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जन्म से गूंगे-बहरे बच्चों के लिए वरदान बना कॉक्लियर इम्प्लांट

ग्वालियर ( विनय शर्मा )  : बी.आई.एम.आर हॉस्पिटल्स में राज्य सरकार की बाल श्रवण योजना एवं केंद्र की योजना के अंतर्गत कॉक्लियर इम्प्लांट ऑपरेशन किये जा रहे हैं. जिसमे ५ साल से कम उम्र के बच्चों के इलाज का पूरा खर्च सरकार द्वारा वहन किया जाता है. कॉक्लियर इम्प्लांट के द्वारा जन्म से गूंगे-बहरे बच्चों को सुनाई देने के शक्ति प्रदान की जाती है एवं लगभग १ साल की ट्रेनिंग के बाद बच्चे बोलने लग जाते हैं. बी.आई.एम.आर हॉस्पिटल्स में कॉक्लियर इम्प्लांट के ऑपरेशन अनुभवी ई.एन.टी सर्जन डॉ. दीपांशु सिंघल डीएलओ , डीएनबी द्वारा किये जा रहे हैं. डॉ सिंघल ने कॉक्लियर इम्प्लांट में फ़ेलोशिप चेन्नई के विश्व प्रसिद्ध ई.एन.टी सर्जन पद्मश्री प्रो. मोहन कामेश्वरन से प्राप्त की है.

आज आयोजित पत्रकारवार्ता में बताया गया कि बी..आई..एम..आर हॉस्पिटलस में कॉक्लियर इम्प्लांट प्रोग्राम की सुरूवात डॉ दीपांशु सिंघल ने दिसंबर 2016 में कई थी । अब तक डॉ दीपांशु सिंघल लगभग 35 कॉक्लियर इम्प्लांट कर चुके है । बालश्रवण योजना में बीआईएमआर हॉस्पिटलस में अबतक ग्वालियर के 15 शिवपुरी के 12 एवं गुना व मुरैना के कई बच्चों के सफल ऑपरेशन हो चुके है। जिन बच्चों का ऑपरेशन 2016 व 17 में हुआ था उन्होंने अब बोलना चालू कर दिया है एवं कुछ बच्चों के थैरेपी चल रही है।
डॉ सिंघल ने पत्रकारों को बताया कि जन्म से गूंगे-बहरे बच्चों के लिए कॉकलियर इम्प्लांट वरदान के समान है। ऐसे बच्चों को परिवार या समाज के लिए बोझ ना समझे बल्कि तत्काल अनुभवी चिकित्सक से परामर्श करे एवं बीएमआईआर à¤¹à¥‰à¤¸à¥à¤ªà¤¿à¤Ÿà¤²à¥à¤¸ में राज्य सरकार की बाल श्रवण योजना एवं केंद्र सरकार की योजना के अंतर्गत किए जा रहे कोक्लियर  इंप्लांट की सुविधा का लाभ उठाएं।

कॉक्लियर इंप्लांट के बाद प्रशिक्षण देकर गूंगे बहरे बच्चों को बोलने लायक बनाया जाता है और एक 2 साल के भीतर ही वे फर्राटे से बोलने लगते हैं यदि हमने अपनी अज्ञानता वश एवं उचित जानकारी के अभाव में अपने परिवार के बोलने सुनने में अशक्त बच्चों को प्रभु इच्छा मानकर उनके हाल पर छोड़ दिया तो उनका जीवन का भविष्य मुश्किलों भरा बन जाएगा और इसके जिम्मेदार परिवार जन ही होंगे।

बीआईएमआर हॉस्पिटल्स ऐसे बच्चों में कॉक्लियर इंप्लांट्स कर उनका जीवन संवारने के लिए सदैव तत्पर है इस तरह के ऑपरेशन में बच्चों के परिवार पर कोई आर्थिक बोझ भी नहीं पड़ेगा पत्रकार वार्ता में बीआईएमआर हॉस्पिटल्स के एग्जीक्यूटिव ट्रस्टी श्रीजी जी हरलालका महाप्रबंधक श्री गोविंद देवड़ा निदेशक डॉक्टर एस एल देसाई सहित हॉस्पिटल प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारीगण उपस्थित थे बीआईएमआर हॉस्पिटल में है यह अत्याधुनिक सुविधाएं 300 पलंग वाले बीआईएमआर हॉस्पिटल्स में मल्टी सुपर स्पेशलिटी सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं यह हॉस्पिटल केंद्र सरकार द्वारा केंद्रीय कर्मचारियों के इलाज के लिए मान्यता प्राप्त हैं यहां आयुष्मान भारत सीआरपीएफ नेशनल हाईवे स्वास्थ्य बीमा पॉलिसी होल्डर्स मरीजों को कैशलेस इलाज की सुविधा उपलब्ध कराता है पैथोलॉजी जांच सैंपल मरीजों के घर से कलेक्ट करने की सुविधा भी है एनएबीएल पैथोलॉजी सुविधाएं उपलब्ध है बीआईएमआर हॉस्पिटल में à¤…त्याधुनिक हार्ट सेंटर के अलावा आईवीएफ सेंटर कैंसर सेंटर ट्रॉमा सेंटर 24 घंटे इमरजेंसी सुविधाएं ब्लड बैंक सभी उपकरण सभी उपकरणों से सुसज्जित अत्याधुनिक एंबुलेंस जैसी सुविधाएं भी हैं। यहां की कैंसर सेंटर में ग्वालियर चंबल अंचल के प्रथम लीनियर एक्सीलेटर मशीन स्थापित होने के बाद मरीजों को कैंसर के अत्याधुनिक इलाज के लिए मुंबई या दिल्ली जाने की जरूरत नहीं है। बीआईएमआर में सभी प्रकार के उच्च स्तरीय जांच परीक्षण एवं उपचार की सुविधाएं एक ही छत के नीचे 24 घंटे उपलब्ध कराई गई है।

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