सरà¥à¤µà¥‡ में सिंधिया à¤à¤¾à¤°à¥€ ,दिगà¥à¤µà¤¿à¤œà¤¯ की पसंद कमलनाथ
à¤à¥‹à¤ªà¤¾à¤²à¥¤ विधानसà¤à¤¾ चà¥à¤¨à¤¾à¤µ 2018 जैसे-जैसे नजदीक आ रहे हैं, कांगà¥à¤°à¥‡à¤¸ में नेतृतà¥à¤µ के मà¥à¤¦à¥à¤¦à¥‡ पर पारà¥à¤Ÿà¥€ के à¤à¥€à¤¤à¤° और बाहर गहमा-गहमी बà¥à¤¤à¥€ जा रही है।
तमाम सरà¥à¤µà¥‡ और जन मानस à¤à¤²à¥‡ ही सांसद जà¥à¤¯à¥‹à¤¤à¤¿à¤°à¤¾à¤¦à¤¿à¤¤à¥à¤¯ सिंधिया को मजबूत मान रहा हो, लेकिन उनके नाम पर इतनी आसानी से पारà¥à¤Ÿà¥€ में आम सहमति बनने के आसार नहीं दिख रहे। उनके चेहरा पà¥à¤°à¥‹à¤œà¥‡à¤•à¥à¤Ÿ होने की डगर में कि बाधाà¤à¤‚ हाईकमान तक पार नहीं पा रहा हैं। अà¤à¥€ करà¥à¤¨à¤¾à¤Ÿà¤• चà¥à¤¨à¤¾à¤µ तक तो कà¥à¤› à¤à¥€ होते नहीं दिख रहा।विधानसà¤à¤¾ चà¥à¤¨à¤¾à¤µ को लेकर पिछले दिनों जो सरà¥à¤µà¥‡ हà¥à¤ उनमें सिंधिया को जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ पसंद किया गया। यह और बात है कि à¤à¤¾à¤µà¥€ चेहरे को लेकर पारà¥à¤Ÿà¥€ अलग-अलग धड़ों में बंटी हà¥à¤ˆ है। à¤à¤• समूह चाहता है कि सिंधिया को नेता पà¥à¤°à¥‹à¤œà¥‡à¤•à¥à¤Ÿ किठजाने का लाठमिलेगा। इसके पीछे जो तरà¥à¤• दिठजा रहे हैं वे खारिज नहीं किठजा सकते।कांगà¥à¤°à¥‡à¤¸ की राजनीति से करीब छह महीने से दूर रहने वाले पूरà¥à¤µ मà¥à¤–à¥à¤¯à¤®à¤‚तà¥à¤°à¥€ दिगà¥à¤µà¤¿à¤œà¤¯ सिंह अब अगले सपà¥à¤¤à¤¾à¤¹ से सकà¥à¤°à¤¿à¤¯ à¤à¥‚मिका में आà¤à¤‚गे। विधानसà¤à¤¾ चà¥à¤¨à¤¾à¤µ 2018 में उनकी à¤à¥‚मिका à¤à¥€ महतà¥à¤µà¤ªà¥‚रà¥à¤£ रहेगी। वे कई बार कह चà¥à¤•े हैं कि मà¥à¤–à¥à¤¯à¤®à¤‚तà¥à¤°à¥€ के रूप में कमलनाथ बेहतर पसंद हो सकते हैं। मगर साथ ही वे यह à¤à¥€ कहते हैं कि यह अधिकार कà¥à¤·à¥‡à¤¤à¥à¤° हाईकमान है।पà¥à¤°à¤¦à¥‡à¤¶ कांगà¥à¤°à¥‡à¤¸ अधà¥à¤¯à¤•à¥à¤· अरà¥à¤£ यादव और नेता पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤ªà¤•à¥à¤· अजय सिंह ने à¤à¤•साथ पà¥à¤°à¤¦à¥‡à¤¶ में दौरे शà¥à¤°à¥‚ करने के लिठनà¥à¤¯à¤¾à¤¯ यातà¥à¤°à¤¾ का सहारा लिया है। ये यातà¥à¤°à¤¾ हाल ही तय की गई हैं और इन यातà¥à¤°à¤¾à¤“ं में अरà¥à¤£ व अजय रायसेन से à¤à¥‹à¤ªà¤¾à¤² के बाद धार और फिर विंधà¥à¤¯ कà¥à¤·à¥‡à¤¤à¥à¤° में पहà¥à¤‚चेंगे।