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दिव्यांगों को किसी प्रकार की असुविधा न हो : प्रबोद सेठ

 à¤•ार्यक्रम की तैयारियों का वरिष्ठ अधिकारियों ने किया निरीक्षण 
ग्वालियर । दिव्यांगों और वृद्धजनों को उपकरण एवं योजनाओं का लाभ देने के उद्देश्य से 11 फरवरी को जीवाजी विश्विद्यालय परिसर में आयोजित उपकरण वितरण शिविर में चिन्हित दिव्यांगों को सामग्री प्राप्त करने में किसी प्रकार की असुविधा न हो। इसके साथ ही दिव्यांगों को लाने-लेजाने और भोजन, पानी की व्यवस्था सुचारू होना चाहिए। कार्यक्रम को भव्य और व्यवस्थित रूप से आयोजित किया जाए। शिविर की सभी व्यवस्थायें 9 फरवरी तक पूर्ण कर ली जाएँ। उक्त निर्देश सामाजिक न्याय विभाग भारत सरकार के संयुक्त सचिव डॉ. प्रबोद सेठ एवं एलिम्को के सीएमडी डी आर सरीन ने कार्यक्रम आयोजन स्थल का निरीक्षण और विभागीय अधिकारियों की बैठक में दिए। 
जीवाजी विश्वविद्यालय परिसर में आयोजित बैठक में कलेक्टर राहुल जैन, पुलिस अधीक्षक डॉ. आशीष, नगर निगम आयुक्तआ विनोद शर्मा, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी शिवम वर्मा, अपर कलेक्टर दिनेश श्रीवास्तव, एडीएम शिवराज वर्मा, एकेव्हीएम के मुख्य कार्यपालन अधिकारी सतेन्द्र सिंह सहित विभागीय अधिकारी उपस्थित थे।  à¤­à¤¾à¤°à¤¤ सरकार के संयुक्त सचिव डॉ. प्रबोद सेठ ने कहा कि राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद के मुख्य आतिथ्य में आयोजित इस शिविर में दिव्यांगों को किसी प्रकार की असुविधा न हो, यह सुनिश्चित किया जाए। दिव्यांगों को शिविर स्थल तक लाने-लेजाने और भोजन, पानी की व्यवस्थायें बेहतर होना चाहिए। दिव्यांगों और उनके साथ आने वाले सहायक को कार्यक्रम स्थल पर व्यवस्थित रूप से बिठाया जाए। इसके साथ ही कार्यक्रम के दौरान सभी चिन्हित हितग्राहियों को उपकरण एवं सामग्री का वितरण व्यवस्थित रूप से हो, इसके लिये पर्याप्त संख्या में वॉलिन्टियरों की तैनाती की जाए। उन्होंने कहा कि कार्यक्रम स्थल पर 21 एलईडी स्क्रीन लगाई जाएँ, ताकि कार्यक्रम स्थल पर उपस्थित सभी लोग सुविधाजनक तरीके से कार्यक्रम देख सकें। 
संयुक्त सचिव डॉ. प्रबोद सेठ ने कहा कि कार्यक्रम की सभी तैयारियाँ 9 फरवरी तक पूर्ण कर ली जाएँ।  9 फरवरी को रिहर्सल प्रात: 9 बजे से और फायनल रिहर्सल 10 फरवरी को दोपहर 2.30 बजे से की जायेगी। जिन अधिकारियों को दिव्यांगजनों को लाने की जिम्मेदारी सौंपी गई है वे अधिकारी सुनिश्चित करें कि 11 फरवरी को प्रात: 9 बजे तक सभी चिन्हित दिव्यांगजन कार्यक्रम स्थल पर उपस्थित हो जाएँ। राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद प्रतीक स्वरूप उपकरण एवं सहायता वितरित करने के पश्चात अगले कार्यक्रम हेतु प्रस्थान करेंगे। उन्होंने कहा कि अतिथियों के जाने के पश्चात शेष सभी दिव्यांगों को उपकरणों का वितरण व्यवस्थित रूप से किया जाए। चिन्हित सभी दिव्यांगों को कार्यक्रम में उपकरणों का वितरण सुनिश्चित किया जाए। 
एलिम्को के सीएमडी डी आर सरीन ने बताया कि एलिम्को की ओर से चिन्हित सभी दिव्यांगों के लिये सामग्री उपलब्ध कराई जायेगी। संस्था की ओर से 9 फरवरी को ही सभी सामग्री प्रदाय कर दी जायेगी। इस सामग्री का वितरण सेक्टरवार किया जाना है। इसके लिये एलिम्को की ओर से वितरण हेतु व्यवस्थायें की गई हैं। वितरण व्यवस्था में लगे वॉलिन्टियरों के समन्वय से सामग्री का वितरण सुनिश्चित किया जाए। सरीन ने बताया कि शिविर स्थल पर नए दिव्यांगों का पंजीयन एवं परीक्षण भी किया जायेगा। इस पंजीयन और परीक्षण के उपरांत जिन दिव्यांगों को उपकरण वितरण किया जाना हैं, उन्हें एलिम्को के माध्यम से आगामी तिथि निर्धारित कर वितरण की व्यवस्था की जायेगी। कलेक्टर राहुल जैन ने बताया कि इस मेगा शिविर में 4 हजार 271 दिव्यांगों व वृद्धजनों को लगभग 2 करोड़ 90 लाख लागत के 8 हजार 108 कृत्रिम अंग व सहायता उपकरण मुहैया कराए जायेंगे। साथ ही लगभग 1400 दिव्यांगों को रोजगार व स्वरोजगार एवं नौकरी के प्रमाण-पत्र भी मिलेंगे। 
उन्होंने बताया कि रेसकोर्स सोसायटी हरियाणा, एलिम्को, सामाजिक न्याय और जिला प्रशासन के सहयोग से इस शिविर को भव्यता प्रदान की गई है। इस शिविर में केन्द्र व राज्य सरकार के अनुरूप दिवयांगों को सरकार की समस्त योजनाओं का लाभ दिलाने के मकसद से ग्वालियर जिले में दिव्यांग मित्र अभियान चलाया जा रहा है। दिव्यांग मित्र अभियान के तहत ही यह शिविर जिला प्रशासन, रेडक्रॉस सोसायटी हरियाणा एवं एलिम्को (कृत्रिम अंग निर्माण निगम जबलपुर) की संयुक्त  à¤­à¤¾à¤—ीदारी से आयोजित हो रहा है। एलिम्को के अधिकारियों के मुताबिक ग्वालियर में राष्ट्रपति के मुख्य आतिथ्य में होने जा रहा यह शिविर संभवत: देश का पहला सामाजिक अधिकारिता शिविर है। कलेक्टर राहुल जैन ने बताया कि मेगा शिविर से पहले ग्वालियर जिले में खण्ड स्तर से लेकर ग्वालियर नगर निगम स्तर तक अलग-अलग स्थानों पर परीक्षण शिविर लगाए गए। इन शिविरों में एलिम्को की टीम द्वारा दिव्यांग व वृद्धजनों को सहायता उपकरण व कृत्रिम अंग के लिये चिन्हित किया गया। साथ ही जिले में दिव्यांगों को रोजगार, स्वरोजगार व निजी कंपनियों द्वारा नौकरी देने के लिये रोजगार मेले भी लगाए गए। 

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