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तकनीकी शिक्षा मंत्री से संगठन अध्यक्ष करेगें मुलाकात

भोपाल ( विनय शर्मा ) : विवादों में होने के बाद भी यदि किसी व्यक्ति को गलत तरीके से उच्च पदों पर नियुक्ति दी जाय तो विरोध तो होना तय है। युवा जागरूकता जनकल्याण संगठन ने ऐसे ही एक मामले में प्रदेश के तकनीकी विश्वविद्यालय राजीव गांधी प्रौधोगिकी विवि भोपाल पर आरोप लगाए है। संगठन के प्रदेश अध्यक्ष अंकित पचौरी ने कहा कि सरकार किसी की भी हो लेकिन कुछ लोग अपने रौब के कारण शासन की आखों में भी धूल झोंकते है। पचौरी का कहना है विवि में पदस्थ डॉ संजय सिलाकारी जो कि कम्प्यूटर साइंस इंजीनियरिंग विभाग एवं डॉ सुधीर भदौरिया सिविल इंजीनियरिंग विभाग को कार्यपरिषद सदस्य नियुक्त किया गया है। पचौरी ने कहा है प्रो. भदौरिया पर व्यापमं मामले में परीक्षा अधिनियम सहित विभिन्न धाराओं में ग्वालियर में एफआईआर दर्ज है और भदौरिया तत्कालीन परीक्षा नियंत्रक रहते हुए उनके द्वारा अनिमिताओ का आरोप भी है वहीं संजय सिलाकारी पर प्रभारी संचालक रहते हुए संविदा व्यख्याताओ की नियुक्ति करते समय रोस्टार का पालन न करने का आरोप लगा था। जिसके बाद तत्कालीन कुलपति एवं प्रमुख सचिव ने संचालक पद से हटा भी दिया था।सूत्रों की मानें तो सिलाकारी अपने उदासीन रवैया के चलते एवं विभागाध्यक्ष् की बैठकों में अनुपस्थित होने के साथ साथ विद्यार्थियों के एम टेक मेजर/माइनर प्रोजेक्ट मिङ सेमेस्टर इत्यदि पर हस्ताक्षर तक नहीं करते, छात्रों की प्रगति पिछले 10 वर्षो में नगण्य है वरिष्ठ होने के बाबजूद दो बार विभागाध्यक्ष पद से हटाया जा चुका है सिलाकारी की पी एच ङी इंजीनियरिंग विषय में नहीं होने के बाद भी संकायध्यक्ष बनाया है जिससे पी एच ङी की ङिग्री देने में लगभग 7-8 वर्षो का समय लगा देते है इनके रसूख के चलते शासन प्रशासन भी मौन साध लेता है एवं कार्यवाही करने से बचता है कुलपति सुनील गुप्ता एवं कुलसचिव एस के जैन की कृपा होने के कारण हो रहा है ज्ञात हो कि कांग्रेस महासचिव दिग्विजय सिंह ने भी राज्यपाल से कुलपति को हटाने की मांग की थी कुलपति पर व्यापमं की जांच में तथ्यो को प्रभावित करने के शिकायत है, कुलपति पद के लिये निर्धारित योग्यता भी नहीं रखते है विश्र्वविद्यालय अपनी हठधर्मीता के चलते राजभवन,शासन के पत्रो को भी दरकिनार कर चहेतो को लाभ दे देता है उज्जैन निवासी कैलाश मकवाना द्वारा विवि में पदस्थ सिविल विभाग के ङा एस एस कुशवाहा की वित्तीय अनिमिताए की शिकायत चल रही है वि वि ने शिकायत को दबाकर ङीन जैसे महत्वपूर्ण पद पर बैठा दिया

प्रदेश अध्यक्ष -वर्तमान सरकार से अपेक्षा है कि जिनके विरूद्ध शिकायत है उन्हें निलंबित कर उच्च स्तरीय जांच करवाना चाहिए हम जल्द ही तकनीकी शिक्षा मंत्री से मुलाकात कर मामले से अवगत कराएंगे

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