Homeदेश विदेश ,slider news,
1000-500 का नोट बैन इनके ठेंगे पर, काला धन सफेद करने को ये ट्रिक अपना रहे लोग

जिसके पास अधिक काला धन है, वह उसे ब्‍लैक से व्‍हाइट करने का तरीका निकाल रहा है। कोई लाखों-करोड़ों रुपये का सोना खरीद रहा है तो कोई हजारों रुपये खर्च कर ट्रेन की टिकट खरीद रहा है। जिसको जैसा तरीका मालूम पड़ रहा है वो उसी को अपनाकर काले धन को व्‍हाइट करने में लगा हुआ है।

ट्रिक नम्‍बर एक

कम काला धन रखने वाले कुछ लोगों ने पेट्रोल पम्‍प को भी ब्‍लैक से व्‍हाइट करने का एक जरिया à¤¬à¤¨à¤¾ लिया है। 11 नवम्‍बर की रात तक पेट्रोल पम्‍प संचालकों को छूट है कि वह 500 और 1000 रुपये के नोट ले सकते हैं। सूत्रों की मानें तो कुछ पेट्रोल पम्‍प संचालकों ने इसी का फायदा उठाते हुए 10 से 15 प्रतिशत के कमीशन पर 500 और 1000 रुपये के नोट को सौ-सौ के नोट में बदलना शुरू कर दिया है।

ट्रिक नम्‍बर दो

हद तो तब हो गई जब कालेधन के रूप में मौजूद छोटी रकम को व्‍हाइट करने के लिए लोग रेलवे स्‍टेशन पहुंच गए। 15 दिन से 20 बाद की लम्‍बी दूरी की टिकटें बुक करा दीं। उन्‍हें इस बात से कोई मतलब नहीं था कि टिकट वेटिंग की है या कन्‍फर्म। क्‍योंकि उन्‍हें यात्रा तो करनी नहीं है। जब बाजार में नोट का मामला ठीक हो जाएगा तो बुक कराई गई टिकटों को कैंसिल कराकर नए नोट हासिल कर लेंगे। लेकिन यहां भी सरकार ने चाबुक चला दिया और 10 हजार से अधिक के रिफांड को चेक द्वारा देने की शर्त लगा दी है। वहीं इसी तरह से एयर लाइंस में भी करोड़ों रुपये की एडवांस टिकट बुक कराई गई हैं।

ट्रिक नम्‍बर तीन

नोटों की इस अफरा-तफरी में सूदखोरों की भी मौज आ गई। अचानक से बड़े रुपये वालों ने उन्‍हें अपने दरबार में बुला लिया। ऑफर दिया कि उन्‍हें 10 प्रतिशत कमीशन दिया जाएगा। बदले में जितना हो सके लोगों को ब्‍याज पर रकम बांटकर 500-1000 के पुराने नोटों को ठिकाने लगा दें। जिसके बाद हाल यह है कि गली-मोहल्‍ले में बैठे सूदखोर पहले से कम ब्‍याज पर रुपया बांट रहे हैं।

ट्रिक नम्‍बर चार

ब्‍लैक मनी को व्‍हाइट करने और सौ रुपये का नोट पाने की जुगाड़ में भला सरकारी विभागों के अधिकारी पीछे कैसे रहते। बात अगर रोडवेज और बिजली विभाग की करें तो कहा जा रहा है कि बड़े अधिकारियों ने मौखिक आदेश जारी कर दिया है कि जनता की ओर से आने वाले छोटे नोट बैंक में कतई जमा नहीं कराएं। बस में यात्रा के दौरान यात्री कंडक्‍टर से टिकट खरीदते हैं, उसे किराए के रुपये भी देते हैं। इसी रकम को कंडक्‍टर शाम या रात को डिपो में जाकर जमा कराता है। कुछ इसी तरह का हाल बिजली विभाग का भी है।

ट्रिक नम्‍बर पांच

कुछ फैक्‍ट्री मालिकों और बड़े व्‍यापारियों ने अपने स्‍टाफ को एडवांस सेलरी देना शुरू कर दिया है। स्‍टाफ को बुला-बुलाकर सेलरी दी जा रही है। इतना ही नहीं जिस व्‍यापारी या फैक्‍ट्री मालिक का जहां से उधार माल आता है उसकी तय वक्‍त से पहले उधारी चुकाना शुरू कर दिया है।

ट्रिक नम्‍बर छह

देर रात तक ज्‍वैलर्स की दुकान पर खासी भीड़ देखी जा रही है। पांच-दस और 20 लाख रुपये वाले तो शोरूम पर जाकर सोना खरीद रहे हैं, लेकिन लाखों-करोड़ों रुपये में सोना खरीदने वाले सर्राफा वालों संग शर्ते तय कर खरीदारी कर रहे हैं। ऐसे लोगों को दुकान आने तक की जहमत नहीं उठानी पड़ रही है। लेकिन इस पर सरकार की नजर भी है। यही वजह है कि केन्‍द्र सरकार ने आयकर विभाग को सक्रिय कर दिया। पैन कार्ड के इस्‍तेमाल में कोई भी समझौता न करने की बात कही है।

ट्रिक नम्‍बर सात

अफरा-तफरी के बीच बाजारों में एक गिरोह ऐसा भी सक्रिय हो गया है जो मोटे कमीशन पर कितनी भी बड़ी रकम को ब्‍लैक से व्‍हाइट में करवाने को तैयार है। इतना ही नहीं देश के किसी भी कोने में आप व्‍हाइट मनी ले सकते हैं। लेकिन शर्त यह है कि आपको तय रकम पर कमीशन के रूप में 25 प्रतिशत देना होगा।

Share This News :