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आईटीएम यूनिवर्सिटी मैं शनिवार को हुआ दीक्षांत समारोह

ग्वालियर ( विनय शर्मा ) : आप पर्सनल नहीं पर्सनालिटी की तरफ ध्यान दें, वो भी सामाजिक सरोकार वाली। यह 21वीं सदी का भारत है। वर्तमान में 6-एस पर ध्यान दिया जा रहा है, जिससे देश आगे बढ़ेगा। यह बात हरियाणा के राज्यपाल कप्तान सिंह सोलंकी ने कही। वे शनिवार को सिथौली स्थित आईटीएम यूनिवर्सिटी के नाद एम्फीथिएटर में आयोजित दीक्षांत समारोह में बोल रहे थे। इस मौके पर प्रसिद्ध लेखक रामचंद्र गुहा ने 3डी का फॉर्मूला दिया। इससे पहले दिन में प्री कन्वोकेशन हुई। इसमें केंद्रीय राज्य मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने विचार रखे। इस मौके पर यूनिवर्सिटी के चांसलर रमाशंकर सिंह, एमडी डॉ. दौलत सिंह चौहान, कुलपति प्रो. कमलकांत द्विवेदी, रजिस्ट्रार ओमवीर सिंह मौजूद रहे।

6 चीजें जो हमें देश से मिटानी हैं: समारोह में हरियाणा के राज्यपाल कप्तान सिंह सोलंकी ने कहा कि हमें देश से 6 चीजों को मिटाना है। इनमें गंदगी, गरीबी, भ्रष्टाचार, हिंसा, जातीयता और सांप्रदायिकता।

इन्हें दी गईं मानद उपाधि: पद्मविभूषण डॉ. रघुनाथ अनंत मशेलकर, प्रख्यात लेखिका अरुणा रॉय, कवि व आलोचक अशोक वाजपेयी, इसरो के चेयरमैन पद्मश्री डॉ. एएस किरण कुमार, फिल्म निर्देशक गोविंद निहलानी, वरिष्ठ पत्रकार रजत शर्मा और क्रिकेटर युवराज सिंह को उपाधि दी गई। युवराज की उपाधि उनकी मां शबनम सिंह ने ली।

दीक्षांत समारोह के बाद डिग्री मिलने की खुशी में स्टूडेंट्स ने सेलिब्रेशन किया।

समारोह में इसरो के चेयरमैन डॉ.एएस किरण कुमार को उपाधि देते अतिथि।

 दीक्षांत के बाद युवाओं को आधा जीवन अपने ज्ञान और सकारात्मक भागीदारी से देश के विकास के लिए देना चाहिए।  -जयभान सिंह पवैया, उच्च शिक्षा मंत्री मप्र

युवराज मेहनत कर रहा है और वह जल्द टीम में वापसी करेगा। आप युवा हैं। परेशानी से घबराएं नहीं सामना करें।  -शबनम सिंह, युवराज की मां

युवाओं को सोच में बदलाव लाना होगा। सपना बड़ा वही होता है जो दूसरों के लिए देखा जाए। उसे पूरा करने जान लगा दो।  - अशोक वाजपेयी, कवि व आलोचक

सपने वही देखो जो आपको सोने न दे और उन्हें पूरा करने के लिए दिन-रात एक कर दो। यही आपकी सफलता का मंत्र है और आगे बढ़ने का रास्ता।  -रजत शर्मा, पत्रकार

3डी और 6-एस फॉर्मूले से आधुनिक बनेगा भारत

2018 में छोड़ेंगे चंद्रयान-2

इसरो के चेयरमैन डॉ. एएस किरण कुमार ने सिटी रिपोर्टर से चर्चा में कहा कि 2018 में इसरो चंद्रयान-2 भेजेगा। इसके जरिए हमें चंद्रमा की सतह का पता करेंगे कि वह कैसी है। हमारा ध्यान लांचर बढ़ाने पर भी है। अभी हम हर साल 10 से 12 लांचर छोड़ते हैं जो 12 से 18 करने पर ध्यान दिया जा रहा है। एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि इसरो के साथ 500 कंपनी काम कर रही हैं। उन्होंने यह भी कहा कि हर साल इसरो 200 युवाओं को अपॉर्च्युनिटी देता है, ताकि वह देश का भविष्य बन सकें।

एस- स्वच्छ भारत: इससे दुनिया में हमारी छवि बदलेगी।

एस- स्वस्थ भारत: हम स्वस्थ रहेंगे, देश आगे बढ़ेगा।

एस- समर्थ भारत: हम देश को मजबूत कर सकेंगे।

एस- शिक्षित भारत: युवा पढ़ेंगे देश आगे जाएगा।

एस- संपन्न भारत: हर कोई खुशहाल होगा।

एस- सुरक्षित भारत: हर कोई सुरक्षित और बेहतर जीवन जिएगा।

डेमोक्रेसी- किसी भी देश के लिए डेमोक्रेसी का बेहतर होना जरूरी है। इसके लिए युवाओं को पढ़ना होगा साथ ही समझना भी होगा।

डेप्थ- जो हमारा कल्चर है, रिलीजियन और हेरिटेज है उसकी गहराई में हमें जाना होगा ताकि बाहर के लोगों को इसकी जानकारी दे सकें।

डायवर्सिटी- किसी भी देश की मजबूती में विविधता जरूरी है। लेकिन यह मल्टीपल फॉर्म में होना चाहिए। इसमें धार्मिक आधुनिक, आर्थिक शामिल हो।

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