पिता की शहादत के बाद अब पà¥à¤°à¤§à¤¾à¤¨à¤®à¤‚तà¥à¤°à¥€ मोदी ही हैं मेरे पापा: शहीद की बेटी
जमà¥à¤®à¥‚ कशà¥à¤®à¥€à¤° में पाकिसà¥à¤¤à¤¾à¤¨à¥€ सेना के साथ मà¥à¤ à¤à¥‡à¤¡à¤¼ में शहीद हà¥à¤ सीमा सà¥à¤°à¤•à¥à¤·à¤¾ बल के हेड कॉनà¥à¤¸à¥à¤Ÿà¥‡à¤¬à¤² जितेंदà¥à¤° कà¥à¤®à¤¾à¤° सिंह के पारà¥à¤¥à¤¿à¤µ शरीर का शनिवार दोपहर उनके पैतृक गांव सिसवा में अंतिम संसà¥à¤•ार किया गया. पिता के बलिदान के बाद जितेंदà¥à¤° कà¥à¤®à¤¾à¤° सिंह की दो बेटियां और à¤à¤• पà¥à¤¤à¥à¤° ने à¤à¤• सà¥à¤µà¤° में कहा कि अब उनके पिता नहीं रहे तो à¤à¤¸à¥‡ में पà¥à¤°à¤§à¤¾à¤¨à¤®à¤‚तà¥à¤°à¥€ नरेंदà¥à¤° मोदी ही उनके पापा हैं.
'आज तक' से खास बातचीत में शहीद जितेंदà¥à¤° कà¥à¤®à¤¾à¤° सिंह की बड़ी बेटी अरà¥à¤šà¤¨à¤¾ सिंह ने कहा, 'हम चाहते हैं कि पà¥à¤°à¤§à¤¾à¤¨à¤®à¤‚तà¥à¤°à¥€ नरेंदà¥à¤° मोदी हमारी मदद करें ताकि हम à¤à¥€ सीमा सà¥à¤°à¤•à¥à¤·à¤¾ बल में नौकरी करे और पाकिसà¥à¤¤à¤¾à¤¨ से अपने पिता की मौत का बदला ले सके.'
शहीद जितेंदà¥à¤° कà¥à¤®à¤¾à¤° सिंह की बेटी अरà¥à¤šà¤¨à¤¾ ने पà¥à¤°à¤§à¤¾à¤¨à¤®à¤‚तà¥à¤°à¥€ नरेंदà¥à¤° मोदी से गà¥à¤¹à¤¾à¤° लगाई पà¥à¤°à¤§à¤¾à¤¨à¤®à¤‚तà¥à¤°à¥€ खà¥à¤¦ उनके परिवार की सà¥à¤§ लें कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि उनका परिवार काफी गरीब है. अरà¥à¤šà¤¨à¤¾ ने कहा कि उनके पिता की मौत के बाद पà¥à¤°à¤§à¤¾à¤¨à¤®à¤‚तà¥à¤°à¥€ मोदी ही उनके पापा हैं और उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ अपनी बेटियों की देखà¤à¤¾à¤² करनी चाहिà¤. अरà¥à¤šà¤¨à¤¾ सिंह ने कहा, 'हमारा परिवार काफी करीब है. हम चाहते हैं कि पà¥à¤°à¤§à¤¾à¤¨à¤®à¤‚तà¥à¤°à¥€ नरेंदà¥à¤° मोदी हमें आरà¥à¤¥à¤¿à¤• मदद पà¥à¤°à¤¦à¤¾à¤¨ करें ताकि हम à¤à¤• अचà¥à¤›à¥€ जिंदगी जी सके. हमें पà¥à¤°à¤§à¤¾à¤¨à¤®à¤‚तà¥à¤°à¥€ से बहà¥à¤¤ उमà¥à¤®à¥€à¤¦à¥‡à¤‚ हैं.'
वहीं शहीद जितेंदà¥à¤° कà¥à¤®à¤¾à¤° सिंह के 9 वरà¥à¤·à¥€à¤¯ बेटे रोहित कà¥à¤®à¤¾à¤° ने कहा कि पिता जब à¤à¥€ छà¥à¤Ÿà¥à¤Ÿà¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ में आते थे तो उससे कहा करते थे कि कà¤à¥€ जिंदगी में डरना नहीं कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि डर के आगे ही जीत है. रोहित कà¥à¤®à¤¾à¤° ने बताया कि उनके पिता चाहते थे कि उनका बेटा à¤à¥€ सीमा सà¥à¤°à¤•à¥à¤·à¤¾ बल में नौकरी करे और देश की सेवा करे.
रोहित ने कहा कि पापा जब à¤à¥€ आते थे कहते थे इस कà¤à¥€ किसी से डरना नहीं चाहिà¤. मैं चाहता हूं कि मैं à¤à¥€ सीमा सà¥à¤°à¤•à¥à¤·à¤¾ बल में नौकरी करूं और पाकिसà¥à¤¤à¤¾à¤¨ से बदला लूं. शहीद जितेंदà¥à¤° कà¥à¤®à¤¾à¤° की बड़ी बेटी अरà¥à¤šà¤¨à¤¾ दसवीं में पढ़ती है, छोटी बेटी पà¥à¤°à¥€à¤¤à¤¿ सातवीं में और बेटा चौथी ककà¥à¤·à¤¾ में पढ़ाई करता है.