अंडमान से सà¥à¤°à¤•à¥à¤·à¤¿à¤¤ निकाले गठ200 से जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ सैलानी, नेवी के 6 जहाज रेसà¥à¤•à¥à¤¯à¥‚ में जà¥à¤Ÿà¥‡
अंडमान में के हैवलॉक और नील दà¥à¤µà¥€à¤ªà¥‹à¤‚ में फंसे परà¥à¤¯à¤Ÿà¤•ों के लिठराहत और बचाव कारà¥à¤¯ शà¥à¤•à¥à¤°à¤µà¤¾à¤° को शà¥à¤°à¥‚ हो गया है. हैवलॉक दà¥à¤µà¥€à¤ª से 200 से जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ परà¥à¤¯à¤Ÿà¤•ों को सà¥à¤°à¤•à¥à¤·à¤¿à¤¤ निकाला जा चà¥à¤•ा है, अनà¥à¤¯ परà¥à¤¯à¤Ÿà¤•ों के लिठबचाव कारà¥à¤¯ जारी है. परà¥à¤¯à¤Ÿà¤•ों को बचाने के लिठà¤à¤¾à¤°à¤¤à¥€à¤¯ वायà¥à¤¸à¥‡à¤¨à¤¾ के चॉपर समेत नौसेना के 6 जहाज और इंडियन कोसà¥à¤Ÿ गॉरà¥à¤¡ के दो जहाज पोरà¥à¤Ÿ बà¥à¤²à¥‡à¤¯à¤° से रवाना कर दिठगठथे.
असल में अंडमान à¤à¤µà¤‚ निकोबार दà¥à¤µà¥€à¤ª समूह पर आने वाला चकà¥à¤°à¤µà¤¾à¤¤ 'वरदाह' और तेज हो गया था, जिसकी वजह से वहां के नील और हैवलॉक दà¥à¤µà¥€à¤ª पर फंसे 1400 परà¥à¤¯à¤Ÿà¤•ों को निकालने में मà¥à¤¶à¥à¤•िलें आ रही थीं. इससे पहले सà¥à¤¬à¤¹ शिपिंग सेवा निदेशालय ने पोरà¥à¤Ÿ बà¥à¤²à¥‡à¤¯à¤° से हैवलॉक दà¥à¤µà¥€à¤ª की ओर दो जहाज à¤à¥‡à¤œà¥‡ थे, लेकिन खराब मौसम के कारण इन जहाजों को बीच रासà¥à¤¤à¥‡ से वापस आना पड़ा था.
परà¥à¤¯à¤Ÿà¤•ों को मà¥à¤«à¥à¤¤ दिया रहा खाना-पीना
पोरà¥à¤Ÿ बà¥à¤²à¥‡à¤¯à¤° के दकà¥à¤·à¤¿à¤£-पशà¥à¤šà¤¿à¤® में करीब 100 किमी दूर और कार निकोबार से करीब 200 किमी की दूरी पर दबाव बना हà¥à¤† है. उप-राजà¥à¤¯à¤ªà¤¾à¤² डॉ. जगदीश मà¥à¤–ी सà¥à¤¥à¤¾à¤¨à¥€à¤¯ पà¥à¤°à¤¶à¤¾à¤¸à¤¨, टूर ऑपरेटरà¥à¤¸, होटल à¤à¤¸à¥‹à¤¸à¤¿à¤à¤¶à¤‚स और वरिषà¥à¤ अधिकारियों के साथ लगातार बैठकें कर रहे हैं. केंदà¥à¤° सरकार à¤à¥€ लगातार हालात पर नजर बनाठहà¥à¤ है. होटल वालों ने तय किया है कि जब तक हालात नहीं सà¥à¤§à¤°à¤¤à¥‡ वे मानवीयता दिखाते हà¥à¤ वे अपने यहां ठहरे सà¤à¥€ परà¥à¤¯à¤Ÿà¤•ों को मà¥à¤«à¥à¤¤ में खाना-पीना और अनà¥à¤¯ जरूरी सामान मà¥à¤¹à¥ˆà¤¯à¤¾ करेंगे. पà¥à¤°à¤¶à¤¾à¤¸à¤¨ ने रकà¥à¤·à¤¾ मंतà¥à¤°à¤¾à¤²à¤¯ से अनà¥à¤°à¥‹à¤§ किया है कि परà¥à¤¯à¤Ÿà¤•ों को सà¥à¤°à¤•à¥à¤·à¤¿à¤¤ सà¥à¤¥à¤¾à¤¨à¥‹à¤‚ तक पहà¥à¤‚चाने के लिठहेलीकॉपà¥à¤Ÿà¤°à¥‹à¤‚ à¤à¥‡à¤œà¥‡ जाà¤à¤‚.
à¤à¤¾à¤°à¥€ बारिश का अनà¥à¤®à¤¾à¤¨
मौसम विà¤à¤¾à¤— ने à¤à¤µà¤¿à¤·à¥à¤¯à¤µà¤¾à¤£à¥€ की है कि अंडमान à¤à¤µà¤‚ निकोबार दà¥à¤µà¥€à¤ª समूह के 300 से जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ दà¥à¤µà¥€à¤ªà¥‹à¤‚ पर à¤à¤¾à¤°à¥€ बारिश होगी और 50 किमी पà¥à¤°à¤¤à¤¿ घंटे से à¤à¥€ तेज हवाà¤à¤‚ चलेंगी. दà¥à¤µà¥€à¤ª समूह पर फंसे लोगों में 800 से जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ पशà¥à¤šà¤¿à¤® बंगाल के हैं. सà¤à¥€ परà¥à¤¯à¤Ÿà¤•ों को सलाह दी गई है कि वे घरों या होटलों के à¤à¥€à¤¤à¤° ही रहें. परà¥à¤¯à¤Ÿà¤•ों की मदद के लिठà¤à¤• हेलà¥à¤ªà¤²à¤¾à¤‡à¤¨ नंबर और हेलà¥à¤ªà¤¡à¥‡à¤¸à¥à¤• शà¥à¤°à¥‚ किया गया है. असल में सà¥à¤¨à¤¾à¤®à¥€ के बाद अंडमान में आपदा पà¥à¤°à¤¬à¤‚धन की वà¥à¤¯à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ काफी चà¥à¤¸à¥à¤¤-दà¥à¤°à¥à¤¸à¥à¤¤ हो चà¥à¤•ी है और यह सबसे अतà¥à¤¯à¤¾à¤§à¥à¤¨à¤¿à¤• सिसà¥à¤Ÿà¤® में से है. अंडमान में नील और हैवलॉक बेहद लोकपà¥à¤°à¤¿à¤¯ परà¥à¤¯à¤Ÿà¤• डेसà¥à¤Ÿà¤¿à¤¨à¥‡à¤¶à¤¨ हैं और सैलानियों को वहां से लाने के माधà¥à¤¯à¤® नौकाà¤à¤‚ या हेलीकॉपà¥à¤Ÿà¤° ही हो सकते हैं.