साडा जीरो ,जीडीठहीरो
गà¥à¤µà¤¾à¤²à¤¿à¤¯à¤°. साडा और जीडीठके काम को देखें तो बड़ा अंतर देखने को मिलता हे . साडा अपने काम को लेकर जीरो पर है और जीडीठअपने काम को लेकर हीरो बनकर लोगों की समसà¥à¤¯à¤¾à¤à¤‚ निपटाने में बेहतर काम कर रहा है . जबकि साडा अपना काम आगे नहीं बड़ा पा रहा है . जय सिंह कà¥à¤¶à¤¬à¤¾à¤¹ के समय साडा ने अपनी योजनाओं को धरातल पर उतरा और कई योजनाओं को अमली जामा पहनाया और साख à¤à¥€ बड़ाई .मगर आज साडा फेलà¥à¤…र साबित हो रहा है . बजह साफ है की बजट की कमी है . अधà¥à¤¯à¤•à¥à¤· राकेश जादौन के तमाम पà¥à¤°à¤¯à¤¾à¤¶ करने के बाद à¤à¥€ कोई बड़ी सफलता नहीं मिल पा रही है . साडा के पास फà¥à¤²à¤Ÿà¤¾à¤‡à¤®à¤° अधकारी à¤à¥€ नहीं हैं .अधिकà¥à¤šà¤£ यंतà¥à¤°à¥€ पांच , पांच बिà¤à¤¾à¤— सà¤à¤¾à¤² रहे हैं . à¤à¤¸à¥‡ में बे साडा की कà¥à¤¯à¤¾ योजनाà¤à¤‚ बनाà¤à¤‚गे . साडा चेयरमेन शà¥à¤°à¥€ जादोन को इधर , उधर काम छोड़कर अपने काम पर गौर करना होगा , तà¤à¥€ साडा को नई उचाइयां दे सकते हैं . जंहा तक जीडीठअधà¥à¤¯à¤•à¥à¤· अà¤à¤¯ चौधरी का सबाल है तो उनके पास संसाधन हैं और अफसरों की बड़ी टीम है . शà¥à¤°à¥€ चौधरी की कारà¥à¤¯à¤¶à¥ˆà¤²à¥€ सà¤à¥€ को साथ लेकर चलने की है .यही सफलता का राज है .