à¤à¤¾à¤°à¤¤ की संसà¥à¤•ृति और लोक जीवन में है आनंद की बहà¥à¤²à¤¤à¤¾
मà¥à¤–à¥à¤¯à¤®à¤‚तà¥à¤°à¥€ शà¥à¤°à¥€ चौहान दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ “लोक मंथन” पà¥à¤°à¤¦à¤°à¥à¤¶à¤¨à¥€ का शà¥à¤à¤¾à¤°à¤‚à¤
मà¥à¤–à¥à¤¯à¤®à¤‚तà¥à¤°à¥€ शà¥à¤°à¥€ शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि à¤à¤¾à¤°à¤¤ की संसà¥à¤•ृति और लोक जीवन में आनंद की बहà¥à¤²à¤¤à¤¾ और अपनी परंपराओं से à¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾à¤¤à¥à¤®à¤• लगाव है। पशà¥à¤šà¤¿à¤®à¥€à¤•रण की अंधà¤à¤•à¥à¤¤à¤¿ के कारण आधà¥à¤¨à¤¿à¤• जीवन आनंद और जीवनà¥à¤¤à¤¤à¤¾ से विमà¥à¤– हो गया है। शà¥à¤°à¥€ चौहान आज यहाठविधानसà¤à¤¾ परिसर में 12 नवमà¥à¤¬à¤° से शà¥à¤°à¥‚ हो रहे तीन दिवसीय “लोक मंथन” कारà¥à¤¯à¤•à¥à¤°à¤® के अंतरà¥à¤—त पà¥à¤°à¤¦à¤°à¥à¤¶à¤¨à¥€ का शà¥à¤à¤¾à¤°à¤‚ठकर रहे थे। आयोजन संसà¥à¤•ृति विà¤à¤¾à¤—, पà¥à¤°à¤œà¥à¤žà¤¾ पà¥à¤°à¤µà¤¾à¤¹ और à¤à¤¾à¤°à¤¤ à¤à¤µà¤¨ के सहयोग से हो रहा है। लोक मंथन में “राषà¥à¤Ÿà¥à¤° सरà¥à¤µà¥‹à¤ªà¤°à¤¿” के दरà¥à¤¶à¤¨ में विशà¥à¤µà¤¾à¤¸ रखने वाले मूरà¥à¤§à¤¨à¥à¤¯ विचारक à¤à¤¾à¤— ले रहे हैं।
मà¥à¤–à¥à¤¯à¤®à¤‚तà¥à¤°à¥€ ने कहा कि à¤à¤¾à¤°à¤¤ à¤à¤• महान à¤à¤µà¤‚ पà¥à¤°à¤¾à¤šà¥€à¤¨ राषà¥à¤Ÿà¥à¤° है। पाà¤à¤š हजार सालों का इसका जà¥à¤žà¤¾à¤¤ इतिहास है। जब à¤à¤¾à¤°à¤¤ की सà¤à¥à¤¯à¤¤à¤¾ चरमोतà¥à¤•रà¥à¤· पर थी तब कई राषà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‹à¤‚ का जनà¥à¤® à¤à¥€ नहीं हà¥à¤† था। तकà¥à¤·à¤¶à¤¿à¤²à¤¾ और नालंदा जैसे विशà¥à¤µà¤µà¤¿à¤¦à¥à¤¯à¤¾à¤²à¤¯ यहाठअसà¥à¤¤à¤¿à¤¤à¥à¤µ में थे।
शà¥à¤°à¥€ चौहान ने कहा कि à¤à¤¾à¤°à¤¤ की लोक संसà¥à¤•ृति की बà¥à¤¨à¤¾à¤µà¤Ÿ परंपराओं à¤à¤µà¤‚ जीवन मूलà¥à¤¯à¥‹à¤‚ से हà¥à¤ˆ है। यह अदà¤à¥à¤¤, अनूठी और विविधतापूरà¥à¤£ है। उनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने कहा कि दà¥à¤¨à¤¿à¤¯à¤¾ के विकसित देशों ने à¤à¥Œà¤¤à¤¿à¤• पà¥à¤°à¤—ति की लेकिन जीवन का आनंद खो बैठे। केवल पशà¥à¤šà¤¿à¤® की सोच, सà¤à¥à¤¯à¤¤à¤¾ और संसà¥à¤•ृति का पालन करना गलत है। उनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने कहा कि à¤à¤¾à¤°à¤¤à¥€à¤¯ लोक जीवन सकारातà¥à¤®à¤•ता और जीवनà¥à¤¤à¤¤à¤¾ से समृदà¥à¤§ है। यह वरà¥à¤¤à¤®à¤¾à¤¨ में विशà¥à¤µà¤¾à¤¸ करता है। इसका अपना जीवन दरà¥à¤¶à¤¨ है। अपनी जीवन दृषà¥à¤Ÿà¤¿ है और उतà¥à¤¸à¤µà¤§à¤°à¥à¤®à¤¿à¤¤à¤¾ है। यहाठमृतà¥à¤¯à¥ का à¤à¥€ उतà¥à¤¸à¤µ मनाया जाता है।
शà¥à¤°à¥€ चौहान ने कहा कि ‘लोक मंथन’ में जो विचार मंथन होगा उसे राजà¥à¤¯ सरकार आगे बà¥à¤¾à¤¨à¥‡ का काम करेगी। पà¥à¤°à¤®à¥à¤– सचिव संसà¥à¤•ृति शà¥à¤°à¥€ मनोज शà¥à¤°à¥€à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¤à¤µ ने लोक मंथन कारà¥à¤¯à¤•à¥à¤°à¤® à¤à¤µà¤‚ पà¥à¤°à¤¦à¤°à¥à¤¶à¤¨à¥€ की अवधारणा की जानकारी दी।
विधानसà¤à¤¾ अधà¥à¤¯à¤•à¥à¤· शà¥à¤°à¥€ सीतासरण शरà¥à¤®à¤¾ à¤à¤µà¤‚ मà¥à¤–à¥à¤¯à¤®à¤‚तà¥à¤°à¥€ शà¥à¤°à¥€ चौहान और उनकी धरà¥à¤®à¤ªà¤¤à¥à¤¨à¥€ शà¥à¤°à¥€à¤®à¤¤à¥€ साधनासिंह ने वागà¥à¤¦à¥‡à¤µà¥€ की पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤®à¤¾ के समकà¥à¤· पारंपरिक कलश की सà¥à¤¥à¤¾à¤ªà¤¨à¤¾ कर दीप पà¥à¤°à¤œà¥à¤µà¤²à¤¿à¤¤ किया और जनजातीय पारंपरिक अनà¥à¤·à¥à¤ ान के अनà¥à¤¸à¤¾à¤° तà¥à¤²à¤¸à¥€ पूजा की। इस अवसर पर सांसद शà¥à¤°à¥€ आलोक संजर, राषà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥€à¤¯ सà¥à¤µà¤¯à¤‚सेवक संघ के सह सरकारà¥à¤¯à¤µà¤¾à¤¹ शà¥à¤°à¥€ दतà¥à¤¤à¤¾à¤¤à¥à¤°à¥‡à¤¯ होसबोले, पà¥à¤°à¤œà¥à¤žà¤¾ पà¥à¤°à¤µà¤¾à¤¹ के शà¥à¤°à¥€ सदानंद सपà¥à¤°à¥‡ उपसà¥à¤¥à¤¿à¤¤ थे।
कà¥à¤¯à¤¾ है अनूठी पà¥à¤°à¤¦à¤°à¥à¤¶à¤¨à¥€ में ?
‘‘लोकमंथन’’ के आयोजन सà¥à¤¥à¤² विधानसà¤à¤¾ परिसर में लगाई गई पà¥à¤°à¤¦à¤°à¥à¤¶à¤¨à¥€ कई अरà¥à¤¥à¥‹à¤‚ में अनोखी है। पà¥à¤°à¤¦à¤°à¥à¤¶à¤¨à¥€ को à¤à¤¾à¤°à¤¤à¥€à¤¯ परमà¥à¤ªà¤°à¤¾, संसà¥à¤•ृति, परà¥à¤¯à¤¾à¤µà¤°à¤£, कला और जनजातीय जीवन के पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤¬à¤¿à¤®à¥à¤¬ के रूप में तैयार किया गया है। यह पà¥à¤°à¤¦à¤°à¥à¤¶à¤¨à¥€ आम लोगों के लिये तीनों दिन खà¥à¤²à¥€ रहेगी।
पà¥à¤°à¤¦à¤°à¥à¤¶à¤¨à¥€ पà¥à¤°à¥à¤· (मानव), पà¥à¤°à¤•ृति और à¤à¤¾à¤°à¤¤à¥€à¤¯ परमà¥à¤ªà¤°à¤¾ की तà¥à¤°à¤¿à¤µà¥‡à¤£à¥€ है। पà¥à¤°à¤¦à¤°à¥à¤¶à¤¨à¥€ सà¥à¤¥à¤² को आठà¤à¤¾à¤—ों में विà¤à¤¾à¤œà¤¿à¤¤ किया गया है। मधà¥à¤¯ में बà¥à¤°à¤®à¥à¤¹ सà¥à¤¥à¤¾à¤¨ है, पानी के बीच में कमल खिले हà¥à¤ हैं। पà¥à¤°à¤¦à¤°à¥à¤¶à¤¨à¥€ में चितà¥à¤°à¥‹à¤‚ के साथ जनजातीय परमà¥à¤ªà¤°à¤¾, कला और संसà¥à¤•ृति को à¤à¥€ दरà¥à¤¶à¤¾à¤¯à¤¾ गया है। सà¥à¤¥à¤² पर पà¥à¤°à¤µà¥‡à¤¶ करते ही अरà¥à¤¶ का à¤à¤¾à¤— है, जिसमें सनातन संसà¥à¤•ृति से जà¥à¥œà¥‡ हà¥à¤ चितà¥à¤°à¥‹à¤‚ को पà¥à¤°à¤¦à¤°à¥à¤¶à¤¿à¤¤ किया गया है।
दूसरे हिसà¥à¤¸à¥‡ में शबà¥à¤¦ पर केनà¥à¤¦à¥à¤°à¤¿à¤¤ चितà¥à¤° हैं। शबà¥à¤¦à¥‹à¤‚ का महतà¥à¤µ दरà¥à¤¶à¤¾à¤¯à¤¾ गया है। तीसरा हिसà¥à¤¸à¤¾ सà¥à¤¥à¤¾à¤ªà¤¨à¤¾ का है, जिमसें धरà¥à¤®, विजà¥à¤žà¤¾à¤¨, संसà¥à¤•ृति और अनà¥à¤¯ विषयों को समà¤à¤¾à¤¯à¤¾ गया है। चौथा à¤à¤¾à¤— उतà¥à¤¸à¤µ पर केनà¥à¤¦à¥à¤°à¤¿à¤¤ है। जीवन में उतà¥à¤¸à¤µ की परमà¥à¤ªà¤°à¤¾ को à¤à¥€ यहाठपà¥à¤°à¤¦à¤°à¥à¤¶à¤¿à¤¤ किया गया है, जिसमें जनà¥à¤®à¥‹à¤¤à¥à¤¸à¤µ से लेकर मृतà¥à¤¯à¥ तक की यातà¥à¤°à¤¾ का विवरण है। पाà¤à¤šà¤µà¥‡à¤‚ à¤à¤¾à¤— में शौरà¥à¤¯ को जीवन की रकà¥à¤·à¤¾ के लिठमहतà¥à¤µà¤ªà¥‚रà¥à¤£ बताया गया है। छठवाठहिसà¥à¤¸à¤¾ विसरà¥à¤œà¤¨ का है। लोक परमà¥à¤ªà¤°à¤¾ शिलà¥à¤ª में नरà¥à¤®à¤¦à¤¾ नदी की उतà¥à¤ªà¤¤à¥à¤¤à¤¿ से समà¥à¤¬à¤¨à¥à¤§à¤¿à¤¤ कहानी को चितà¥à¤° के रूप में दरà¥à¤¶à¤¾à¤¯à¤¾ गया है।