जीवन में अपनी गलती का पशà¥à¤šà¤¾à¤¤à¤¾à¤ª कर सचà¥à¤šà¤¾à¤ˆ के रासà¥à¤¤à¥‡ पर चलने का संकलà¥à¤ª लें - गोयल
आज संत रविदास जयंती के अवसर पर सेंटà¥à¤°à¤² जेल गà¥à¤µà¤¾à¤²à¤¿à¤¯à¤° में द à¤à¤ªà¤ªà¤¿à¤•à¥à¤¸à¥‡à¤¸ संसà¥à¤¥à¤¾ दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ à¤à¤• विषाल कवि समà¥à¤®à¥‡à¤²à¤¨ का आयोजन किया गया । इस अवसर पर विधायक मà¥à¤¨à¥à¤¨à¤¾à¤²à¤¾à¤² गोयल सेंटà¥à¤°à¤² जेल गà¥à¤µà¤¾à¤²à¤¿à¤¯à¤° पहà¥à¤‚चे ओर जेल का अवलोकन किया इस दौरान उनके साथ सेंटà¥à¤°à¤² जेल के वरिषà¥à¤ अधीकà¥à¤·à¤• मनोज कà¥à¤®à¤¾à¤° साहू, उपजेलर पà¥à¤°à¤à¤¾à¤¤ कà¥à¤®à¤¾à¤° संसà¥à¤¥à¤¾ की ओर से सचिव रवि यादव, सà¥à¤¨à¥€à¤² राजपूत, आदि थे ।
इस दौरे में जेल पà¥à¤°à¤·à¤¾à¤¸à¤¨ ने 1887 में बनी पà¥à¤°à¤¾à¤¨à¥€ जेल को अवलोकन कराया जो कि जीरà¥à¤£ शीरà¥à¤£ हालत में है तथा जेल की पà¥à¤°à¤¾à¤¨à¥€ बैरकों को दिखाया जो कि जरà¥à¤œà¤° सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ में हैं । जेल पà¥à¤°à¤·à¤¾à¤¸à¤¨ दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ पà¥à¤°à¤¾à¤¨à¥€ जेल का मेंटेनेंस कराये जाने की मांग की गई तथा कैदियों के लिये फिलà¥à¤Ÿà¤° पानी का पà¥à¤²à¤¾à¤‚ट की वà¥à¤¯à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ करने à¤à¤µà¤‚ महिलाओं के संगीत के लिये वादà¥à¤¯ यंतà¥à¤° à¤à¤µà¤‚ साजो सामान उपलबà¥à¤§ कराने की à¤à¥€ मांग की गई । उनके दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ बताया गया कि जेल के कैदियों दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ जेल के अंदर मषरूम की सबà¥à¤œà¥€ की पैदावार की जा रही है जिसको 100 रूपये किलो के हिसाब से बेचा जा रहा है । इससे कैदियों को à¤à¥€ आरà¥à¤¥à¤¿à¤• तोर पर लाठहो रहा है यह सबà¥à¤œà¥€ माकेट में लगà¤à¤— 250 रूपये पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤•िलो की दर से बेची जा रही है । जेल पà¥à¤°à¤·à¤¾à¤¸à¤¨ ने बताया कि वह मषरूम की सबà¥à¤œà¥€ के लिये डी.डी माॅल में à¤à¤• काउणà¥à¤Ÿà¤° खोलने जा रहा है।
संत रविदास जयंती के मौके पर विधायक मà¥à¤¨à¥à¤¨à¤¾à¤²à¤¾à¤² गोयल ने कवि समà¥à¤®à¥‡à¤²à¤¨ के मंच पर पहà¥à¤‚चकर संत रविदास की पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤®à¤¾ पर अपने शà¥à¤°à¤¦à¥à¤§à¤¾à¤¸à¥à¤®à¤¨ अरà¥à¤ªà¤¿à¤¤ किये तथा इस मौके पर जेल परिवार के सà¤à¥€ सदसà¥à¤¯à¥‹à¤‚ को समà¥à¤¬à¥‹à¤§à¤¿à¤¤ करते हà¥à¤ उनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने कहा कि संत रविदास ने हमेषा नफरत और घृणा को तà¥à¤¯à¤¾à¤—कर पà¥à¤¯à¤¾à¤° ओर à¤à¤¾à¤ˆà¤šà¤¾à¤°à¥‡ के साथ जीने का संदेष दिया उनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने समता और समानता के सिदà¥à¤§à¤¾à¤¨à¥à¤¤ को जीवन में उतारने के साथ समाज की कतार में आखिरी शोषित पीà¥à¤¿à¤¤ वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ को नà¥à¤¯à¤¾à¤¯ पà¥à¤°à¤¦à¤¾à¤¨ करने की वकालात की आज हम लोग महापà¥à¤°à¥‚षों को साल में à¤à¤• बार माला पहनाकर उनको याद करते हैं उसके बाद उनको à¤à¥‚ल जाते हैं हम सबके लिये आवषà¥à¤¯à¤• है कि संत महापà¥à¤°à¥‚षों ने जो रासà¥à¤¤à¤¾ हमें दिखाया है उसको अपने जीवन में उतारकर उस रासà¥à¤¤à¥‡ पर चलने का संकलà¥à¤ª लें । उनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने कहा कि महातà¥à¤®à¤¾ गांधी कहा करते थे कि जेलों को यातना गृह नहीं बलà¥à¤•ि सà¥à¤§à¤¾à¤° गृह के रूप में तबà¥à¤¦à¥€à¤² किया जाना चाहिये जिससे कैदी जेल से निकलने के बाद à¤à¤• अचà¥à¤›à¤¾ सà¥à¤µà¤¸à¥à¤¥ वातावरण अचà¥à¤›à¥‡ संसà¥à¤•ार लेकर जाये ओर सचà¥à¤šà¤¾à¤ˆ और ईमानदारी के साथ अपना जीवन यापन कर सके । उनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने कहा कि जेल में आने वाले अधिकांष कैदी परिसà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ à¤à¤µà¤‚ अपनी गलà¥à¤¤à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ के कारण आते हैं लेकिन यदि हम अपनी गलà¥à¤¤à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ पर पशचाताप करके जीवन में गलà¥à¤¤à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ में सà¥à¤§à¤¾à¤° करने का संकलà¥à¤ª लेकर चल पाये ंतो यह हमारे जीवन की महानता होगी । उनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने जेल परिवार के सदसà¥à¤¯à¥‹à¤‚ से संत रविदास जयंती के इस पावन परà¥à¤µ पर अपनी गलà¥à¤¤à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ का पशचातापॠकरने के साथ-साथ नफरत और गà¥à¤¸à¥à¤¸à¥‡ को तà¥à¤¯à¤¾à¤—कर शांति पà¥à¤¯à¤¾à¤° और à¤à¤¾à¤ˆà¤šà¤¾à¤°à¥‡ का संकलà¥à¤ª लें तो यह संत रविदास को सचà¥à¤šà¥€ शà¥à¤°à¤¦à¥à¤§à¤¾à¤‚जलि होगी ।