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विरोधियों पर भड़के शिवराज, 'शहीद का बलिदान नहीं दिखता, लानत है ऐसी राजनीति पर'

भोपाल की सेंट्रल जेल से भागे स्टूडेंट्स इस्लामिक मुवमेंट ऑफ इंडिया (सिमी) के आतंकियों के एनकाउंटर के बाद इस पर सियासत शुरू हो गई है। एनकाउंटर पर उठ रहे सवालों को लेकर कई राजनीतिक दलों ने इसके जांच की मांग की है। वहीं प्रदेश के सीएम शिवराज सिंह चौहान ने विपक्षी दलों पर बरसते हुए कहा कैदी जेल से कैसे भागे इसकी जांच एनआईए करेगी, लेकिन एनकाउंटर के जांच की कोई जरूरत नहीं है।

'ऐसी राजनीति की निंदा करता हूं'
जेल से भागे कैदियों के एनकाउंटर पर उठे रहे सवाल के जवाब में सीएम ने कहा कि लोगों को शहीद रमाशंकर सिंह का बलिदान नहीं दिखता। दो शब्द शहीद के लिए भी बोल देते। लानत है ऐसी राजनीति और नेताओं पर। मुख्यमंत्री ने कहा, वे शहीदों के बारे में कुछ नहीं कहेंगे। ये लोग दुर्दांत आतंकवादी थे। ये मारे गए। हमें नहीं पता, ये बाहर जाकर कितना आतंक फैलाते। फिर भी उनका बचाव किया जा रहा है। मैं इस तरह की राजनीति की निंदा करता हूं।

ओवैसी ने उठाए थे सवाल
दरअसल असद्दुदीन ओवैसी ने एनकाउंटर को लेकर कहा था कि आखिर कैदी जेल से भागे कैसे? उनकी जो फोटोज आई हैं, उनमें वे जूते और जींस पहने हुए दिख रहे हैं। क्या जेल में अंडर ट्रायल कैदी को ऐसे रखा जाता है? इसकी जांच होनी चाहिए। ओवैसी ने मांग की थी कि सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में होनी चाहिए। हैदराबाद से सांसद ओवैसी ने कहा कि एसटीएफ और पुलिस चाहती तो जेल से भागने वालों को पकड़ सकती थी। उन पर मुकदमा हो सकता था।

सोमवार से ही एनकाउंटर पर सवाल उठा रहे कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह ने कहा कि न्यपालिका को इस बात की जांच करनी चाहिए कि वे जेल से फरार कैसे हो गए। हमेशा ऐसा ही क्यों होता है कि जो लोग भी जेल से भाग जाते हैं, वे सिमी से जुड़े लोग ही होते हैं।
केंद्रीय गृह राज्यमंत्री किरेन रिजिजू ने इसके जवाब में कहा कि हम लोगों ने संदेह पैदा करने की आदत बना ली है। सच्चाई सामने आ ही जाएगी। मैं किसी भी संभावना को खारिज नहीं कर रहा हूं, लेकिन सिर्फ एक वीडियो क्लिप के आधार पर आप इस तरह संदेह नहीं खड़े कर सकते।

बता दें कि सिमी पर देश में कई जगह आतंकवादी हमले करने का आरोप है, और उसके तालुल्कात पाकिस्तान स्थित आतंकवादी संगठनों से हैं। सिमी पर अमेरिका में हुए 9/11 हमले के बाद प्रतिबंधित कर दिया गया था।

सीएम ने शहीद की अर्धी को दिया कंधा
सीएम शिवराज सिंह चौहान शहीद हेड कॉन्स्टेबल रमाशंकर सिंह के अंतिम संस्कार में शामिल होने के उनके घर पहुंचे। इस दौरान उन्होंने उनके परिजनों को सांत्वना दी और शहीद की अर्थी को कांधा भी दिया। इसके अलावा सीएम ने शहीद के परीजनों को सहायता के रूप में दस लाख रुपये और उनकी बेटी की शादी के लिए पांच लाख रुपये देने की भी घोषणा की।

रविवार रात को लगभग 2 बजे सिमी के आठ सदस्यों ने एक गार्ड को बांध दिया, स्टील की प्लेटों से तैयार किए तीखे हथियार से हेड कॉन्स्टेबल रामशंकर यादव का गला रेत दिया, और चादरों को एक साथ जोड़कर 30 फुट ऊंची दीवार फांद गए। बाद में जेल से लगभग आठ किलोमीटर दूर एक पहाड़ी जंगल वाले इलाके में फरार कैदियों को तलाश कर लिया गया, और मार गिराया गया।

 

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