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हनुमा विहारी को आउट देना विवादों के घेरे में, क्लार्क-हसी ने बताया नॉटआउट

भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच सिडनी में खेले जा रहे चौथे और आखिरी टेस्ट मैच के दूसरे दिन मिडिल ऑर्डर बल्लेबाज हनुमा विहारी को विवादास्पद तरीके से आउट दिया जाना सुर्खियों में रहा. भारत की पहली पारी के दौरान 102वें ओवर में हनुमा विहारी को नाथन लियोन की गेंद पर मैदान पर मौजूद अंपायर इयान गोल्ड ने कैच आउट दे दिया.

अर्धशतक की ओर बढ़ रहे हनुमा विहारी का कैच शॉर्ट लेग पर मार्नस लाबुशेन ने पकड़ा. इसके बाद हनुमा विहारी ने डीआरएस का सहारा लिया, लेकिन स्निकोमीटर से लग रहा था कि गेंद ने बल्ले को हल्का स्पर्श किया है, लेकिन साथ ही उसी स्पॉट पर बल्ले के ऊपर गेंद की परछाई भी पड़ती दिख रही है, जिससे साफ है कि गेंद बल्ले से दूर है.

टीवी अंपायर ने काफी देर लगाई. बहुत से एंगल से इसे देखा, लेकिन कहीं भी स्पष्ट नहीं दिखा कि हनुमा का बल्ला गेंद से लगा है. थर्ड अंपायर ने स्निकोमीटर के आधार पर मैदानी अंपायर इयान गोल्ड के फैसले को नहीं बदला. अंपायर के फैसले के बाद विहारी को 42 रनों के निजी स्कोर पर लौटना पड़ा. विहारी को आउट देना कई दिग्गजों ने विवादित बताया.

 विहारी को आउट दिए जाने पर ऑस्ट्रेलिया के पूर्व कप्तान माइकल क्लार्क ने कहा. 'विहारी को आउट नहीं दिया जाना चाहिए था. स्निकोमीटर ऐसे काम करता है कि वो कोई आवाज भी कैच कर लेता है और उसी के आधार पर स्निक दिखा देता है. जैसे बल्ला चलाते हुए पैर का जमीन पर घिसना भी उसमें आ जाता है. दूसरा हनुमा ने तुरंत रिव्यू का इशारा किया जिसका मतलब ये कि बल्लेबाज को पता है कि गेंद बल्ले से नहीं लगी.

तीसरा ये कि खुद नाथन लियोन की अपील में वो जोश नहीं था जो प्राय होता है.' इसके अलावा माइकल हसी ने कहा, 'ये काफी विवादित था. गेंद बल्ले से दूर से जा रही थी और स्निकोमीटर ने बल्लेबाज के पैर के जमीन पर घर्षण की आवाज को स्निक बता दिया. मुझे निजी तौर पर लगता है कि बल्लेबाज का बल्ला गेंद से नहीं लगा.'

 

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