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राज्यपाल ने दिया ऐसा बयान की मचा बवाल, फिर जताया अफसोस

 जम्मू-कश्मीर के राज्यपाल सत्यपाल मलिक ने एक विवादित बयान दे दिया। उन्होंने बंदूक उठाने वाले आतंकियों से कहा कि आम लोगों और बेकसूर पुलिस वालों को क्यों मार रहे हैं। मारना ही है तो उन्हें मारो जो देश को लूट रहे हैं। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि बंदूक किसी समस्या का समाधान नहीं है। उनके इस बयान के बाद राज्य में सियासी उबाल आ गया है और इसके बाद अब मलिक ने अपने बयान पर खेद जताया है।

उन्होंने एक न्यूज चैनल से बात करते हुए कहा है कि एक संवैधानिक पद पर बैठकर मुझे ऐसा बयान नहीं देना चाहिए था। हालांकि, आप उस बयान के शब्दों को ना पकड़ें।

बता दे कि रविवार को कारगिल में आयोजित एक समारोह में राज्यपाल मिलक ने कहा था कि कश्मीर में जिन लोगों ने बंदूक उठा रखी है, वे पीएसओ (पर्सनल सिक्योरिटी अफसर) और एसपीओ (स्पेशल पुलिस अफसर) को मार रहे हैं। आप उन्हें क्यों मार रहे हो? उन्हें मारो जो मुल्क और कश्मीर को लूट रहे हैं। क्या इनमें से किसी को मारा?

राज्यपाल ने कहा, आतंकी बनने वाले युवा फिजूल में अपनी जिदगी गंवा रहे हैं। बंदूक उठाकर सरकार को नहीं हरा सकते। श्रीलंका में एलटीटी सबसे खतरनाक था। वह सभी सरकार से लड़ते हुए खत्म हो गए। अब तो ऐसे लड़के सिर्फ ढाई सौ के आसपास ही रह गए हैं। इनमें से सौ के करीब पाकिस्तानी हैं।राज्यपाल ने कहा कि अलगाववादी इन युवाओं को गुमराह कर रहे हैं कि मरने के बाद उन्हें जन्नत मिलेगी। हम तो जीते जी उन्हें जन्नत दे रहे हैं। एक तो कश्मीर खुद ही जन्नत है। इसे विकसित करने के लिए काम करें। अपने बच्चों को पढ़ाएं और कश्मीर के विकास के लिए काम करें। राज्यपाल ने कहा कि एक बेहतर मुसलमान के तौर पर मरोगे तो जन्नत मिलेगी। उन्होंने कहा कि कश्मीर में माहौल अब बदल रहा है।राज्यपाल के बयान पर पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। उमर ने ट्वीट किया कि जिम्मेदार पद पर बैठा व्यक्ति आतंकवादियों को उन नेताओं को मारने के लिए कह रहा है जिन्हें वह भ्रष्ट समझता है। ऐसी गैर कानूनी हत्याओं को मंजूरी देने से पहले शायद उन्हें दिल्ली में इन दिनों अपनी छवि के बारे में पता करना चाहिए।

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