मà¥à¤–à¥à¤¯à¤®à¤‚तà¥à¤°à¥€ शà¥à¤°à¥€ चौहान ने दी गà¥à¤°à¥ नानक जयंती पर शà¥à¤à¤•ामनाà¤à¤
मà¥à¤–à¥à¤¯à¤®à¤‚तà¥à¤°à¥€ शà¥à¤°à¥€ शिवराज सिंह चौहान ने पà¥à¤°à¤¦à¥‡à¤¶à¤µà¤¾à¤¸à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ को गà¥à¤°à¥ नानक जयंती के अवसर पर बधाई और शà¥à¤à¤•ामनाà¤à¤ दी हैं।
मà¥à¤–à¥à¤¯à¤®à¤‚तà¥à¤°à¥€ ने अपने संदेश में कहा कि गà¥à¤°à¥ नानक की वाणी समाज और विशà¥à¤µ समà¥à¤¦à¤¾à¤¯ को मारà¥à¤—दरà¥à¤¶à¤¨ देने वाली है। उनकी शिकà¥à¤·à¤¾à¤“ं में समाज को सांसà¥à¤•ृतिक और आधà¥à¤¯à¤¾à¤¤à¥à¤®à¤¿à¤• रूप से मजबूत बनाये रखने की कà¥à¤·à¤®à¤¤à¤¾ है। उनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने सिखाया कि परमातà¥à¤®à¤¾ à¤à¤• है, अननà¥à¤¤ है, सरà¥à¤µà¤¶à¤•à¥à¤¤à¤¿à¤®à¤¾à¤¨, सरà¥à¤µà¤µà¥à¤¯à¤¾à¤ªà¥à¤¤ और सà¥à¤µà¤¯à¤‚à¤à¥‚ है। उसे पà¥à¤°à¤¾à¤ªà¥à¤¤ करने के लिये आंतरिक साधना की जरूरत होती है।
मà¥à¤–à¥à¤¯à¤®à¤‚तà¥à¤°à¥€ ने नागरिकों का आवà¥à¤¹à¤¾à¤¨ किया कि वे गà¥à¤°à¥ नानक की शिकà¥à¤·à¤¾à¤“ं को अपने जीवन में उतारें।