Homeदेश विदेश ,slider news,
हैंडीकैप होने की वजह से स्कूल में ताना मारते थे सब, उड़ाते थे मजाक, अब है इंडिया का स्टार शूटर

मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में एक बच्चे को इसलिए 5वीं क्लास के बाद स्कूल जाना छोड़ना पड़ा, क्योंकि साथी बच्चे उसके हैंडिकैप à¤¹à¥‹à¤¨à¥‡ का मजाक बनाते थे, ताना कसते थे। लेकिन, वो भी कहां हार मानने वाला था। अपनी जिद के बल पर उसने वो मुकाम हासिल किया, जहां हर कोई पहुंचना चाहता है। इस बच्चे ने बाद में शूटिंग में करियर बनाया और आज भारत का स्टार शूटर है। जी हां, इस शूटर का नाम है फैसल खान और पैरा शूटिंग में इंडिया में फिलहाल उसकी थर्ड à¤°à¥ˆà¤‚क है। news18india.com से हुई खास बातचीत में फैसल ने अपने कड़े स्ट्रगल को साझा किया।

ताने à¤¸à¥‡ तंग à¤†à¤•र à¤¸à¥à¤•ूल छोड़ा, लेकिन पढ़ाई नहीं

दोनों पैरों से लाचार होने के बावजूद नेशनल लेवल पर 12 मेडल अपने नाम करने वाले फैसल बताते हैं- स्कूल में उन कमेंट्स ने पहले तो मुझे काफी परेशान किया, लेकिन मैं सच कहूं तो इसी घटना ने मेरी जिंदगी बदल दी। मैंने स्कूल तो छोड़ा, लेकिन पढ़ाई नहीं। मैंने 10 तक की पढ़ाई की। इससे आगे इसलिए नहीं किया, क्योंकि मेरा मन नहीं हुआ। बता दें कि जिस स्कूल में फैसल के साथ ऐसा व्यवहार हुआ था वो भोपाल सिटी की सबसे फेमस जगहों में से एक कोहेफिजा में है।

पिता ने संभाला मोर्चा, बेटे ने कर दिया कमाल

10 मीटर एयर राइफल के मास्टर कहे जाने वाले फैसल बताते हैं- स्कूल में घटी वो घटना मुझे मानसिक रूप से परेशान न करे, इसके लिए मेरे पिता अतहर खान ने मुझे वक्त देना शुरू किया। वे मुझे 6-7 साल की उम्र में पहली बार शूटिंग रेंज पर ले गए। इसके बाद तो वो मुझे राज ले जाते और ले आते। वे बताते हैं- मैंने अपना पहला गोल्ड मेडल अपने पहले ही टूर्नामेंट में जीता। ये टूर्नामेंट भोपाल शूटिंग क्लब ने आयोजित किया था।

एमपी सरकार ने की हेल्प

स्टेट लेवल पर 11 गोल्ड मेडल जीत चुके फैसल कहते हैं- मेरी फैमिली के बार एमपी सरकार है, जिसने हेल्प किया और मैं यहां तक पहुंच सका। भोपाल शूटिंग सेंटर ने भी मुझे नेशनल लेवल की सुविधाएं मुहैया कराईं हैं। मैं 2007 से वहीं प्रैक्टिस करता हूं। फिलहाल मैं 60वें शूटिंग चैंपियनशिप में हिस्सा लेने के लिए पुणे जा रहा हूं। ये टूर्नामेंट पहली बार पैरा शूटर्स कटेगरी के लिए भी आयोजित किया गया है। इसमें मैं 10 मीटर एयर राइफल, 10 मीटर प्रोन पोजिशन और 50 मीटर प्रोन पोजिशन इवेंट में हिस्सा लूंगा।

अब इतने मेडल हैं मेरे खाते में

- नेशनल लेवल- 3 गोल्ड, 4 सिल्वर और 5 ब्रॉन्ज मेडल।

- स्टेट लेवल पर 11 गोल्ड मेडल जीत चुके हैं।

Share This News :