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500 यूनिट से ऊपर जिनकी खपत उनके घर लगेंगे स्मार्ट मीटर

मध्य  प्रदेश में अब उपभोक्ताओं को स्मार्ट बिजली व्यवस्था देने की तैयारी हो रही है। इसमें न बिल भरने की झंझट होगी न महीने का मीटर किराया देना होगा। उपभोक्ताओं को जरूरत के हिसाब से बिजली का रिचार्ज करना होगा। इतना ही नहीं हर दिन की खपत और रिचार्ज की बकाया राशि का मैसेज भी उपभोक्ता के पास पहुंचेगा। ये सारी सुविधाएं स्मार्ट मीटर वाले उपभोक्ता को मिलेंगी। बिजली कंपनी 500 यूनिट से अधिक खपत वाले उपभोक्ताओं के घर-दुकान या प्रतिष्ठान पर स्मार्ट मीटर लगाने जा रही है। हालांकि इसके लिए सबसे पहले वितरण कंपनी को मीटर का डाटा जुटाने के लिए भारी-भरकम सेटअप लगाना होगा। इसके लिए जल्द ही निविदा निकाली जाएगी। पहले चरण में करीब 2-2 लाख मीटर तीनों वितरण कंपनी में मिलेंगे।केन्द्र सरकार ने बिजली उपभोक्ताओं को स्मार्ट मीटर की सुविधा देने की योजना बनाई है। 2022 तक सभी शहरी क्षेत्रों के उपभोक्ताओं के घरों में स्मार्ट मीटर लगाना है। 2027 तक हर उपभोक्ता इसमें शामिल होगा। स्मार्ट मीटर के जरिए मोबाइल की तरह बिजली का संचालन होगा। इसमें उपभोक्ताओं को प्री-पेड और पोस्ट पेड बिजली की सुविधा होगी। उपभोक्ता चाहें तो मासिक बिल भुगतान करें या फिर एडवांस में बिजली रिचार्ज सुविधा का लाभ ले सकेंगे। मीटर की कनेक्टिविटी सीधे बिजली कंपनी से होगी। इसका नियंत्रण बिजली कंपनी के पास होगा। उपभोक्ता के घर की बिजली कभी भी बंद और चालू की जा सकेगी। इतना ही नहीं बिजली का लोड बढ़ने पर भी मीटर इसकी सूचना कंपनी तक पहुंचा देगा। अभी लोड को लेकर उपभोक्ता के परिसर की जानकारी मिल पाना संभव नहीं हो पाती है।स्मार्ट मीटर लगाने में अभी 7 माह से ज्यादा का वक्त लगेगा। इसके पहले वितरण कंपनियों को स्मार्ट मीटर डाटा सेंटर बनाना होगा। इसमें सभी मीटर से मिलने वाला डाटा एकत्र होगा। हर दिन उपभोक्ता को उसके द्वारा उपयोग की गई बिजली और बकाया राशि के बारे में मैसेज से सूचना दी जाएगी। एक तरह से हर दिन की बिलिंग होगी। सिर्फ रीडिंग ही नहीं इसके अलावा भी कई तरह के उपभोक्ता से जुड़ी जानकारी मीटर में दर्ज होगी। वितरण कंपनी नियंत्रण कक्ष बनाने के लिए निजी कंपनियों को आमंत्रित करने जा रही है। देश में चंद कंपनियां ही इस काम को करने में समक्ष हैं।

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