मोदी की इस योजना से सरकारी खजाना लबालब, अब नोटबंदी रचेगी इतिहास?
केंदà¥à¤° सरकार दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ 500 और 1000 रà¥à¤ªà¤¯à¥‡ के पà¥à¤°à¤¾à¤¨à¥‡ नोटों को रदà¥à¤¦ कर उनकी जगह नठनोटों के पà¥à¤°à¤šà¤²à¤¨ की घोषणा से अधिकांश लोग अचंà¤à¥‡ में है। पà¥à¤°à¤§à¤¾à¤¨à¤®à¤‚तà¥à¤°à¥€ मोदी ने राषà¥à¤Ÿà¥à¤° के नाम अपने संबोधन में सरकार की इस रणनीति के पीछे आतंकवाद को की जाने वाली फंडिंग, जाली करेंसी नोटों का à¤à¤¾à¤°à¤¤ में बà¥à¤¤à¤¾ कारोबार और कालाधन को निकाल बाहर करने के बड़े लकà¥à¤·à¥à¤¯à¥‹à¤‚ को बताया। जाहिर है इन मसलों पर देश चिंतित है, जनता के सरोकार हैं और वह चाहती रही है कि इस दिशा में कोई ठोस पहल सरकार की ओर से हो, लेकिन देश अचंà¤à¤¿à¤¤ हà¥à¤† तो इसके पीछे कारण तो है।
दरअसल, कालाधन निकाल बाहर करने के लिठअà¤à¥€ सितंबर को समापà¥à¤¤ हà¥à¤ˆ सà¥à¤µà¥ˆà¤šà¥à¤›à¤¿à¤• आय घोषणा योजना में रिकॉरà¥à¤¡ 65 हजार करोड़ रà¥à¤ªà¤¯à¥‡ की अघोषित संपतà¥à¤¤à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ की घोषणा की गई और इस पà¥à¤°à¤•ार यह योजना अब तक की सबसे सफल योजना बन गई, जिसमें सरकार के अपने अनà¥à¤®à¤¾à¤¨ से लगà¤à¤— दो गà¥à¤£à¤¾ लकà¥à¤·à¥à¤¯ हासिल किया जा सका।
हालांकि पà¥à¤°à¤§à¤¾à¤¨à¤®à¤‚तà¥à¤°à¥€ और वितà¥à¤¤ मंतà¥à¤°à¥€ कई अवसरों पर यह दोहराते रहे थे कि अघोषित आय की घोषणा के लिठउकà¥à¤¤ योजना à¤à¤• आखिरी मौका है, जिसके बाद à¤à¤¸à¥‡ अघोषित संपतà¥à¤¤à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ पर कठोर कारà¥à¤°à¤µà¤¾à¤ˆ की जाà¤à¤—ी, लेकिन इस पà¥à¤°à¤•ार की लगà¤à¤— à¤à¤• दरà¥à¤œà¤¨ पà¥à¤°à¤¾à¤¨à¥€ योजनाओं के à¤à¤¤à¤¿à¤¹à¤¾à¤¸à¤¿à¤• अनà¥à¤à¤µ के आधार पर यह मान लिया गया था कि योजना की सफलता कालाधन के खिलाफ मोदी सरकार की कारà¥à¤°à¤µà¤¾à¤ˆ को चà¥à¤¨à¤¾à¤µà¥€ लोकतंतà¥à¤° में जनता को बताने-जताने के लिठपरà¥à¤¯à¤¾à¤ªà¥à¤¤ है, और सरकार अब आगे कोई नई कारà¥à¤°à¤µà¤¾à¤ˆ नहीं करेगी। जबकि हà¥à¤† इसके उलट और मोदी सरकार ने अपनी रणनीति के निरà¥à¤§à¤¾à¤°à¤¿à¤¤ पà¥à¤°à¤¾à¤°à¥‚प पर कालेधन के खिलाफ कारà¥à¤°à¤µà¤¾à¤ˆ को नई दिशा देने में कामयाब रही है।
यकीनन 500 और 1000 रà¥à¤ªà¤¯à¥‡ के पà¥à¤°à¤¾à¤¨à¥‡ नोटों को अमानà¥à¤¯ करने और 1000 रà¥à¤ªà¤¯à¥‡ की जगह 2000 रà¥à¤ªà¤¯à¥‡ मूलà¥à¤¯ के नठनोटों को लाठजाने से आम जनता को थोड़ी असà¥à¤µà¤¿à¤§à¤¾ तो निशà¥à¤šà¤¿à¤¤ तौर पर हà¥à¤ˆ है, लेकिन इस बात से असहमत नहीं हà¥à¤† जा सकता है कि सरकार दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ कालाधन को निकाल बाहर करने के उपलबà¥à¤§ विकलà¥à¤ªà¥‹à¤‚ में से यह à¤à¤• महतà¥à¤µà¤ªà¥‚रà¥à¤£ विकलà¥à¤ª है और किसी à¤à¥€ दूसरे विकलà¥à¤ª में इसी पà¥à¤°à¤•ार के पà¥à¤°à¤¤à¥à¤¯à¤•à¥à¤· और परोकà¥à¤· पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µ होंगे। कà¥à¤› लोगों ने यहां तक कहा कि à¤à¤¸à¤¾ करके मोदी सरकार ने छोटे कारोबारियों, आम जनता को नाखà¥à¤¶ कर दिया है, लेकिन सवाल यह है कि कà¥à¤¯à¤¾ कालाधन के खिलाफ कारà¥à¤°à¤µà¤¾à¤ˆ का कोई à¤à¤¸à¤¾ फॉरà¥à¤®à¥‚ला हो सकता है, जिसमें आम जनता को à¤à¤¾à¤—ीदारी न करनी पड़े?
दरअसल, हमें बतौर नागरिक यह सà¥à¤µà¥€à¤•ारना होगा कि à¤à¤¾à¤°à¤¤ में कालाधन और à¤à¥à¤°à¤·à¥à¤Ÿà¤¾à¤šà¤¾à¤° को हम नागरिकों के संजà¥à¤žà¤¾à¤¨à¤¤à¤¾ में ही यह आकार-सतà¥à¤•ार हासिल हà¥à¤† है जिससे निपटने के लिठहमारे पास चà¥à¤¨à¤¾à¤µ रूपी लोकतांतà¥à¤°à¤¿à¤• विकलà¥à¤ª मौजूद रहे हैं, और जनता इस बà¥à¤°à¤¾à¤ˆ पर सकारातà¥à¤®à¤• जनादेश के जरिठबदलावों और सà¥à¤§à¤¾à¤°à¥‹à¤‚ के लिठलोकतांतà¥à¤°à¤¿à¤• पहल कर सकती है।
लोकतंतà¥à¤° में सरकार और नौकरशाही के दोषों के लिठजनता की गैरजिमà¥à¤®à¥‡à¤¦à¤¾à¤°à¥€ को खारिज नहीं किया जा सकता है, à¤à¤²à¥‡ उसकी सीमाà¤à¤‚ हों। लेकिन कालाधन पर सरकार की मौजूदा पहल पर बीते दो दिनों में मेरा निजी अनà¥à¤à¤µ यही रहा है कि आम लेन-देन को लेकर à¤à¤²à¥‡ ही थोड़ी समसà¥à¤¯à¤¾à¤“ं का सामना करना पड़ रहा हो, लेकिन आम आदमी यह समठरहा है कि इस पहल से असर पड़ने वाला है। यह लोकतंतà¥à¤° और जनमत में आ रहे गà¥à¤£à¤¾à¤¤à¥à¤®à¤• बदलावों का पà¥à¤°à¤®à¤¾à¤£ है और इस रूप में हम à¤à¤• परिपकà¥à¤µ हो रहे लोकतंतà¥à¤° की ओर बॠरहे हैं।
बहरहाल, यदि इस फैसले को राजनीतिक दृषà¥à¤Ÿà¤¿à¤•ोण से देखें तो पà¥à¤°à¤§à¤¾à¤¨à¤®à¤‚तà¥à¤°à¥€ मोदी के कारà¥à¤¯à¤•ाल का आधा समय बीतने वाला है, और अगले साल से होने वाले विधानसà¤à¤¾ चà¥à¤¨à¤¾à¤µà¥‹à¤‚ में à¤à¤¾à¤œà¤ªà¤¾ का पà¥à¤°à¤¦à¤°à¥à¤¶à¤¨ लोकसà¤à¤¾ चà¥à¤¨à¤¾à¤µ 2019 के लिठआधार बन सकता है। जाहिर है कि कालाधन को लेकर अपनी सरकार की सखà¥à¤¤à¥€ को साबित करने और बताने के लिठमोदी सरकार के पास इससे बेहतर समय नहीं हो सकता है। यदि चà¥à¤¨à¤¾à¤µà¥‹à¤‚ में कालेधन के इसà¥à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² की सà¥à¤¨à¥€-साबित कहानियों को लेकर हमारी चिंताà¤à¤‚ जायज हैं, तो करेंसी नोटों में 86 पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤¶à¤¤ हिसà¥à¤¸à¤¾ 500-1000 रà¥à¤ªà¤¯à¥‡ के नोटों का होने का असर चà¥à¤¨à¤¾à¤µà¥‹à¤‚ के पà¥à¤°à¤¬à¤‚धन पर पड़ना लाजिमी है।
स बात में à¤à¥€ कोई दो राय नहीं है कि नोट-वापसी की इस नीति के कई आरà¥à¤¥à¤¿à¤• पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µ और दूरगामी परिणाम होंगे। कैश बदले जाने की पà¥à¤°à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ के तहत ढाई लाख रà¥à¤ªà¤¯à¥‡ नकद से अधिक को अपने खाते में जमा कराठजाने पर यदि आयकर घोषणा में विसंगति पाई जाà¤à¤—ी तो उन पर 30 पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤¶à¤¤ टैकà¥à¤¸ के साथ 200 पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤¶à¤¤ की पेनालà¥à¤Ÿà¥€, यानी लगà¤à¤— 90 पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤¶à¤¤ कर आरोपित किठजाने की घोषणा सरकार ने की है। यानी कालाधन के खिलाफ सरकार की घेराबंदी लगà¤à¤— पà¥à¤–à¥à¤¤à¤¾ दीखती है और à¤à¤• दिन में महज 4500 रà¥à¤ªà¤¯à¥‡ बदले जाने की मौजूदा सीमा से इतना तय हो चà¥à¤•ा है कि अकूत नकदी रखने वालों के पास मौजूद कालेधन या अघोषित धन का बहà¥à¤¤ खासा हिसà¥à¤¸à¤¾ अपà¥à¤°à¤¯à¥‹à¤œà¤¨à¥€à¤¯ रह जाà¤à¤—ा।
कà¥à¤°à¤¿à¤¸à¤¿à¤² ने साल 2007 में ही देश की अरà¥à¤¥à¤µà¥à¤¯à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ में लगà¤à¤— 23 पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤¶à¤¤ काले या अघोषित धन की मौजूदगी बताई थी। यदि इस पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤¶à¤¤ को ही सà¥à¤µà¥€à¤•ार कर लिया जाठतो à¤à¤¾à¤°à¤¤ में मौजूदा समय 480 बिलियन डॉलर का अघोषित धन या परिसंपतà¥à¤¤à¤¿ होने का अनà¥à¤®à¤¾à¤¨ है। सरकार के नोटबंदी के इस कदम से अघोषित नकदी और कालाधन में से लगà¤à¤— 2 लाख करोड़ रà¥à¤ªà¤¯à¥‡ से अधिक राशि सरकारी बैंकों में आ जाने का अनà¥à¤®à¤¾à¤¨ कई अरà¥à¤¥à¤¶à¤¾à¤¸à¥à¤¤à¥à¤°à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ ने लगाया à¤à¥€ है।
हालांकि सरकार के नोट वापसी के कदम की आलोचना इस रूप में हो रही है कि यदि बड़े नोटों का कालेधन में अधिक हिसà¥à¤¸à¤¾ है, तो फिर 1000 रà¥à¤ªà¤¯à¥‡ की जगह 2000 रà¥à¤ªà¤¯à¥‡ के नठनोटों से कालाधन किस पà¥à¤°à¤•ार रà¥à¤•ेगा?। लेकिन यह अगले चरण का सवाल है जबकि नोटवापसी का कदम पूरà¥à¤µ में जमा हà¥à¤ कालाधन की निकासी और आतंकवाद व जाली नोटों के पà¥à¤°à¤µà¤¾à¤¹ पर नियंतà¥à¤°à¤£ के लिठहै। हमें यह नहीं à¤à¥‚लना चाहिठकि 2000 रà¥à¤ªà¤¯à¥‡ के नठनोटों की उपलबà¥à¤§à¤¤à¤¾ अब बाजार से नहीं, बलà¥à¤•ि बैंकों के जरिà¤, सतà¥à¤¯à¤¾à¤ªà¤¨ और पà¥à¤°à¤®à¤¾à¤£à¤¨ के दसà¥à¤¤à¤¾à¤µà¥‡à¤œà¥€à¤•रण के बाद होगी। यानी à¤à¤¸à¥‡ नठनोट कितनी मातà¥à¤°à¤¾ में किन तक पहà¥à¤‚च रहे हैं, यह सरकार और बैंकों की जानकारी में होगा। à¤à¤µà¤¿à¤·à¥à¤¯ में कालाधन किस पà¥à¤°à¤•ार रà¥à¤•ेगा यह कई अनà¥à¤¯ रणनीतियों पर निरà¥à¤à¤° करता है, जिसमें इंटरनेट बैंकिंग की सà¥à¤µà¤¿à¤§à¤¾ के विसà¥à¤¤à¤¾à¤°, खà¥à¤¦à¤°à¤¾ खरीददारी के लिठपà¥à¤°à¤¤à¥à¤¯à¥‡à¤• दà¥à¤•ानों तक पीओà¤à¤¸ की पहà¥à¤‚च और डेबिट-कà¥à¤°à¥‡à¤¡à¤¿à¤Ÿ कारà¥à¤¡ समेत ऑनलाइन अंतरण में आरà¥à¤¥à¤¿à¤• लाठव पà¥à¤°à¥‹à¤¤à¥à¤¸à¤¾à¤¹à¤¨ देने के उपायों पर सरकार दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ किठजा रहे पà¥à¤°à¤¯à¤¾à¤¸ शामिल होंगे।
ये होंगे अरà¥à¤¥à¤µà¥à¤¯à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ पर पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µ : खास बात यह है कि इस फैसले से अरà¥à¤¥à¤µà¥à¤¯à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ पर नये पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µ होंगे और इसका असर दिखना à¤à¥€ शà¥à¤°à¥‚ हो गया है। दरअसल, à¤à¤¾à¤°à¤¤ में काला धन जिन दो महतà¥à¤µà¤ªà¥‚रà¥à¤£ कà¥à¤·à¥‡à¤¤à¥à¤°à¥‹à¤‚ में निवेशित किया जाता है वे रियल सà¥à¤Ÿà¥‡à¤Ÿ और सोने का कारोबार है। सोने और रियल सà¥à¤Ÿà¥‡à¤Ÿ पर इस का पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µ अलग-अलग और à¤à¤•दम विपरीत है, जिसमें सोने की कीमतों में अब तेजी देखी जाà¤à¤—ी जबकि रियल सà¥à¤Ÿà¥‡à¤Ÿ सेकà¥à¤Ÿà¤° अपनी मंदी से किस पà¥à¤°à¤•ार उबरेगा, यह चिंता और अधिक लंबी व गहरी होने वाली है। रिजरà¥à¤µ बैंक जमीन की कीमतों के मूलà¥à¤¯à¤¾à¤‚कन को लेकर नठमानदंड और मानक तैयार कर सकता है।
वहीं इधर सरकार के नोट-वापसी अà¤à¤¿à¤¯à¤¾à¤¨ के बाद अगले à¤à¤• साल में, कम से कम, असंगठित और छोटे रियल सà¥à¤Ÿà¥‡à¤Ÿ कारोबारियों को अपनी परियोजनाओं में मकानों, पà¥à¤²à¤¾à¤Ÿ और दà¥à¤•