400 बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ की जान बचाने वाले हेड कांसà¥à¤Ÿà¥‡à¤¬à¤² को सीà¤à¤® ने किया समà¥à¤®à¤¾à¤¨à¤¿à¤¤
सीà¤à¤® ने सागर जिले के पà¥à¤²à¤¿à¤¸ हेड कांसà¥à¤Ÿà¥‡à¤¬à¤² अà¤à¤¿à¤·à¥‡à¤• पटेल को समà¥à¤®à¤¾à¤¨à¤¿à¤¤ कर 50 हजार रà¥à¤ªà¤ का पà¥à¤°à¤¸à¥à¤•ार दिया। उनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने 400 सà¥à¤•ूली बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ की जिंदगी बचाने के लिठअपनी जान की परवाह किठबिना बम को कंधे पर रख आधा किमी दूर ले गठथे। चितौरा गांव में हाई सà¥à¤•ूल के पीछे मिले बम को रविवार सà¥à¤¬à¤¹ 11.30 बजे सेना के बम निरोधक दसà¥à¤¤à¥‡ ने निषà¥à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯ कर दिया। इससे आकाश में काला धà¥à¤†à¤‚ छा गया। बम का धमाका à¤à¤• किलोमीटर दूर तक सà¥à¤¨à¤¾à¤ˆ दिया।
सेना का यह मिसà¥à¤¡ बम शà¥à¤•à¥à¤°à¤µà¤¾à¤° दोपहर 2.30 बजे लोगों ने सà¥à¤•ूल के पीछे घास में पड़ा देखा था। सूचना मिलते ही पà¥à¤²à¤¿à¤¸ मौके पर पहà¥à¤‚ची तो पà¥à¤°à¤§à¤¾à¤¨ आरकà¥à¤·à¤• अà¤à¤¿à¤·à¥‡à¤• पटेल ने साहस दिखाते हà¥à¤ बम को सà¥à¤•ूल से दूर कर दिया।
चितौरा गांव के पास बमà¥à¤¹à¥‹à¤°à¥€ बीका गांव से लगी बंजर जमीन पर आरà¥à¤®à¥€ का फायरिग रेंज है। यहां जवानों को तोप, मोरà¥à¤Ÿà¤¾à¤° और अनà¥à¤¯ हथियार चलाने का पà¥à¤°à¤¶à¤¿à¤•à¥à¤·à¤£ दिया जाता हैं। पà¥à¤°à¤¶à¤¿à¤•à¥à¤·à¤£ के दौरान तोप व मोरà¥à¤Ÿà¤¾à¤° के कà¥à¤› गोले चलते नहीं हैं और दूर जाकर खेतों में गिर जाते हैं। ये मिसयूज की शà¥à¤°à¥‡à¤£à¥€ में आते हैं, जो अकà¥à¤¸à¤° आसपास के खेत की मिटà¥à¤Ÿà¥€ में दबे गांव के लोगों को मिल जाते हैं।बम को कंधे पर ले जाने वाले पà¥à¤°à¤§à¤¾à¤¨ आरकà¥à¤·à¤• अà¤à¤¿à¤·à¥‡à¤• पटेल का कहना है कि सà¥à¤•ूल के बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ और गांव के लोगों की चिंता थी। काम जोखिम à¤à¤°à¤¾ था, लेकिन à¤à¤¸à¥‡ साहसिक काम करने के मौके जिंदगी में कà¤à¥€-कà¤à¥€ मिलते हैं। पà¥à¤²à¤¿à¤¸ का काम लोगों की सà¥à¤°à¤•à¥à¤·à¤¾ करना ही है। 10 साल में पहली बार à¤à¤¸à¤¾ मौका आया।