चीन-पाकिसà¥à¤¤à¤¾à¤¨ से टकà¥à¤•र की तैयारी, à¤à¤¯à¤°à¤«à¥‹à¤°à¥à¤¸ के लिठ200 'मेड इन इंडिया' लड़ाकू विमान खरीदेगा à¤à¤¾à¤°à¤¤
à¤à¤¾à¤°à¤¤ और पाकिसà¥à¤¤à¤¾à¤¨ की सरहद पर बढ़े तनाव और चीन के साथ हाल के दिनों में बढ़ी तलà¥à¤–ी के बीच सरकार 200 लड़ाकू विमानों की बड़ी खरीद की तैयारी में है. हालांकि, विदेशी निरà¥à¤®à¤¾à¤¤à¤¾à¤“ं के सामने सरकार ने साफ कर दिया है कि विमान मेड इन इंडिया ही होनी चाहिà¤.
à¤à¤¯à¤°à¤«à¥‹à¤°à¥à¤¸ की ताकत बढ़ाने पर जोर
à¤à¤¯à¤° फोरà¥à¤¸ सूतà¥à¤°à¥‹à¤‚ के अनà¥à¤¸à¤¾à¤° सà¥à¤°à¤•à¥à¤·à¤¾à¤¬à¤²à¥‹à¤‚ के आधà¥à¤¨à¤¿à¤•ीकरण और लड़ाकू कà¥à¤·à¤®à¤¤à¤¾ में तेजी से विसà¥à¤¤à¤¾à¤° के लिठपà¥à¤°à¤¸à¥à¤¤à¤¾à¤µ तैयार किठजा रहे हैं लेकिन मेड इन इंडिया की शरà¥à¤¤ सबसे ऊपर रखी जाà¤à¤—ी. à¤à¤¾à¤°à¤¤ के सामने न केवल पाकिसà¥à¤¤à¤¾à¤¨ बलà¥à¤•ि चीन की à¤à¥€ चà¥à¤¨à¥Œà¤¤à¥€ है à¤à¤¸à¥‡ में मोदी सरकार डिफेंस सेकà¥à¤Ÿà¤° में खरीद और उतà¥à¤ªà¤¾à¤¦à¤¨ को लेकर तेजी से फैसले करना चाहती है.
à¤à¤¯à¤°à¤«à¥‹à¤°à¥à¤¸ के पूरे बेड़े को बदलने की तैयारी
à¤à¤¾à¤°à¤¤ में अब तक जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾à¤¤à¤° लड़ाकू विमान सोवियत संघ रूस से लिठगठहैं. हालांकि, हाल के दिनों में मिग विमान लगातार दà¥à¤°à¥à¤˜à¤Ÿà¤¨à¤¾ के शिकार होते रहे हैं. अब à¤à¤¯à¤°à¤«à¥‹à¤°à¥à¤¸ के बेड़े को पूरी तरह बदलने की तैयारी है. 36 राफेल विमानों के लिठहà¥à¤ˆ डील इस दिशा में à¤à¤• बड़ा कदम है. लेकिन अब सरकार इससे à¤à¥€ आगे जाकर सिंगल इंजन वाले 200 लड़ाकू विमानों की खरीद की तैयारी कर रही है. बस विदेशी कंपनियों के सामने शरà¥à¤¤ ये होगी कि विमान à¤à¤¾à¤°à¤¤ में बने. मोदी सरकार का जोर मेक इन इंडिया पर है. चीन और पाकिसà¥à¤¤à¤¾à¤¨ से मà¥à¤•ाबले के लिठà¤à¤¯à¤°à¤«à¥‹à¤°à¥à¤¸ को पूरी ताकत देने के लिठसरकार बड़ा फैसला लेने जा रही है.
देश में ही करना होगा उतà¥à¤ªà¤¾à¤¦à¤¨
मोदी सरकार चाहती है कि केवल विमान खरीद नहीं जाà¤à¤‚ बलà¥à¤•ि विदेशी कंपनी à¤à¤• इंडियन पारà¥à¤Ÿà¤¨à¤° के साथ मिलकर देश में ही इसका निरà¥à¤®à¤¾à¤£ करे. इसका मकसद à¤à¤•तरफ देश की रकà¥à¤·à¤¾ जरूरतों को पूरा करना है वहीं देश में लड़ाकू विमान निरà¥à¤®à¤¾à¤£ के उदà¥à¤¯à¥‹à¤— को वà¥à¤¯à¤¾à¤ªà¤• पैमाने पर सà¥à¤¥à¤¾à¤ªà¤¿à¤¤ करना à¤à¥€ है

कई विदेशी कंपनियों से बातचीत
इस मामले में कई विदेशी कंपनियों की ओर से सकारातà¥à¤®à¤• पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ à¤à¥€ आई है. लॉकहीद मारà¥à¤Ÿà¤¿à¤¨(Lockheed Martin) कंपनी à¤à¤¾à¤°à¤¤ में अपने F-16 विमान के निरà¥à¤®à¤¾à¤£ के लिठउतà¥à¤ªà¤¾à¤¦à¤¨ ईकाई लगाने को तैयार है. उसकी योजना न केवल à¤à¤¾à¤°à¤¤à¥€à¤¯ सेना के लिठबनाना बलà¥à¤•ि यहां से अनà¥à¤¯ देशों में निरà¥à¤¯à¤¾à¤¤ करने की à¤à¥€ है. इसके अलावा सà¥à¤µà¥€à¤¡à¤¨ की कंपनी 'Saab' ने à¤à¤¾à¤°à¤¤ में उतà¥à¤ªà¤¾à¤¦à¤¨ ईकाई खोलने के लिठपà¥à¤°à¤¸à¥à¤¤à¤¾à¤µ रखा है.
राफेल को लेकर à¤à¥€ हà¥à¤ˆ थी कोशिश
सूतà¥à¤°à¥‹à¤‚ के अनà¥à¤¸à¤¾à¤°, रकà¥à¤·à¤¾ मंतà¥à¤°à¤¾à¤²à¤¯ ने कई कंपनियों को इसके बारे में चिटà¥à¤ ी à¤à¥€ लिखी है. सरकार चाहती है कि कंपनियां सिंगल इंजन लड़ाकू विमान का यहीं उतà¥à¤ªà¤¾à¤¦à¤¨ करें. साथ ही तकनीक हसà¥à¤¤à¤¾à¤‚तरण को à¤à¥€ इसमें बढ़ावा देने की बात कही गई है. à¤à¤¾à¤°à¤¤ की योजना पहले डसॉलà¥à¤Ÿ के साथ मिलकर à¤à¤¾à¤°à¤¤ में डबल इंजन वाले 126 राफेल विमान बनाने की थी लेकिन बातचीत सफल नहीं हो सकी. इसके बाद सरकार ने ततà¥à¤•ाल 36 राफेल विमानों के लिठडील की.
à¤à¤¯à¤°à¤«à¥‹à¤°à¥à¤¸ ने रखी थी सचà¥à¤šà¤¾à¤ˆ
लंबे समय से ये सवाल उठरहा था कि à¤à¤¾à¤°à¤¤ अपनी रकà¥à¤·à¤¾ जरूरतों के हिसाब से निरà¥à¤®à¤¾à¤£ कà¥à¤¯à¥‹à¤‚ नहीं करता. इस दिशा में केवल तेजस जैसे हलà¥à¤•े लड़ाकू विमानों का निरà¥à¤®à¤¾à¤£ देश में होता है. à¤à¤¾à¤°à¤¤à¥€à¤¯ à¤à¤¯à¤°à¤«à¥‹à¤°à¥à¤¸ को 45 ऑपरेशनल सà¥à¤•à¥à¤µà¥‰à¤¡à¥à¤°à¤¨ की जरूरत है लेकिन अà¤à¥€ 32 ही ऑपरेशन हैं. मारà¥à¤š माह में रकà¥à¤·à¤¾ मामलों की संसदीय समिति के सामने वाइस चीफ à¤à¤¯à¤° मारà¥à¤¶à¤² बीà¤à¤¸ धनोवा ने कहा था कि अगर पाकिसà¥à¤¤à¤¾à¤¨ और चीन के साथ à¤à¤• साथ यà¥à¤¦à¥à¤§ की सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ आती है तो à¤à¤¾à¤°à¤¤à¥€à¤¯ वायà¥à¤¸à¥‡à¤¨à¤¾ के पास जरूरी कà¥à¤·à¤®à¤¤à¤¾ का संकट है.