राषà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥€à¤¯à¤¤à¤¾ और उदारीकरण à¤à¤• दूसरे के विरोधी नहीं-मà¥à¤–à¥à¤¯à¤®à¤‚तà¥à¤°à¥€ शà¥à¤°à¥€ चौहान
à¤à¤¾à¤°à¤¤ की राषà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥€à¤¯à¤¤à¤¾ ‘वसà¥à¤§à¥ˆà¤µ कà¥à¤Ÿà¥à¤®à¥à¤¬à¤•म॒ की पोषक : डॉ. जोशी
नव-उदारीकरण और à¤à¥‚मंडलीकरण के दौर में राषà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥€à¤¯à¤¤à¤¾ ’’ पर वà¥à¤¯à¤¾à¤–à¥à¤¯à¤¾à¤¨
मà¥à¤–à¥à¤¯à¤®à¤‚तà¥à¤°à¥€ शà¥à¤°à¥€ शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि à¤à¤¾à¤°à¤¤ की माटी और संसà¥à¤•ृति में उदारीकरण और à¤à¥‚मंडलीकरण है। राषà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥€à¤¯à¤¤à¤¾ और उदारीकरण à¤à¤• दूसरे के विरोधी नहीं बलà¥à¤•ि à¤à¤• ही है। मà¥à¤–à¥à¤¯à¤®à¤‚तà¥à¤°à¥€ शà¥à¤°à¥€ चौहान आज यहाठ‘लोक-मंथन’ के दूसरे दिन “नव-उदारीकरण और à¤à¥‚मंडलीकरण के दौर में राषà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥€à¤¯à¤¤à¤¾’’ विषय पर आयोजित सामूहिक सतà¥à¤° को संबोधित कर रहे थे।
शà¥à¤°à¥€ चौहान ने कहा कि à¤à¤¾à¤°à¤¤ में हजारों वरà¥à¤· पहले “वसà¥à¤§à¥ˆà¤µ कà¥à¤Ÿà¥à¤®à¥à¤¬à¤•म॒’ की बात कही गयी है। यह उदारीकरण ही है। à¤à¤¾à¤°à¤¤ में हमेशा विचारों की सà¥à¤µà¤¤à¤‚तà¥à¤°à¤¤à¤¾ रही है। पशà¥à¤šà¤¿à¤® में राजतंतà¥à¤° के बाद सà¥à¤µà¤¤à¤‚तà¥à¤°à¤¤à¤¾ और समानता के उदà¥à¤¦à¥‡à¤¶à¥à¤¯ को लेकर पà¥à¤°à¤œà¤¾à¤¤à¤‚तà¥à¤° का जनà¥à¤® हà¥à¤†à¥¤ औदà¥à¤¯à¥‹à¤—िक कà¥à¤°à¤¾à¤‚ति के बाद शोषण के विरूदà¥à¤§ सरà¥à¤µà¤¹à¤¾à¤°à¤¾ के लिये सामà¥à¤¯à¤µà¤¾à¤¦ का जनà¥à¤® हà¥à¤†à¥¤ सामà¥à¤¯à¤µà¤¾à¤¦ और इसके बाद पूà¤à¤œà¥€à¤µà¤¾à¤¦ में à¤à¥€ मनà¥à¤·à¥à¤¯ का सà¥à¤– संà¤à¤µ नहीं हो पाया। मनà¥à¤·à¥à¤¯ के लिये शरीर के साथ मन, बà¥à¤¦à¥à¤§à¤¿ और आतà¥à¤®à¤¾ का सà¥à¤– à¤à¥€ जरूरी है। à¤à¤¾à¤°à¤¤à¥€à¤¯ संसà¥à¤•ृति में धरà¥à¤®, अरà¥à¤¥,काम, मोकà¥à¤· और पà¥à¤°à¥‚षारà¥à¤¥ के माधà¥à¤¯à¤® से जीवन संचालन की वà¥à¤¯à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ की गयी है। मनà¥à¤·à¥à¤¯ केवल वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ नहीं समाज à¤à¥€ है इसलिये समाज के सà¥à¤– पर à¤à¥€ विचार करना होगा। à¤à¤¾à¤°à¤¤à¥€à¤¯ दरà¥à¤¶à¤¨ का मूल है कि à¤à¤• ही चेतना सरà¥à¤µà¤µà¥à¤¯à¤¾à¤ªà¥à¤¤ है। पà¥à¤°à¤•ृति का शोषण नहीं बलà¥à¤•ि दोहन करना चाहिये। विशà¥à¤µ को यही सनातन विचार राह दिखा सकता है।
मà¥à¤–à¥à¤¯à¤®à¤‚तà¥à¤°à¥€ शà¥à¤°à¥€ चौहान ने कहा कि पंडित दीनदयाल उपाधà¥à¤¯à¤¾à¤¯ ने 'à¤à¤•ातà¥à¤® मानव-दरà¥à¤¶à¤¨' का विचार दिया, जो à¤à¤¾à¤°à¤¤à¥€à¤¯ परंपरा पर आधारित है। उनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने कहा कि जीवन में अरà¥à¤¥ का अà¤à¤¾à¤µ नहीं होना चाहिठऔर अरà¥à¤¥ का पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µ à¤à¥€ नहीं होना चाहिà¤à¥¤ उनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने केनà¥à¤¦à¥à¤° सरकार के निरà¥à¤£à¤¯ का जिकà¥à¤° करते हà¥à¤ कहा कि पà¥à¤°à¤§à¤¾à¤¨à¤®à¤‚तà¥à¤°à¥€ नरेनà¥à¤¦à¥à¤° मोदी ने 500 और 1000 के नोट बंद करके अरà¥à¤¥ का पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µ समापà¥à¤¤ कर दिया है। इस निरà¥à¤£à¤¯ से काला धन, फरà¥à¤œà¥€ मà¥à¤¦à¥à¤°à¤¾ और आतंकवाद की फंडिंग समापà¥à¤¤ हो जाà¤à¤—ी।
पूरà¥à¤µ केनà¥à¤¦à¥à¤°à¥€à¤¯ मंतà¥à¤°à¥€ à¤à¤µà¤‚ à¤à¤¾à¤°à¤¤à¥€à¤¯à¤¤à¤¾ के विचारक डॉ. मà¥à¤°à¤²à¥€ मनोहर जोशी ने कहा कि à¤à¤¾à¤°à¤¤ की राषà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥€à¤¯à¤¤à¤¾ ‘वसà¥à¤§à¥ˆà¤µ कà¥à¤Ÿà¥à¤®à¥à¤¬à¤•म॒ की पोषक है जबकि वैशà¥à¤µà¥€à¤•रण केवल आरà¥à¤¥à¤¿à¤• चिंतन है। दोनों में à¤à¥‡à¤¦ तो है किनà¥à¤¤à¥ समनà¥à¤µà¤¯ की जरूरत à¤à¥€ है। पशà¥à¤šà¤¿à¤®à¥€ चिंतन में संसार को निरà¥à¤®à¤¿à¤¤ करने वाला संसार के बाहर रहता है, बनाता à¤à¥€ है और सजा à¤à¥€ देता है। मनà¥à¤·à¥à¤¯ को पृथà¥à¤µà¥€ के उपà¤à¥‹à¤— के लिठà¤à¥‡à¤œà¤¤à¤¾ है। पशà¥à¤šà¤¿à¤®à¥€ चिंतन में यह माना जाता है कि पà¥à¤°à¤•ृति जड़ है और विचार नहीं कर सकती इसलिठउसका उपà¤à¥‹à¤— करने की सà¥à¤µà¤¤à¤‚तà¥à¤°à¤¤à¤¾ है।
डॉ. जोशी ने कहा कि कहा जा रहा है कि गà¥à¤²à¥‹à¤¬à¤²à¤¾à¤ˆà¤œà¥‡à¤¶à¤¨ गरीब और गरीब देशों के लिठनहीं है। इसके मूल में à¤à¥€ पशà¥à¤šà¤¿à¤®à¥€ चिंतन है कि चेतन अचेतन का शोषण कर सकता है। à¤à¤¾à¤°à¤¤à¥€à¤¯ संसà¥à¤•ृति में अरà¥à¤¥ चिंतन का आधार अरà¥à¤¥à¤¾à¤¯à¤¾à¤® है अरà¥à¤¥à¤¾à¤¤ संतà¥à¤²à¤¨à¥¤ जरूरत से जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ à¤à¥€ नहीं और आवशà¥à¤¯à¤•ता से कम à¤à¥€ नहीं। पाशà¥à¤šà¤¾à¤¤à¥à¤¯ संसà¥à¤•ृति का पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µ हम पर à¤à¥€ हो रहा है। परिवार हमारी मूल संसà¥à¤¥à¤¾ है इसका टूटना विशà¥à¤µ का टूटना है। आज का गà¥à¤²à¥‹à¤¬à¤²à¤¾à¤ˆà¤œà¥‡à¤¶à¤¨ वà¥à¤¯à¤·à¥à¤Ÿà¤¿, समषà¥à¤Ÿà¤¿ और परमेषà¥à¤Ÿà¤¿ में बाधा डालता है। समृदà¥à¤§à¤¿ से शांति नहीं मिलती इसका संतà¥à¤²à¤¨ à¤à¤¾à¤°à¤¤ से समà¤à¤¨à¤¾ होगा। पशà¥à¤šà¤¿à¤® को केवल बाजार चाहिà¤à¥¤ हमें परिवार à¤à¥€ चाहिठबाजार à¤à¥€ चाहिà¤à¥¤
नीति आयोग के सदसà¥à¤¯ डॉ. विवेक देबोराय ने राषà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥€à¤¯à¤¤à¤¾ के परिपेकà¥à¤·à¥à¤¯ में सà¥à¤µà¤¾à¤®à¥€ विवेकानंद का उदाहरण देते हà¥à¤ कहा कि à¤à¤¾à¤°à¤¤ की जनता मोकà¥à¤· पर विशà¥à¤µà¤¾à¤¸ करती है। सतॠचितॠआनंद में विशà¥à¤µà¤¾à¤¸ करती है। यदि मà¥à¤à¥‡ à¤à¤¾à¤°à¤¤ पर गरà¥à¤µ नहीं है तो इसका अरà¥à¤¥ है कि मà¥à¤à¥‡ सà¥à¤µà¤¯à¤‚ पर à¤à¥€ गरà¥à¤µ नहीं है। गà¥à¤²à¥‹à¤¬à¤²à¤¾à¤ˆà¤œà¥‡à¤¶à¤¨ के नाम पर हमारी हजारों वरà¥à¤· पà¥à¤°à¤¾à¤¨à¥€ संसà¥à¤•ृति पर खतरा मंडरा रहा है। हम अपनी संसà¥à¤•ृति और परंपरा को à¤à¥€ नहीं जानते। हमारे पैंतीस हजार शासà¥à¤¤à¥à¤°à¥‹à¤‚ में से उनà¥à¤¨à¥€à¤¸ हजार का अनà¥à¤µà¤¾à¤¦ à¤à¥€ नहीं हà¥à¤† है।