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आईटीएम यूनिवर्सिटी में ’इबारत’ 30 को

ग्वालियर। आईटीएम यूनिवर्सिटी की ओर से 30 दिसम्बर को सालाना उर्दू अदब का आयोजन ’इबारत-10’ का आयोजन किया जा रहा है। इस अदब की महफिल में देशभर से ख्यात शायर शिरकत करेंगे। कार्यक्रम यूनिवर्सिटी के तुरारी परिसर स्थित उस्ताद अलाउद्दीन खान सभागार में शाम 7 बजे से शुरू होगा। नए साल की पूर्व संध्या पर होने जा रहे इबारत के दसवें संस्करण में जाने-माने शायर फरहत अहसास गौतम बुद्ध नगर, शकील आजमी मुंबई, शारिक कैफी, बरेली एवं रंजीत चौहान, दिल्ली से शिरकत करने आ रहे हैं।
इसमें संयोजन परामर्श मदन मोहन दानिश का है। श्रोताओं को लाने-ले जाने की व्यवस्था आईटीएम यूनिवर्सिटी की ओर से की गई है। उर्दू शायरी का आयोजन ‘इबारत’ अपने आप में अनूठा और अद्भुत है। आमतौर पर मंचीय आयोजनों से परे ‘इबारत’ अपनी अदबी प्रतिष्ठा के लिए देशभर में विख्यात हो चला है। बहुत कम समय में ‘इबारत’ ने शहर और देश के साहित्य प्रेमियों के दिलों में एक खास जगह बना ली है। पिछले साल इबारत के नौवें संस्करण में देश के ख्यातिबद्ध शायर जोधपुर के शीन काफ निजाम, दिल्ली से शकील जमाली, भोपाल से नुसरत मेहंदी व मुंबई से स्वप्निल तिवारी ने शिरकत की थी।
’भारतीय संस्कृति में बहुलवाद’ पर होगा विवेचन
इबारत का आयोजन शहर वासियों को उर्दू शेरो - सुखन एवं कविता से जोड़ने का प्रयास करता है। इसकी एक खासियत ये भी है कि इसमें कुछ वक्त तकरीर का भी होता है ताकि साहित्य प्रेमी काव्य की गहराई तक जाकर आनन्द की अनुभूति कर सकें। इस बार प्रख्यात षायर व रचनाकार ’भारतीय संस्कृति में बहुलवाद’ विषय पर अपना सार्थक विवेचन प्रस्तुत करेंगे।
शाम 6.15 पर चलेंगी निःशुल्क बस
इबारत का लुत्फ लेने शहर से पहुंचने वाले श्रोताओं के लिए आईटीएम यूनिवसिटी की ओर से बस की व्यवस्था की गई है। यह शाम को शहर के चेतकपुरी चौराहे से शाम 6.15 पर कार्यक्रम स्थल की ओर रवाना होगी। कार्यक्रम समाप्ति के बाद श्रोताओं को वापिस उसी स्थान पर छोड़ेगी।

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