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गोवर्धन पूजा : जानिए शुभ मुहूर्त, पूजा विधि और क्या हैं महत्व

दीपावली के अगले दिन गोवर्धन पर्व मनाया जाता है। इस पर्व के दिन शाम के समय खास पूजा रखी जाती है। इस वर्ष गोवर्धन पूजा या अन्नकूट दिवस 20 अक्टूबर 2017 यानि शुक्रवार को है। इस दिन सभी लोग अपनी दुकानों की पूजा करते हैं।

ऐसे करें गोवर्धन पूजा

अन्न की पूजा के साथ इस दिन कई जगह लंगर और भण्डारे लगाए जाते हैं। इस दिन गोबर से लीप कर गोवर्धन बनाया जाता है और उसकी पूजा की जाती है। इस दिन मंदिरों में अन्नकूट किया जाता है। इस दिन गोबर का गोवर्धन बनाया जाता है इसका खास महत्व होता है।

इस दिन सुबह-सुबह गाय के गोबर से गोवर्धन बनाया जाता है। इसके बाद उसे फूलों और पेड़ों का डालियों से सजाया जाता है और शाम को इसकी पूजा की जाती है। पूजा में धूप, दीप, नैवेद्य, जल, फल, खील, बताशे आदि का प्रयोग किया जाता है।

गोवर्धन पूजा का à¤¶à¥à¤­ मुहूर्त

सुबह का मुहूर्त- à¤¸à¥à¤¬à¤¹ 06:28 बजे से 08:43 बजे तक

शाम का मुहूर्त - 03:27 बजे से सायं 05:42 बजे तक

प्रतिपदा - à¤°à¤¾à¤¤ 00:41 बजे से शुरू (20 अक्टूबर 2017)

प्रतिपदा तिथि समाप्त - à¤°à¤¾à¤¤à¥à¤°à¤¿ 1:37 बजे तक (21 अक्तूबर 2017)

इंद्र का घमंड किया था चूर

इंद्र को अपनी शक्तियों पर घमंड हो गया था। तब भगवान कृष्ण ने उनके घमंड को चूर करने के लिए एक लीला रची। इसमें उन्होंने सभी ब्रजवासियों और अपनी माता को पूजा की तैयारी करते हुए देखाकर पूछा कि आप सब किसकी पूजा की तैयारी कर रहे हैं?

तब माता ने उन्हें बताया कि वह इंद्रदेव की पूजा की तैयारी कर रही हैं। कृष्ण ने कहा कि हम इंद्र की पूजा क्यों करते है? तब यशोदा मां ने कहा कि इंद्र वर्षा करते हैं और उसी से हमें अन्न और हमारी गाय के घास मिलता है। यह सुनकर कृष्ण जी ने कहा कि हमारी गाय तो गोवर्धन पर्वत पर चरती है, तो हमारे लिए वही पूजनीय होना चाहिए। इंद्र देव तो घमंडी हैं वह कभी दर्शन नहीं देते हैं।

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