जब ढह सकती है बरà¥à¤²à¤¿à¤¨ की दीवार तो à¤à¤¾à¤°à¤¤-पाक के बीच नफरत कà¥à¤¯à¥‹à¤‚- हरसिमरत कौर
पाकिसà¥à¤¤à¤¾à¤¨à¥€ हिसà¥à¤¸à¥‡ में करतारपà¥à¤° साहिब कॉरिडोर की आधारशिला बà¥à¤§à¤µà¤¾à¤° को रखी गई. हरसिमरत कौर बादल ने इस कारà¥à¤¯à¤•à¥à¤°à¤® में कहा कि आज हमारी कौम के लिठà¤à¤¤à¤¿à¤¹à¤¾à¤¸à¤¿à¤• दिन है, हर सिख की यही मांग थी. जो 70 साल नहीं हो पाया, वो अब पूरा हà¥à¤† है. जिसके हाथ में सेवा लिखी थी, उसी के हाथों ये काम पूरा हà¥à¤† है. गà¥à¤°à¥ नानक साहब ने अपना आखिरी समय आपकी धरती पर बिताया, लेकिन 4 किमी का ये फासला पूरा करने में 70 साल लग गà¤.
हरसिमरत कौर ने à¤à¤¾à¤µà¥à¤• होते हà¥à¤ कहा कि यहां मेरा कोई दोसà¥à¤¤, कोई जानने वाला नहीं लेकिन à¤à¤• सिख होने के नाते मेरी अरदास पूरी हà¥à¤ˆ है. हमारी पारà¥à¤Ÿà¥€ 7 महीने से इस मांग को पूरा करने में लगी थी. हमारी कैबिनेट ने इसका फैसला लिया और आज ये सपना पूरा हो रहा है.
जब बरà¥à¤²à¤¿à¤¨ की दीवार गिर सकती है तो à¤à¤¾à¤°à¤¤-पाकिसà¥à¤¤à¤¾à¤¨ के बीच की नफरत कà¥à¤¯à¥‹à¤‚
हरसिमरत ने पाकिसà¥à¤¤à¤¾à¤¨ और à¤à¤¾à¤°à¤¤ के आलाकमानों को अपनी à¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾à¤à¤‚ जाहिर करते हà¥à¤ कहा कि जब बरà¥à¤²à¤¿à¤¨ की दीवार गिर सकती है तो à¤à¤¾à¤°à¤¤-पाकिसà¥à¤¤à¤¾à¤¨ के बीच की नफरत कà¥à¤¯à¥‹à¤‚ नहीं दूर हो सकती है. पाकिसà¥à¤¤à¤¾à¤¨ के हà¥à¤•à¥à¤®à¤°à¤¾à¤¨à¥‹à¤‚ से अपील करते हà¥à¤ कहा कि आप à¤à¥€ गà¥à¤°à¥ नानक साहब के नाम पर सिकà¥à¤•ा चलाà¤à¤‚, धारà¥à¤®à¤¿à¤• सà¥à¤¥à¤²à¥‹à¤‚ के लिठटà¥à¤°à¥‡à¤¨ चलाà¤à¤‚ और करतारपà¥à¤° का विकास करें.
गौरतलब है कि पाकिसà¥à¤¤à¤¾à¤¨ में बà¥à¤§à¤µà¤¾à¤° को करतारपà¥à¤° साहिब कॉरिडोर की आधारशिला रखी गई. à¤à¤¾à¤°à¤¤ की ओर से नवजोत सिंह सिदà¥à¤§à¥‚ और केंदà¥à¤°à¥€à¤¯ मंतà¥à¤°à¥€ हरसिमरत कौर बादल इस कारà¥à¤¯à¤•à¥à¤°à¤® में मौजूद रहे. पाकिसà¥à¤¤à¤¾à¤¨ के पà¥à¤°à¤§à¤¾à¤¨à¤®à¤‚तà¥à¤°à¥€ इमरान खान ने बà¥à¤§à¤µà¤¾à¤° को कॉरिडोर का शिलानà¥à¤¯à¤¾à¤¸ किया. केंदà¥à¤°à¥€à¤¯ मंतà¥à¤°à¥€ हरसिमरत कौर बादल और हरदीप पà¥à¤°à¥€ ने अटारी-वाघा सीमा को पार किया और कारà¥à¤¯à¤•à¥à¤°à¤® में शामिल होने के लिठपहà¥à¤‚चे. पाकिसà¥à¤¤à¤¾à¤¨à¥€ सेना के पà¥à¤°à¤®à¥à¤– कमर जावेद बाजवा à¤à¥€ इस कारà¥à¤¯à¤•à¥à¤°à¤® में मौजूद रहे.
बता दें कि गà¥à¤°à¥‚ नानक देव ने अपने जीवन के अंतिम वरà¥à¤· इसी करतारपà¥à¤° साहिब गà¥à¤°à¥à¤¦à¥à¤µà¤¾à¤°à¥‡ में बिताठथे. à¤à¤²à¤“सी से करीबन साढ़े तीन किलोमीटर दूर सिखों के लिठयह आसà¥à¤¥à¤¾ का बड़ा केंदà¥à¤° है. दोनों देशों के बीच तनाव के चलते इस गलियारे को अब तक नहीं खोला जा सका था.