बाद पंचाग के पांच अंगों की समान स्थिति है। इसमें शनिवार का दिन, अमावस्या तिथि, आश्लेषा नक्षत्र, व्यतीपात योग तथा नाग करण शामिल है।

किसी भी पर्व की शुभता को देखने के लिए पंचाग के उक्त पांच अंग की समीक्षा की जाती है। शनि आश्लेषा नक्षत्र में तीर्थ स्नान, दान, देव दर्शन आदि करने से मनोवांछित फल की प्राप्ति होती है। यह दिन शनिदेव की कृपा प्राप्ति के लिए भी विशेष है। विभिन्न् राशि के जातकों को शनिदेव की प्रसन्न्ता प्राप्ति के लिए शास्त्रोक्त उपाय करना चाहिए।

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