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ऐसे हुआ हत्याकांड का खुलासा

शिवपुरी। शहर के जाने माने कपड़ा व्यवसायी विजय गुप्ता के राघवेन्द्र नगर स्थित घर में 12 सितंबर की दोपहर उनकी पत्नी किरण गुप्ता के अंधे हत्याकांड का पुलिस ने करीब ढाई महीने बाद पर्दाफाश कर दिया है। इस हत्याकांड से जहां शहर में दहशत का माहौल निर्मित हो गया था। लोगों में भी आक्रोश था। तमाम एंगलों पर काम करने और 50 से अधिक संदिग्धों से पूछताछ के बाद अंतत: पुलिस आरोपितों तक पहुंच गई।

इस जघन्य हत्याकांड को बेहद कम उम्र के युवकों ने अंजाम दिया है। इनमें दो नाबालिग भी शामिल हैं। सभी आरोपी व्यवसायी के आस-पड़ोस में ही रहने वाले निकले। पुलिस के अनुसार लग्जरी लाइफ और महंगी शराब के शौक के चलते इन लोगों ने इस वारदात को अंजाम दिया। फिलहाल पुलिस ने हत्याकांड को कारित करने वाले पांच को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि छठवें आरोपित को भी पुलिस ने राउंड अप कर लिया है। उसे शिवपुरी लाया जा रहा है। इस वारदात में शामिल लोगों में पिता पुत्र भी शामिल हैं।एसपी राजेश हिंगणकर ने प्रेसवार्ता के दौरान पूरे मामले का खुलासा करते हुए गिरफ्त में आए 19 वर्षीय आकाश रघुवंशी, अनमोल जैन व अजय जैन को मीडिया के सामने लाया गया, जबकि दो नाबालिगों को मीडिया के सामने पेश नहीं किया। छठवें आरोपित अमित गोस्वामी को पुलिस ने दबोचने का दावा किया है। एसपी के अनुसार आकाश व अमित घर में दाखिल हुए थे। इन दोनों ने ही किरण की हत्या करने के बाद इत्मीनान से घर में रखा सामान बटोरा। इस दौरान शेष आरोपी मोबाइल के जरिए इनके संपर्क में बने रहे। आरोपितों में शामिल अजय व अनमोल जैन पिता पुत्र हैं .भले ही आरोपितों की उम्र कम हैं, लेकिन उनका दुस्साहस चौंकाने वाला रहा। घटना के बाद जब शहर सहित आसपास के तमाम लोग वारदात स्थल पर पहुंचे। वहां मर्डर कारित करने वाला आरोपित आकाश भी तमाशबीन बन कर जा पहुंचा। मामले का खुलासा होने के बाद मौके पर पहुंचे कुछ पुलिस अधिकारियों ने यह बात अनौपचारिक चर्चा में बताई।

आरोपितों ने कबूल किया कि आकाश और अमित दोपहर करीब 3 बजे के बाद घर पर पहुंचे। किरण से कपड़े खरीदने की बात कही। इसके बाद उन्हें किरण ने अंदर आने दिया। करीब 10 मिनट तक ये कपड़े देखते रहे। इस दौरान जब इन लोगों ने एक दूसरे को इशारा करना शुरू किया तो किरण को शक हो गया। वह उठकर घर की ऊपरी मंजिल की ओर जाने लगी। इसके बाद इन दोनों ने किरण को जीने से मुंह दबाकर नीचे धकेल दिया और ताबड़तोड़ चाकू से वार कर हत्या कर दी। इसके बाद आकाश ऊपर गया और अलमारी व तिजोरी खोलकर नकदी व सोने के जेवर समेट लिए।

घर में तेज आवाज में टीवी चल रही थी। आरोपितों ने घर में ही खून से सने हाथ धोए और बाहर मौजूद साथियों से बातचीत के बाद रवाना हो गए। सीधे अनमोल के घर पहुंचे और यहां वारदात में समेटा गया सामान रख दिया।आरोपितों ने बताया कि हत्या कारित करने के बाद जब वे अपने दोस्त अनमोल के फल का ठेला लगाने वाले पिता अजय जैन के घर पहुंचे तो जेवरात में खून लगा था। बावजूद इसके अजय ने कोई पूछताछ न करते हुए जेवर रख लिए। कुछ दिन तक खामोश रहने के बाद इन लोगों ने लूट की रकम को खपाना शुरू कर दिया। दूसरे शहरों व प्रदेश में भी गए। महंगी शराब पी और कपड़े खरीदे। ये लोग लगातार मोबाइल पर भी आपस में बात करते रहे। आरोपित समय बीतने के साथ बेखौफ हो गए थे। उन्हे लगने लगा था कि पुलिस अब उन तक नहीं पहुंच पाएगी। वे शहर में ही सामान्य तौर पर घूमने लगे, लेकिन पुलिस उनकी हर गतिविधि पर नजर रखे हुई थी।
 

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