संत और समाज की उपसà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ में नरà¥à¤®à¤¦à¤¾ सेवा यातà¥à¤°à¤¾ अमरकंटक से पà¥à¤°à¤¾à¤°à¤‚à¤
परà¥à¤¯à¤¾à¤µà¤°à¤£ और नदी संरकà¥à¤·à¤£ का दà¥à¤¨à¤¿à¤¯à¤¾ का सबसे बड़ा जनअà¤à¤¿à¤¯à¤¾à¤¨ बनेगा
जीवन का असà¥à¤¤à¤¿à¤¤à¥à¤µ बचाने के लिये माठनरà¥à¤®à¤¦à¤¾ का संरकà¥à¤·à¤£ जरूरी
मà¥à¤–à¥à¤¯à¤®à¤‚तà¥à¤°à¥€ शà¥à¤°à¥€ चौहान ने किया यातà¥à¤°à¤¾ का शà¥à¤à¤¾à¤°à¤‚à¤
à¤à¥‹à¤ªà¤¾à¤² :
परà¥à¤¯à¤¾à¤µà¤°à¤£ और नदी संरकà¥à¤·à¤£ के लिये दà¥à¤¨à¤¿à¤¯à¤¾ का सबसे बड़ा जनअà¤à¤¿à¤¯à¤¾à¤¨ आज मधà¥à¤¯à¤ªà¥à¤°à¤¦à¥‡à¤¶ की धारà¥à¤®à¤¿à¤• और पौराणिक नगरी अमरकंटक से शà¥à¤°à¥‚ हà¥à¤†à¥¤ नमामि देवी नरà¥à¤®à¤¦à¥‡-नरà¥à¤®à¤¦à¤¾ सेवा यातà¥à¤°à¤¾ के रूप में इस महतà¥à¤µà¤¾à¤•ांकà¥à¤·à¥€ अà¤à¤¿à¤¯à¤¾à¤¨ का माठनरà¥à¤®à¤¦à¤¾ नदी के उदà¥à¤—म सà¥à¤¥à¤² से मà¥à¤–à¥à¤¯à¤®à¤‚तà¥à¤°à¥€ शà¥à¤°à¥€ शिवराज सिंह चौहान दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ आचारà¥à¤¯à¥‹à¤‚, महामणà¥à¤¡à¤²à¥‡à¤¶à¥à¤µà¤°à¥‹à¤‚, संत-महातà¥à¤®à¤¾à¤“ं, मंतà¥à¤°à¥€à¤®à¤£à¥à¤¡à¤² के सदसà¥à¤¯à¥‹à¤‚ और बड़ी संखà¥à¤¯à¤¾ में शà¥à¤°à¤¦à¥à¤§à¤¾à¤²à¥à¤“ं की उपसà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ में पूजा-अरà¥à¤šà¤¨à¤¾ कर माठनरà¥à¤®à¤¦à¤¾ के जयघोष के साथ शà¥à¤à¤¾à¤°à¤‚ठकिया गया। सà¤à¥€ संतों ने अà¤à¤¿à¤¯à¤¾à¤¨ की सराहना करते हà¥à¤ इसकी सफलता की कामना की।
मà¥à¤–à¥à¤¯à¤®à¤‚तà¥à¤°à¥€ शà¥à¤°à¥€ शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि माठनरà¥à¤®à¤¦à¤¾ आज संकट में है। जंगल कम होने से नदी की धार कम हो गई है। माठनरà¥à¤®à¤¦à¤¾ ने हमें पानी, बिजली, फसलें, फल,फूल सबà¥à¤œà¥€ आदि सबकà¥à¤› दिया है, लेकिन हमने उसे पà¥à¤°à¤¦à¥‚षित कर विà¤à¤¿à¤¨à¥à¤¨ बीमारियों का नà¥à¤¯à¥Œà¤¤à¤¾ दिया है जिससे जीवन का असà¥à¤¤à¤¿à¤¤à¥à¤µ खतरे में है। उनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने कहा कि आज जरूरत है समà¥à¤¹à¤²à¤¨à¥‡ की और इस अपराध का पà¥à¤°à¤¾à¤¯à¤¶à¥à¤šà¤¿à¤¤ करने को। यह पà¥à¤°à¤¾à¤¯à¤¶à¥à¤šà¤¿à¤¤ वृकà¥à¤·à¤¾à¤°à¥‹à¤ªà¤£ करने, जैविक खेती करने, सà¥à¤µà¤šà¥à¤›à¤¤à¤¾ और परà¥à¤¯à¤¾à¤µà¤°à¤£ संरकà¥à¤·à¤£ से पूरा होगा।
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संतों-महातà¥à¤®à¤¾à¤“ं की गरिमामय उपसà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ यातà¥à¤°à¤¾ के शà¥à¤à¤¾à¤°à¤‚ठसमारोह में सà¥à¤µà¤¾à¤®à¥€ अखिलेशà¥à¤µà¤°à¤¾à¤¨à¤¨à¥à¤¦ महाराज, परमपूजà¥à¤¯ संत हरिहराननà¥à¤¦, परमपूजà¥à¤¯ संत पà¥à¤°à¤œà¥à¤žà¤¾ à¤à¤¾à¤°à¤¤à¥€, परमपूजà¥à¤¯ संत नरà¥à¤®à¤¦à¤¾à¤¨à¤‚द आदि संत-महातà¥à¤®à¤¾, गà¥à¤œà¤°à¤¾à¤¤ के गृह मंतà¥à¤°à¥€ शà¥à¤°à¥€ पà¥à¤°à¤¦à¥€à¤ª सिंह जडेजा, सांसद à¤à¤µà¤‚ पà¥à¤°à¤¦à¥‡à¤¶ à¤à¤¾à¤œà¤ªà¤¾ अधà¥à¤¯à¤•à¥à¤· शà¥à¤°à¥€ नंदकà¥à¤®à¤¾à¤° सिंह चौहान, वन मंतà¥à¤°à¥€ à¤à¤µà¤‚ नरà¥à¤®à¤¦à¤¾ सेवा यातà¥à¤°à¤¾ के पà¥à¤°à¤à¤¾à¤°à¥€ शà¥à¤°à¥€ गौरीशंकर शेजवार, उदà¥à¤¯à¥‹à¤— à¤à¤µà¤‚ खनिज मंतà¥à¤°à¥€ शà¥à¤°à¥€ राजेनà¥à¤¦à¥à¤° शà¥à¤•à¥à¤²à¤¾, लोक निरà¥à¤®à¤¾à¤£ मंतà¥à¤°à¥€ शà¥à¤°à¥€ रामपाल सिंह, खादà¥à¤¯ à¤à¤µà¤‚ नागरिक आपूरà¥à¤¤à¤¿ तथा शà¥à¤°à¤® मंतà¥à¤°à¥€ शà¥à¤°à¥€ ओमपà¥à¤°à¤•ाश धà¥à¤°à¥à¤µà¥‡, नरà¥à¤®à¤¦à¤¾ घाटी और सामानà¥à¤¯ पà¥à¤°à¤¶à¤¾à¤¸à¤¨ राजà¥à¤¯ मंतà¥à¤°à¥€ शà¥à¤°à¥€ लालसिंह आरà¥à¤¯, जन अà¤à¤¿à¤¯à¤¾à¤¨ परिषद के उपाधà¥à¤¯à¤•à¥à¤· शà¥à¤°à¥€ पà¥à¤°à¤¦à¥€à¤ª पाणà¥à¤¡à¥‡à¤¯ और शà¥à¤°à¥€ राघवेनà¥à¤¦à¥à¤° गौतम, आदिवासी वितà¥à¤¤ à¤à¤µà¤‚ विकास निगम अधà¥à¤¯à¤•à¥à¤· शà¥à¤°à¥€ शिवराज शाह, खनिज विकास निगम के अधà¥à¤¯à¤•à¥à¤· शà¥à¤°à¥€ शिव चौबे, राषà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥€à¤¯ नेहरू यà¥à¤µà¤¾ केनà¥à¤¦à¥à¤° के उपाधà¥à¤¯à¤•à¥à¤· शà¥à¤°à¥€ विषà¥à¤£à¥à¤¦à¤¤à¥à¤¤ शरà¥à¤®à¤¾, नरà¥à¤®à¤¦à¤¾ यातà¥à¤°à¤¾ संयोजक डॉ जितेनà¥à¤¦à¥à¤° जामदार, सांसद शà¥à¤°à¥€ जà¥à¤žà¤¾à¤¨ सिंह, शà¥à¤°à¥€ अजय पà¥à¤°à¤¤à¤¾à¤ª सिंह सहित बड़ी संखà¥à¤¯à¤¾ में आयोगों के अधà¥à¤¯à¤•à¥à¤·, विधायक à¤à¤µà¤‚ जन-पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤¨à¤¿à¤§à¤¿ उपसà¥à¤¥à¤¿à¤¤ थे। |
मà¥à¤–à¥à¤¯à¤®à¤‚तà¥à¤°à¥€ शà¥à¤°à¥€ चौहान ने कहा कि धारà¥à¤®à¤¿à¤• नगरी अमरकंटक को सबसे सà¥à¤‚दर तीरà¥à¤¥-सà¥à¤¥à¤² के रूप में विकसित किया जायेगा। नरà¥à¤®à¤¦à¤¾ नदी में गंदे पानी के पà¥à¤°à¤µà¤¾à¤¹ को रोकने के लिये साà¥à¥‡ पंदà¥à¤°à¤¹ करोड़ रूपये से सीवेज टà¥à¤°à¥€à¤Ÿà¤®à¥‡à¤‚ट पà¥à¤²à¤¾à¤¨ सà¥à¤¥à¤¾à¤ªà¤¿à¤¤ किया जायेगा। नरà¥à¤®à¤¦à¤¾ नदी के तटों पर बसे गरीबों को पकà¥à¤•े मकान बनाकर दिये जायेंगे। साथ ही वà¥à¤¯à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¿à¤¤ दà¥à¤•ानें बनाई जायेंगी और शहर को नये ढंग से वà¥à¤¯à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¿à¤¤ किया जायेगा।
मà¥à¤–à¥à¤¯à¤®à¤‚तà¥à¤°à¥€ ने कहा कि विà¤à¤¿à¤¨à¥à¤¨ उदà¥à¤¦à¥‡à¤¶à¥à¤¯ को लेकर शà¥à¤°à¥‚ की गई 3334 किलामीटर की यह यातà¥à¤°à¤¾ नरà¥à¤®à¤¦à¤¾ के दोनों तट से गà¥à¤œà¤°à¥‡à¤—ी जो 144 दिन में समà¥à¤ªà¤¨à¥à¤¨ होगी। यातà¥à¤°à¤¾ के दौरान दोनों तट पर à¤à¤•-à¤à¤• किलोमीटर तक फलदार, छायाछार पौधों का रोपण, सà¥à¤µà¤šà¥à¤›à¤¤à¤¾, जैविक खेती, नशामà¥à¤•à¥à¤¤à¤¿, परà¥à¤¯à¤¾à¤µà¤°à¤£ संरकà¥à¤·à¤£, के पà¥à¤°à¤¤à¤¿ लोगों को जागरूक किया जायेगा। यह समाज और सरकार के सामूहिक संकलà¥à¤ª का पà¥à¤°à¤¯à¤¾à¤¸ होगा। शà¥à¤°à¥€ चौहान ने इस संबंध में उपसà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤œà¤¨ को संकलà¥à¤ª à¤à¥€ दिलाया। उनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने कहा कि माठनरà¥à¤®à¤¦à¤¾ के तट पर सà¥à¤¥à¤¿à¤¤ गाà¤à¤µà¥‹à¤‚ में सà¥à¤µà¤šà¥à¤› शौचालय निरà¥à¤®à¤¾à¤£ और नगरों में सीवेज टà¥à¤°à¥€à¤Ÿà¤®à¥‡à¤‚ट पà¥à¤²à¤¾à¤‚ट की वà¥à¤¯à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾, घाटों पर पूजन कà¥à¤£à¥à¤¡, मà¥à¤•à¥à¤¤à¤¿ धाम और महिलाओं के लिये चेंजिंग रूम बनाने का कारà¥à¤¯ करवाया जायेगा। यातà¥à¤°à¤¾ का समापन 11 मई 2017 को अमरकंटक में होगा।
गà¥à¤œà¤°à¤¾à¤¤ के मà¥à¤–à¥à¤¯à¤®à¤‚तà¥à¤°à¥€ शà¥à¤°à¥€ विजय रूपानी
गà¥à¤œà¤°à¤¾à¤¤ के मà¥à¤–à¥à¤¯à¤®à¤‚तà¥à¤°à¥€ शà¥à¤°à¥€ विजय रूपानी ने कहा कि माठनरà¥à¤®à¤¦à¤¾ गà¥à¤œà¤°à¤¾à¤¤ की जीवनदायिनी है। उनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने गà¥à¤œà¤°à¤¾à¤¤ की जनता की ओर से यातà¥à¤°à¤¾ की सफलता की शà¥à¤à¤•ामनाà¤à¤ दी। उनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने कहा कि माठनरà¥à¤®à¤¦à¤¾ की पवितà¥à¤°à¤¤à¤¾ के संरकà¥à¤·à¤£ का यह अà¤à¤¿à¤¯à¤¾à¤¨ कामयाब होगा। इस कारà¥à¤¯à¤•à¥à¤°à¤® से à¤à¤¸à¤¾ ही पà¥à¤°à¤¯à¤¾à¤¸ गà¥à¤œà¤°à¤¾à¤¤ में करने की पà¥à¤°à¥‡à¤°à¤£à¤¾ हमें मिली है। उनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने कहा कि मधà¥à¤¯à¤ªà¥à¤°à¤¦à¥‡à¤¶ माठनरà¥à¤®à¤¦à¤¾ का à¤à¤• छोर और गà¥à¤œà¤°à¤¾à¤¤ दूसरा छोर है। माठनरà¥à¤®à¤¦à¤¾ के जल का उपयोग मानव विकास में हो रहा है। उनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने कहा कि पà¥à¤°à¤§à¤¾à¤¨à¤®à¤‚तà¥à¤°à¥€ शà¥à¤°à¥€ नरेनà¥à¤¦à¥à¤° मोदी ने अथक पà¥à¤°à¤¯à¤¾à¤¸ कर माठनरà¥à¤®à¤¦à¤¾ का जल गà¥à¤œà¤°à¤¾à¤¤ में देश की सीमा तक पहà¥à¤à¤šà¤¾ दिया है।
शà¥à¤°à¥€ à¤à¥ˆà¤¯à¥à¤¯à¤¾à¤œà¥€ जोशी
राषà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥€à¤¯ सà¥à¤µà¤¯à¤‚सेवक संघ के सर सहकारà¥à¤¯à¤µà¤¾à¤¹ शà¥à¤°à¥€ à¤à¥ˆà¤¯à¥à¤¯à¤¾à¤œà¥€ जोशी जी ने कहा कि à¤à¤¾à¤°à¤¤ की सà¤à¥à¤¯à¤¤à¤¾ और संसà¥à¤•ृति नदियों के तट पर विकसित हà¥à¤ˆ है। à¤à¤¸à¥€ पवितà¥à¤° à¤à¥‚मि में हम सबको जनà¥à¤® लेने का अवसर पà¥à¤°à¤¾à¤ªà¥à¤¤ हà¥à¤† है जहाठनदियों को माठमाना गया है। हमारी संसà¥à¤•ृति कहती है पंचà¤à¥‚तों को देवता मानकर उनकी पूजा करें कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि पंचà¤à¥‚तों से ही शरीर का निरà¥à¤®à¤¾à¤£ हà¥à¤† है। उनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने कहा नदियाà¤, वृकà¥à¤·, पà¥à¤°à¤¾à¤•ृतिक संसाधन हमारे लिये हैं इसलिये उनका संरकà¥à¤·à¤£ करना हमारा परम करà¥à¤¤à¥à¤¤à¤µà¥à¤¯ है। किसी à¤à¥€ कारखाने में वृकà¥à¤· और जल का निरà¥à¤®à¤¾à¤£ नहीं होता है। उनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने सबसे वृकà¥à¤· लगाने का आवà¥à¤¹à¤¾à¤¨ किया।
विधानसà¤à¤¾ अधà¥à¤¯à¤•à¥à¤· शà¥à¤°à¥€ शरà¥à¤®à¤¾
मधà¥à¤¯à¤ªà¥à¤°à¤¦à¥‡à¤¶ विधानसà¤à¤¾ अधà¥à¤¯à¤•à¥à¤· शà¥à¤°à¥€ सीताशरण शरà¥à¤®à¤¾ ने यातà¥à¤°à¤¾ की सराहना करते हà¥à¤ कहा कि यह यातà¥à¤°à¤¾ जन-कलà¥à¤¯à¤¾à¤£ और पà¥à¤°à¤¦à¥‡à¤¶ की पà¥à¤°à¤—ति में बहà¥à¤¤ उपयोगी होगी। वन मंतà¥à¤°à¥€ à¤à¤µà¤‚ यातà¥à¤°à¤¾ पà¥à¤°à¤à¤¾à¤°à¥€ डॉ. गौरीशंकर शेजवार ने यातà¥à¤°à¤¾ का उदà¥à¤¦à¥‡à¤¶à¥à¤¯ बताते हà¥à¤ कहा कि यातà¥à¤°à¤¾ का धारà¥à¤®à¤¿à¤•, सामाजिक और वैजà¥à¤žà¤¾à¤¨à¤¿à¤• महतà¥à¤µ है।
सà¥à¤µà¤¾à¤®à¥€ अवधेशानंद गिरि
महामणà¥à¤¡à¤²à¥‡à¤¶à¥à¤µà¤° परमपूजà¥à¤¯ शà¥à¤°à¥€ अवधेशाननà¥à¤¦à¤—िरि महाराज ने कहा कि मानव का असà¥à¤¤à¤¿à¤¤à¥à¤µ जल से ही है। सारे संसà¥à¤•ार और संकलà¥à¤ª जल से ही समà¥à¤ªà¤¨à¥à¤¨ होते हैं। उनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने नदी और परà¥à¤¯à¤¾à¤µà¤°à¤£ संरकà¥à¤·à¤£ के इस अà¤à¤¿à¤¯à¤¾à¤¨ की पà¥à¤°à¤¶à¤‚सा करते हà¥à¤ कहा कि पीने योगà¥à¤¯ पानी की मातà¥à¤°à¤¾ बहà¥à¤¤ कम बची है। à¤à¤µà¤¿à¤·à¥à¤¯ में जल के लिये यà¥à¤¦à¥à¤§ हो सकता है। उनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने कहा कि माठनरà¥à¤®à¤¦à¤¾ नदी की मूल उतà¥à¤ªà¤¤à¥à¤¤à¤¿ वृकà¥à¤·à¥‹à¤‚ से हैं। इसलिये इसे जीवंत और पवितà¥à¤° रखने के लिये à¤à¤•मातà¥à¤° अनà¥à¤·à¥à¤ ान सघन वृकà¥à¤·à¤¾à¤°à¥‹à¤ªà¤£ है। उनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने कहा कि यातà¥à¤°à¤¾ के दौरान वृकà¥