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पानी-बिजली, कानून व्यवस्था पर बंटी भाजपा, नेता कर रहे अलग-अलग आंदोलन

भोपाल। भारतीय जनता पार्टी में मध्य प्रदेश की कमलनाथ सरकार के खिलाफ आंदोलन करने को लेकर श्रेय लेने की होड़ मची है। पानी-बिजली और कानून व्यवस्था पर सूबे के नेता अपने-अपने इलाकों में ही शक्ति प्रदर्शन कर आंदोलन कर रहे हैं। सोमवार को भोपाल में पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की मौजूदगी में कानून-व्यवस्था बिगड़ने को लेकर आंदोलन हुआ और कैंडल मार्च निकाला गया तो इंदौर में मंगलवार को किसानों की समस्याओं को लेइसी दिन भोपाल जिला भाजपा ने श्रद्धांजलि सभा भी आयोजित की। इधर, बिजली संकट को लेकर बुधवार को प्रदेश भाजपा पूरे प्रदेश में चिमनी यात्रा निकालेगी। पार्टी के नेता भी असमंजस में हैं कि इन अलग-अलग आंदोलन के पीछे संगठन में समन्वय की कमी है या कोई विशेष रणनीति। हालांकि भाजपा के प्रदेशाध्यक्ष राकेश सिंह कहते हैं कि सभी नेता वरिष्ठ हैं और संगठन की सहमति से ही आंदोलन कर रहे हैं।

इन दिनों भाजपा कमलनाथ सरकार को घेरने का कोई मौका नहीं छोड़ रही है पर श्रेय लेने की होड़ में सारे आंदोलन बिखरे-बिखरे दिखाई पड़ रहे हैं। समन्वय के अभाव में एक विषय पर कई आंदोलन हो रहे हैं। भोपाल में एक बच्ची से दुष्कर्म और हत्या की घटना के विरोध में भाजपा ने सोमवार (10 जून) को कैंडल मार्च निकाला। पूर्व मंत्री उमाशंकर गुप्ता के नेतृत्व में निकाले गए गए इस मार्च में शिवराज सिंह चौहान, महापौर आलोक शर्मा और अन्य नेता शामिल हुए।

इसी दिन भाजपा के जिलाध्यक्ष विकास वीरानी ने ऐलान किया कि मंगलवार को भोपाल, उज्जैन, नौगांव में दुष्कर्म और हत्या की घटनाओं की पीड़ित बच्चियों को श्रद्धांजलि देने के लिए भाजपा द्वारा रोशनपुरा चौराहा स्थित कीर्ति स्तंभ पर श्रद्धांजलि सभा आयोजित की जाएगी।मंगलवार को ही पूर्व मंत्री जयंत मलैया के नेतृत्व में बिजली कटौती के खिलाफ दमोह में चक्काजाम किया गया। शहर के बिजली दफ्तर के सामने भाजपाइयों ने लगभग दो घंटे आंदोलन किया। शक्ति-प्रदर्शन के लिए किए जा रहे इन सब आंदोलनों की सियासत में कैलाश विजयवर्गीय भी पीछे नहीं रहे, उन्होंने इंदौर में किसानों की समस्याओं को लेकर किसान आक्रोश रैली निकाली।

इधर, भाजपा के प्रदेशाध्यक्ष राकेश सिंह ने ऐलान किया है कि आम नागरिकों को साथ लेकर पार्टी प्रदेश के सभी जिला मुख्यालयों पर बुधवार शाम सात बजे चिमनी यात्रा निकालेगी। चूंकि यह सरकार बिजली कटौती से पीड़ित जनता की चीख-पुकार नहीं सुन पा रही है, इसलिए चिमनी यात्रा के साथ पार्टी ढोल-नगाड़े लेकर भी चलेगी और कमलनाथ सरकार की नींद हराम कर देगी।

पार्टी के कार्यालय मंत्री सत्येंद्र भूषण सिंह ने प्रदेश के सभी जिलाध्यक्षों, संभाग प्रभारी, जिला प्रभारी और संगठन मंत्रियों को पत्र लिखकर चिमनी आंदोलन को सफल बनाने के निर्देश दिए हैं। वहीं, भाजपा सूत्रों का कहना है कि कमलनाथ सरकार को चौतरफा घेरने के लिए पार्टी की ही रणनीति है कि सभी बड़े नेता अलग-अलग जगह और अलग-अलग मुद्दों को लेकर सड़कों पर उतरे। आने वाले दिनों में यह रणनीति ज्यादा प्रभावी तौर पर दिखाई पड़ सकती है।प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष के मीडिया समन्वयक नरेंद्र सलूजा ने भाजपा के बिजली, किसान और कानून-व्यवस्था की खराब स्थिति के नाम पर किए जा रहे आंदोलन को पार्टी नेताओं की आपसी प्रतिस्पर्धा बताया है। उन्होंने कहा कि भाजपा नेता एक-दूसरे को नीचा दिखाने के लिए अलग-अलग आंदोलन कर रहे हैं। सरप्लस बिजली के बाद भी चिमनी यात्रा निकालना हास्यास्पद है।

 

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