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कैलाश विजयवर्गीय ने 'शकुनि' के बहाने कसा तंज, तो दिग्विजय ने भाजपा को आड़े हाथ लिया

महाराष्ट्र में तेजी से बदले सियासी घटनाक्रम की मध्यप्रदेश के सियासी गलियारों में भी जबरदस्त चर्चा है। कांग्रेस के साथ ही भाजपा नेताओं ने प्रतिक्रियाएं दी हैं। नईदुनिया के राजनीतिक सम्पादक ऋषि पाण्डेय ने महाराष्ट्र में हुए घटनाक्रम पर पूरे प्रदेश के शीर्ष राजनेताओं की प्रतिक्रिया जुटाते हुए कहा है कि सुबह अखबार पढ़ते समय आई खबर में लगभग सभी को चौंका दिया। भाजपा नेताओं ने जहां इसे जनादेश का सम्मान बताया, वहीं कांग्रेस ने सरकार बनाने के तरीके पर सवाल उठाया है।

कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह ने महाराष्ट्र में हुए फेरबदल पर पीएम नरेंद्र मोदी और भाजपा पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जनता को चुनावी नारा दिया था 'ना खाऊंगा, ना खाने दूंगा'। अब उनका नारा है खूब खाओ और खूब खा कर खिला कर भाजपा में आ जाओ और ईडी, सीबीआई और आईटी से मुक्ति पाओ। इसके पहले दिग्विजय सिंह ट्वीट कर महाराष्ट्र के राज्यपाल पर सवाल उठाए थे, कुछ देर बाद उन्होंने अपने सवालों को वापस ले लिया। इसमें उन्होंने यह भी कहा कि राज्यपाल ने संविधान के अनुसार काम नहीं किया, यह पहली बार नहीं है, ऐसा गोवा, मणिपुर, मेघायल और अब महाराष्ट्र में हुआ है।

मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि महाराष्ट्र में स्वाभाविक सरकार बनी है। भारतीय जनता पार्टी सबसे बड़ी पार्टी बनी थी। 105 सीटें हमारे पास हैं। शिव सेना ने धोखा किया। लेकिन जो दूसरों के लिए गड्ढा खोदता है उसमें वो खुद गिरता है। उनके हाल तो ये हो गए 'न ख़ुदा ही मिला न विसाल-ए-सनम न इधर के हुए न उधर के हुए'। ये स्थिर सरकार, विकास के लिए काम करने वाली सरकार है और देवेंद्र फडणवीस जी के नेतृत्व में महाराष्ट्र में बीजेपी ने पहले भी बहुत शानदार का किया है। वो सीएम बने हैं, स्थिर और विकास केंद्रित सरकार देंगे, इसी में महाराष्ट्र का कल्याण है।

उत्तराखंड के पूर्व राज्यपाल अजीज कुरैशी ने कहा कि महाराष्ट्र में सियासी घटनाक्रम दुर्भाग्यपूर्ण और खेदजनक है। सियासत में गद्दारी की ढेरों कहानियां हैं, लेकिन महाराष्ट्र में जनता के साथ धोखाधड़ी की यह कहानी सबसे ऊपर लिखी जाएगी।

वहीं, भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव कैलाश विजयवर्गीय ने ट्वीट में लिखा- फिर भाजपा, महाराष्ट्र में अंतत: वहीं हुआ जो तय था। भाजपा कभी हार नहीं मानती और पीएम नरेंद्र मोदी और अमित शाह (Amit Shah) की रणनीति ने ये साबित भी कर दिया। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और उप-मुख्यमंत्री अजीत पवार को बधाई। विजयवर्गीय ने यह भी ट्वीट किया कि आधी छोड़ साजी को धावे, आधी मिले न पूरी पावे। ना खुदा ही मिला ना विसाले सनम...। शकुनि मामा के कारण महाभारत में कौरव वंश का विनाश हुआ। अब लोग पूछ रहे हैं कि शिवसेना को समाप्त करने की सुपारी लेने वाला शकुनि शिवसेना के अंदर कौन है? उन्होंने यह भी लिखा है कि अमित शाह को राजनीति का चाणक्य यूं ही नहीं कहा जाता। 'जो जीता वही सिकंदर'।

मध्य प्रदेश के पूर्व मंत्री और भाजपा नेता डॉ. नरोत्तम मिश्रा (Dr Narottam Mishra) ने ट्वीट में महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और उप-मुख्यमंत्री अजीत पवार को बधाई देते हुए लिखा है कि महाराष्ट्र के विकास और प्रगति के एक नये युग का सूत्रपात हो रहा है। इसके साथ ही लगातार मध्य प्रदेश के भाजपा नेता द्वारा महाराष्ट्र में फिर भाजपा का मुख्यमंत्री बनने पर बधाईयों का संदेश कर रहे हैं।

 

मध्य प्रदेश भाजपा के अध्यक्ष राकेश सिंह ने कहा महाराष्ट्र की जनता ने भाजपा के पक्ष में जनमत दिया था, राज्य में सबसे बड़ी पार्टी भाजपा थी, फिर भी कुर्सी के मोह में फंसे उद्धव ठाकरे कांग्रेस के साथ बेमेल गठबंधन कर सरकार बनाना चाहते थे। खुद एनसीपी के नेताओं ने शिवसेना और कांग्रेस को जवाब दे दिया कि ऐसा मौका परस्त गठबंधन महाराष्ट्र के हित में नहीं है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और उपमुख्यमंत्री अजीत पवार के नेतृत्व वाली सरकार महाराष्ट्र में स्थिर सरकार होगी। शिवसेना और कांग्रेस दोनों का चेहरा बेनकाब हो चुका है, दोनों ही वैचारिक रूप से दो धड़े होने के बाद भी सत्ता के लिए जो खेल खेल रहे थे, राष्ट्रवादी ताकतों ने उनको बेनकाब कर दिया। महाराष्ट्र की जनता को बधाई।

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