CJI गोगोई ने खारिज की पà¥à¤°à¤¶à¤¾à¤‚त à¤à¥‚षण की याचिका, आज ही वापस à¤à¥‡à¤œà¥‡ जाà¤à¤‚गे 7 रोहिंगà¥à¤¯à¤¾
à¤à¤¾à¤°à¤¤ में अवैध रूप से रह रहे रोहिंगà¥à¤¯à¤¾ नागरिकों को वापस उनके देश मà¥à¤¯à¤¾à¤‚मार à¤à¥‡à¤œà¤¨à¥‡ की पà¥à¤°à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ शà¥à¤°à¥‚ हो गई है. गà¥à¤°à¥à¤µà¤¾à¤° को सात रोहिंगà¥à¤¯à¤¾ नागरिकों को à¤à¥‡à¤œà¤¾ à¤à¥€ जा रहा है. इसके खिलाफ सà¥à¤ªà¥à¤°à¥€à¤® कोरà¥à¤Ÿ में वरिषà¥à¤ वकील पà¥à¤°à¤¶à¤¾à¤‚त à¤à¥‚षण की तरफ से याचिका दायर की गई थी, जिसे SC ने खारिज कर दिया है. यानी अब सà¤à¥€ सात रोहिंगà¥à¤¯à¤¾ नागरिकों को आज ही वापस à¤à¥‡à¤œ दिया जाà¤à¤—ा.
रोहिंगà¥à¤¯à¤¾ शरणारà¥à¤¥à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ को उनके देश वापस à¤à¥‡à¤œà¤¨à¥‡ का मà¥à¤¦à¥à¤¦à¤¾ पिछले कà¥à¤› समय से à¤à¤¾à¤°à¤¤à¥€à¤¯ राजनीति के केंदà¥à¤° में रहा है. इस विवाद के बीच आज à¤à¤¾à¤°à¤¤ सरकार पहली बार देश में अवैध रूप से रह रहे रोहिंगà¥à¤¯à¤¾à¤“ं को मà¥à¤¯à¤¾à¤‚मार वापस à¤à¥‡à¤œ रही है. इस पहली किसà¥à¤¤ में 7 लोगों को वापस à¤à¥‡à¤œà¤¾ जा रहा है.
सà¥à¤ªà¥à¤°à¥€à¤® कोरà¥à¤Ÿ में इस मामले की सà¥à¤¨à¤µà¤¾à¤ˆ चीफ जसà¥à¤Ÿà¤¿à¤¸ रंजन गोगोई की अगà¥à¤µà¤¾à¤ˆ वाली बेंच कर रही है. विदेश मंतà¥à¤°à¤¾à¤²à¤¯ ने इस बात की पà¥à¤·à¥à¤Ÿà¤¿ की है कि à¤à¥‡à¤œà¥‡ जा रहे सà¤à¥€ सात नागरिक मà¥à¤¯à¤¾à¤‚मार के हैं और मà¥à¤¯à¤¾à¤‚मार ने इसकी पà¥à¤·à¥à¤Ÿà¤¿ à¤à¥€ कर दी है. हालांकि, सà¥à¤¨à¤µà¤¾à¤ˆ के दौरान पà¥à¤°à¤¶à¤¾à¤‚त à¤à¥‚षण ने कहा कि मà¥à¤¯à¤¾à¤‚मार ने अà¤à¥€ इन सà¤à¥€ के उनका नागरिक होने की पà¥à¤·à¥à¤Ÿà¤¿ नहीं कर रही है. जिसके बाद कोरà¥à¤Ÿ ने इस याचिका को खारिज कर दिया.
आज सà¥à¤¬à¤¹ ही शà¥à¤°à¥‚ हà¥à¤ˆ पà¥à¤°à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾
सà¤à¥€ सातों रोहिंगà¥à¤¯à¤¾à¤“ं को वापस à¤à¥‡à¤œà¤¨à¥‡ की पà¥à¤°à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ शà¥à¤°à¥‚ à¤à¥€ हो गई है. गà¥à¤°à¥à¤µà¤¾à¤° को ही सà¥à¤¬à¤¹ करीब 7.30 बजे उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ इमà¥à¤«à¤¾à¤² से मणिपà¥à¤° की मोरेह सीमा पर ले जाया जा रहा है. जिसके बाद उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ मà¥à¤¯à¤¾à¤‚मार इमिगà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤¨ ऑफिस में à¤à¥‡à¤œà¤¾ जाà¤à¤—ा. यहां पर ही उनके सà¤à¥€ कागजातों की जांच होगी.
दरअसल, सातों रोहिंगà¥à¤¯à¤¾ असम के सिलचर में मौजूद हिरासत केनà¥à¤¦à¥à¤° में बंद थे. केनà¥à¤¦à¥à¤°à¥€à¤¯ गृह मंतà¥à¤°à¤¾à¤²à¤¯ के à¤à¤• अफसर के मà¥à¤¤à¤¾à¤¬à¤¿à¤• गà¥à¤°à¥à¤µà¤¾à¤° को मणिपà¥à¤° की मोरेह सीमा चौकी पर 7 रोहिंगà¥à¤¯à¤¾ पà¥à¤°à¤µà¤¾à¤¸à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ को मà¥à¤¯à¤¾à¤‚मार के अधिकारियों को सौंपा जाना है.
पड़ोसी देश की सरकार के गैरकानूनी पà¥à¤°à¤µà¤¾à¤¸à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ के पते की रखाइन राजà¥à¤¯ में पà¥à¤·à¥à¤Ÿà¤¿ करने के बाद इनके मà¥à¤¯à¤¾à¤‚मार के नागरिक होने की पà¥à¤·à¥à¤Ÿà¤¿ हà¥à¤ˆ है. यह पहली बार है जब रोहिंगà¥à¤¯à¤¾ पà¥à¤°à¤µà¤¾à¤¸à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ को à¤à¤¾à¤°à¤¤ से मà¥à¤¯à¤¾à¤‚मार à¤à¥‡à¤œ रही है. गौरतलब है कि सात रोहिंगà¥à¤¯à¤¾ लोगों को विदेशी कानून के उलà¥à¤²à¤‚घन के आरोप में 29 जà¥à¤²à¤¾à¤ˆ, 2012 को गिरफà¥à¤¤à¤¾à¤° किया गया था.
समाचार à¤à¤œà¥‡à¤‚सी PTI के अनà¥à¤¸à¤¾à¤°, काचार जिले के अफसरों ने बताया कि जिनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ वापस à¤à¥‡à¤œà¤¾ जा रहा है. उनमें मोहमà¥à¤®à¤¦ जमाल, मोहबà¥à¤² खान, जमाल हà¥à¤¸à¥ˆà¤¨, मोहमà¥à¤®à¤¦ यà¥à¤¨à¥‚स, सबीर अहमद,रहीम उदà¥à¤¦à¥€à¤¨ और मोहमà¥à¤®à¤¦ सलाम शामिल हैं. इनकी उमà¥à¤° 26 से 32 वरà¥à¤· के बीच है.
à¤à¤¾à¤°à¤¤ सरकार ने पिछले साल संसद को बताया था कि संयà¥à¤•à¥à¤¤ राषà¥à¤Ÿà¥à¤° शरणारà¥à¤¥à¥€ à¤à¤œà¥‡à¤‚सी यूà¤à¤¨à¤à¤šà¤¸à¥€à¤†à¤° में पंजीकृत 14,000 से अधिक रोहिंगà¥à¤¯à¤¾ à¤à¤¾à¤°à¤¤ में रहते हैं. हालांकि मदद पà¥à¤°à¤¦à¤¾à¤¨ करने वाली à¤à¤œà¥‡à¤‚सियों ने देश में रहने वाले रोहिंगà¥à¤¯à¤¾ लोगों की संखà¥à¤¯à¤¾ करीब 40,000 बताई है. रखाइन राजà¥à¤¯ में मà¥à¤¯à¤¾à¤®à¤¾à¤‚र सेना के कथित अà¤à¤¿à¤¯à¤¾à¤¨ के बाद रोहिंगà¥à¤¯à¤¾ लोग अपनी जान बचाने केलिठघर छोड़कर à¤à¤¾à¤—े थे.
संयà¥à¤•à¥à¤¤ राषà¥à¤Ÿà¥à¤° रोहिंगà¥à¤¯à¤¾ समà¥à¤¦à¤¾à¤¯ को सबसे अधिक दमित अलà¥à¤ªà¤¸à¤‚खà¥à¤¯à¤• बताता है. मानवाधिकार समूह ‘à¤à¤®à¤¨à¥‡à¤¸à¥à¤Ÿà¥€ इंटरनेशनल’ ने रोहिंगà¥à¤¯à¤¾ लोगों की दà¥à¤°à¥à¤¦à¤¶à¤¾ लिठआंग सान सू ची और उनकी सरकार को जिमà¥à¤®à¥‡à¤¦à¤¾à¤° ठहराया है.