सनातन धरà¥à¤® ही राषà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥€à¤¯ असà¥à¤®à¤¿à¤¤à¤¾ है – राजà¥à¤¯à¤ªà¤¾à¤² शà¥à¤°à¥€ ओमपà¥à¤°à¤•ाश कोहली
à¤à¤¾à¤°à¤¤à¥€à¤¯ असà¥à¤®à¤¿à¤¤à¤¾ दैनंदिन कारà¥à¤¯à¥‹à¤‚ में अà¤à¤¿à¤µà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤ होना चाहिये – शà¥à¤°à¥€ सà¥à¤°à¥‡à¤¶ सोनी
à¤à¤‚डारण और संचय की पà¥à¤°à¤µà¥ƒà¤¤à¥à¤¤à¤¿ उचित नहीं - सà¥à¤µà¤¾à¤®à¥€ शà¥à¤°à¥€ अवधेशानंद गिरि
तीन दिवसीय राषà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥€à¤¯ विमरà¥à¤¶ "लोक मंथन'' शà¥à¤°à¥‚
राजà¥à¤¯à¤ªà¤¾à¤² शà¥à¤°à¥€ ओमपà¥à¤°à¤•ाश कोहली ने कहा है कि सनातन धरà¥à¤® ही राषà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥€à¤¯ असà¥à¤®à¤¿à¤¤à¤¾ है। यह सारà¥à¤µà¤à¥Œà¤®à¤¿à¤• और शाशà¥à¤µà¤¤ होती है। इसे आधà¥à¤¨à¤¿à¤• संदरà¥à¤à¥‹à¤‚ में परिà¤à¤¾à¤·à¤¿à¤¤ और अà¤à¤¿à¤µà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤ करना होगा। वे आज यहाठ'राषà¥à¤Ÿà¥à¤° सरà¥à¤µà¥‹à¤ªà¤°à¤¿' विचारकों और करà¥à¤®à¤¶à¥€à¤²à¥‹à¤‚ के तीन दिवसीय ‘लोक मंथन’ कारà¥à¤¯à¤•à¥à¤°à¤® के शà¥à¤à¤¾à¤°à¤‚ठसतà¥à¤° को संबोधित कर रहे थे। कारà¥à¤¯à¤•à¥à¤°à¤® संसà¥à¤•ृति विà¤à¤¾à¤—, à¤à¤¾à¤°à¤¤ à¤à¤µà¤¨ और पà¥à¤°à¤œà¥à¤žà¤¾ पà¥à¤°à¤µà¤¾à¤¹ दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ आयोजित किया गया।
शà¥à¤°à¥€ कोहली ने कहा कि उपनिवेशवादी मानसिकता आज बाजार, उतà¥à¤ªà¤¾à¤¦à¥‹à¤‚, जीवन-शैली और à¤à¥‚मंडलीकरण के रूप में उपसà¥à¤¥à¤¿à¤¤ है। इससे निपटने के लिये सà¥à¤µà¤¦à¥‡à¤¶à¥€ आंदोलन की जरूरत है। उनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने कहा कि यदि राषà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥€à¤¯ असà¥à¤®à¤¿à¤¤à¤¾ मजबूत है, तो औपनिवेशवादी मानसिकता का कोई à¤à¥€ पà¥à¤°à¤•ार या सà¥à¤µà¤°à¥‚प नà¥à¤•सान नहीं पहà¥à¤à¤šà¤¾ सकता। उनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने कहा कि राषà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥€à¤¯ असà¥à¤®à¤¿à¤¤à¤¾ और सनातन धरà¥à¤® शाशà¥à¤µà¤¤ होने के बावजूद धूमिल पड़ सकते हैं। इसे समय-समय पर साफ करने की जरूरत है।
शà¥à¤°à¥€ कोहली ने कहा कि à¤à¤¾à¤°à¤¤ में मà¥à¤—लों के आकà¥à¤°à¤®à¤£ के बाद à¤à¥€ à¤à¤¾à¤°à¤¤ के लोक ने राषà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥€à¤¯ असà¥à¤®à¤¿à¤¤à¤¾ को बिखरने नहीं दिया लेकिन अंगà¥à¤°à¥‡à¤œà¥€ शासन ने इस पर गहरा आधात किया। à¤à¤•à¥à¤¤à¤¿ आंदोलन ने à¤à¤¾à¤°à¤¤ की सांसà¥à¤•ृतिक पहचान को बनाये रखा। उनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने कहा कि मà¥à¤—ल शासन के बावजूद हिजà¥à¤°à¥€ संवत सà¥à¤µà¥€à¤•ार नहीं किया। आज राषà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥€à¤¯ असà¥à¤®à¤¿à¤¤à¤¾ के संरकà¥à¤·à¤£ की जरूरत है। इसे जन-मानस के आचार-विचार में अà¤à¤¿à¤µà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤ होना चाहिये।
राषà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥€à¤¯ सà¥à¤µà¤¯à¤‚सेवक संघ के सह-सरकारà¥à¤¯à¤µà¤¾à¤¹ शà¥à¤°à¥€ सà¥à¤°à¥‡à¤¶ सोनी ने अपने बीज वकà¥à¤¤à¤µà¥à¤¯ 'राषà¥à¤Ÿà¥à¤° की लोकाà¤à¤¿à¤µà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿'' में कहा कि à¤à¤¾à¤°à¤¤ की असà¥à¤®à¤¿à¤¤à¤¾ को दैनंदिन कारà¥à¤¯à¥‹à¤‚ और हर विषय में अà¤à¤¿à¤µà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤ होना चाहिये। उनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने कहा कि à¤à¤• से अनेक होने और फिर अनेक से à¤à¤• बने रहने की मूल à¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾ और दरà¥à¤¶à¤¨ à¤à¤¾à¤°à¤¤à¥€à¤¯ जीवन में अà¤à¤¿à¤µà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤ हà¥à¤† है। इसी से औपनिवेशिक दà¥à¤·à¥à¤ªà¤°à¤¿à¤£à¤¾à¤® से मà¥à¤•à¥à¤¤à¤¿ मिलेगी। उनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने राषà¥à¤Ÿà¥à¤° और नेशन के अंतर को समà¤à¤¾à¤¤à¥‡ हà¥à¤ बताया कि à¤à¤¾à¤°à¤¤ ने à¤à¤• राषà¥à¤Ÿà¥à¤° के रूप में दूसरों को जà¥à¤žà¤¾à¤¨ और कौशल देकर समृदà¥à¤§ किया। आज à¤à¤¾à¤°à¤¤à¥€à¤¯ असà¥à¤®à¤¿à¤¤à¤¾ के माधà¥à¤¯à¤® से बदलाव की पà¥à¤°à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ का उपकरण अपनाने की जरूरत है। à¤à¤¾à¤°à¤¤ à¤à¤• है और अखंड है कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि यहाठकी असà¥à¤®à¤¿à¤¤à¤¾à¤“ं में समनà¥à¤µà¤¯ रहा है।
जूना अखाड़ा के महामंडलेशà¥à¤µà¤° सà¥à¤µà¤¾à¤®à¥€ शà¥à¤°à¥€ अवधेशानंद गिरि ने कहा कि विजà¥à¤žà¤¾à¤¨ ने नींद छीन ली ओर मानसिक चेतना कà¥à¤‚द हà¥à¤ˆ है। शासà¥à¤¤à¥à¤°à¥‹à¤‚ में कहा गया है कि मन की चिंता करो। à¤à¤¾à¤°à¤¤à¥€à¤¯ ऋषियों ने मन की चिंता की, पदारà¥à¤¥ की नहीं। पशà¥à¤šà¤¿à¤® के लिये विशà¥à¤µ à¤à¤• बाजार है जबकि à¤à¤¾à¤°à¤¤à¥€à¤¯ दरà¥à¤¶à¤¨ और धारà¥à¤®à¤¿à¤• परंपराओं में विशà¥à¤µ को परिवार माना गया है। उनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने कहा कि à¤à¥‹à¤— की पà¥à¤°à¤µà¥ƒà¤¤à¥à¤¤à¤¿à¤¯à¤¾à¤ बॠरही हैं। à¤à¤‚डारण और संचय की पà¥à¤°à¤µà¥ƒà¤¤à¥à¤¤à¤¿ उचित नहीं है। उनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने आरà¥à¤¥à¤¿à¤• कà¥à¤·à¥‡à¤¤à¥à¤° में लिये गये हाल के निरà¥à¤£à¤¯ के संदरà¥à¤ में कहा कि इससे संगà¥à¤°à¤¹ की पà¥à¤°à¤µà¥ƒà¤¤à¥à¤¤à¤¿ पर रोक लगेगी। यह निरà¥à¤£à¤¯ à¤à¤¾à¤°à¤¤ में बड़ा परिवरà¥à¤¤à¤¨ लाने वाला है। देश का बड़ा रूपांतरण होगा। उनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने कहा कि राषà¥à¤Ÿà¥à¤° का नागरिक होने के नाते यह à¤à¥€ याद रखने की जरूरत है कि समाज का à¤à¥€ ऋण है, इसे चà¥à¤•ाना होगा। उनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने कहा कि वरà¥à¤¤à¤®à¤¾à¤¨ समय में अधिकारों के पà¥à¤°à¤¤à¤¿ जागरूकता आई है लेकिन करà¥à¤¤à¥à¤¤à¤µà¥à¤¯à¥‹à¤‚ के पà¥à¤°à¤¤à¤¿ उदासीनता à¤à¥€ बà¥à¥€ है। उनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने कहा कि लोक-मानस को पवितà¥à¤° रखने का संकलà¥à¤ª लेना होगा। अचà¥à¤›à¤¾ और बड़ा दिखने की पà¥à¤°à¤µà¥ƒà¤¤à¥à¤¤à¤¿ बॠरही है। अचà¥à¤›à¤¾ और बड़ा बनने पर जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ देना à¤à¥€ जरूरी है।
मà¥à¤–à¥à¤¯à¤®à¤‚तà¥à¤°à¥€ शà¥à¤°à¥€ चौहान दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ बनाये गये आनंद मंतà¥à¤°à¤¾à¤²à¤¯ के संदरà¥à¤ में उनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने कहा कि पदारà¥à¤¥ से आनंद नहीं मिलता। जब तक पà¥à¤°à¤•ृति, अपने मूल और निजता में नहीं लौटेंगे, खà¥à¤¶à¥€ नहीं मिलेगी। आतà¥à¤®à¤¾à¤¨à¥à¤à¥‚ति जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ जरूरी है। उनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने कहा कि लोक मंथन में शासक, पà¥à¤°à¤¶à¤¾à¤¸à¤• और उपासक को à¤à¤• मंच पर लाने के लिये शà¥à¤°à¥€ चौहान ने राजा हरà¥à¤·à¤µà¤°à¥à¤§à¤¨ और विकà¥à¤°à¤®à¤¾à¤¦à¤¿à¤¤à¥à¤¯ की परंपरा निà¤à¤¾à¤¯à¥€ है।
राजà¥à¤¯à¤¸à¤à¤¾ सदसà¥à¤¯ शà¥à¤°à¥€ विनय सहसà¥à¤¤à¥à¤°à¤¬à¥à¤¦à¥à¤§à¥‡ ने ‘लोक मंथन’ की परिकलà¥à¤ªà¤¨à¤¾ और आयोजन की रूपरेखा पर पà¥à¤°à¤•ाश डाला।
मà¥à¤–à¥à¤¯à¤®à¤‚तà¥à¤°à¥€ शà¥à¤°à¥€ चौहान ने अपने सà¥à¤µà¤¾à¤—त à¤à¤¾à¤·à¤£ में कहा कि राषà¥à¤Ÿà¥à¤°à¤µà¤¾à¤¦à¥€ विचार पंरपराओं की शà¥à¤°à¤‚खला में पà¥à¤°à¤¦à¥‡à¤¶ में छह बड़े आयोजन सफलतापूरà¥à¤µà¤• संपनà¥à¤¨ हà¥à¤ हैं। उनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने कहा कि à¤à¤¾à¤°à¤¤ महान राषà¥à¤Ÿà¥à¤° है। जब विकसित देशों में लोग पेड़ों की छाल से तन ढà¤à¤•ते थे तब à¤à¤¾à¤°à¤¤ में रेशम और मलमल बनते थे। नालंदा और तकà¥à¤·à¤¶à¤¿à¤²à¤¾ जैसे विशà¥à¤µà¤µà¤¿à¤¦à¥à¤¯à¤¾à¤²à¤¯ थे। जब कई विकसित देशों का असà¥à¤¤à¤¿à¤¤à¥à¤µ नहीं था तब à¤à¤¾à¤°à¤¤ में वेदों की रचना हो चà¥à¤•ी थी। यहाठका जà¥à¤žà¤¾à¤¤ इतिहास पाà¤à¤š हजार सालों का है। उनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने कहा कि à¤à¤¾à¤°à¤¤ की लोक विरासत अतà¥à¤¯à¤‚त विराट और समृदà¥à¤§ है। इसी à¤à¥‚मि ने विशà¥à¤µ को कई उदातà¥à¤¤ नैतिक सिदà¥à¤§à¤¾à¤‚त दिये हैं। उनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने कहा कि लोक मंथन के माधà¥à¤¯à¤® से उपलबà¥à¤§ हà¥à¤ अमृत विचारों को राजà¥à¤¯ सरकार दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ सघन रूप से पà¥à¤°à¤šà¤¾à¤°à¤¿à¤¤-पà¥à¤°à¤¸à¤¾à¤°à¤¿à¤¤ किया जायेगा।
राजà¥à¤¯à¤ªà¤¾à¤² à¤à¤µà¤‚ मà¥à¤–à¥à¤¯à¤®à¤‚तà¥à¤°à¥€ शà¥à¤°à¥€ शिवराज सिंह चौहान ने इस अवसर पर चार किताबों का विमोचन किया। संसà¥à¤•ृति राजà¥à¤¯ मंतà¥à¤°à¥€ शà¥à¤°à¥€ सà¥à¤°à¥‡à¤¨à¥à¤¦à¥à¤° पटवा ने अतिथियों को सà¥à¤®à¥ƒà¤¤à¤¿-चिनà¥à¤¹ à¤à¥‡à¤‚ट किये। पà¥à¤°à¤®à¥à¤– सचिव संसà¥à¤•ृति शà¥à¤°à¥€ मनोज शà¥à¤°à¥€à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¤à¤µ ने आà¤à¤¾à¤° वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤ किया। विधानसà¤à¤¾ अधà¥à¤¯à¤•à¥à¤· शà¥à¤°à¥€ सीताशरण शरà¥à¤®à¤¾, पूरà¥à¤µ केनà¥à¤¦à¥à¤°à¥€à¤¯ मंतà¥à¤°à¥€ डॉ. मà¥à¤°à¤²à¥€ मनोहर जोशी, पà¥à¤°à¤œà¥à¤žà¤¾ पà¥à¤°à¤µà¤¾à¤¹ के संयोजक शà¥à¤°à¥€ सदानंद सपà¥à¤°à¥‡ à¤à¤µà¤‚ बड़ी संखà¥à¤¯à¤¾ में विदà¥à¤µà¤¾à¤¨ à¤à¤µà¤‚ शोधकरà¥à¤¤à¤¾ उपसà¥à¤¥à¤¿à¤¤ थे।