à¤à¤®à¤ªà¥€- नोट बदलने आठà¤à¤• बà¥à¤œà¥à¤°à¥à¤— की लाइन में खड़े-खड़े मौत
सागर: नोट बदलने की अफरातफरी जानलेवा साबित हो रही है.मधà¥à¤¯ पà¥à¤°à¤¦à¥‡à¤¶ के सागर में à¤à¤• बà¥à¤œà¥à¤°à¥à¤— ने लाइन में खड़े-खड़े दम तोड़ दिया.
69 साल के विनोद पांडे ने सालों दूरसंचार विà¤à¤¾à¤— में सरकारी नौकरी की.अचà¥à¤›à¥‡-खासे चलते फिरते शखà¥à¤¸ थे विनोद पांडे. जब पà¥à¤°à¤¾à¤¨à¥‡ नोट बदलने का फरमान आया तो बैंक की तऱफ चल दिà¤. मधà¥à¤¯ पà¥à¤°à¤¦à¥‡à¤¶ के सागर के मकरोनिया के यूनियन बैंक में पà¥à¤°à¤¾à¤¨à¥‡ नोट बदलने आठथे. तेज धूप में घंटों लाइन में खड़े रहे लेकिन बारी नहीं आई. अचानक गिर पड़े.डॉकà¥à¤Ÿà¤°à¥‹à¤‚ का कहना है कि उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ दिल का दौरा पड़ गया. नोट तो नहीं बदल पाठलेकिन विनोद पांडे की जान चली गई.
वकà¥à¤¤ रहते विनोद का नहीं हो पाया इलाज
à¤à¤‚बà¥à¤²à¥‡à¤‚स वकà¥à¤¤ पर नहीं आई जिसकी वजह से इलाज वकà¥à¤¤ पर नहीं हो सका इसीलिठविनोद पांडे को बचाया नहीं जा सका. अवà¥à¤¯à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ का यही आलम बैंक में à¤à¥€ था. विनोद पांडे के बेटे विनीत बैंक की बदइंतजामी का हाल बताते-बताते फफक-फफक कर रो पड़ते हैं.
मधà¥à¤¯ पà¥à¤°à¤¦à¥‡à¤¶ से लेकर देश के हर हिसà¥à¤¸à¥‡ में यही हाल है. बैंकों और à¤à¤Ÿà¥€à¤à¤® के बाहर लंबी-लंबी लाइनें हैं. असà¥à¤ªà¤¤à¤¾à¤²à¥‹à¤‚ में ढंग से इलाज नहीं हो पा रहा है. लोगों दम तोड़ रहे हैं. सरकार देश के नाम पर थोड़ी सी परेशानी उठाने की बात कह रही है लेकिन इस थोड़ी सी परेशानी के नाम पर किसी को अपना खोना पड़ जाठतो गà¥à¤¸à¥à¤¸à¤¾ आना जायज है. सरकार की बदइंतजामी से लोग गà¥à¤¸à¥à¤¸à¥‡ में हैं. à¤à¤• सà¥à¤° में कह रहे हैं वà¥à¤¯à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾à¤à¤‚ दà¥à¤°à¥à¤¸à¥à¤¤ नहीं थी तो फिर इतना बड़ा à¤à¤²à¤¾à¤¨ किय़ा कà¥à¤¯à¥‹à¤‚ ?