आमजन की समसà¥à¤¯à¤¾à¤“ं का निराकरण निगम ततà¥à¤ªà¤°à¤¤à¤¾ से करे- अशोक सिंह
गà¥à¤µà¤¾à¤²à¤¿à¤¯à¤°à¥¤ मधà¥à¤¯à¤ªà¥à¤°à¤¦à¥‡à¤¶ कांगà¥à¤°à¥‡à¤¸ कमेटी के उपाधà¥à¤¯à¤•à¥à¤· अशोक सिंह ने शहर व गà¥à¤°à¤¾à¤®à¥€à¤£ के वारà¥à¤¡à¥‹à¤‚ में वà¥à¤¯à¤¾à¤ªà¥à¤¤ जन समसà¥à¤¯à¤¾à¤“ं के पà¥à¤°à¤¤à¤¿ नगर निगम आयà¥à¤•à¥à¤¤ का धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ आकरà¥à¤·à¤¿à¤¤ कराते हà¥à¤¯à¥‡ कहा है कि आम जन टूटी सडक़े , गंदगी उफनती सीवर लाइनें, सà¥à¤®à¤¾à¤°à¥à¤Ÿ सिटी के कारà¥à¤¯à¥‹à¤‚ की धीमी रफतार , पेयजल समसà¥à¤¯à¤¾ à¤à¤µà¤‚ अमृत योजना के कारà¥à¤¯à¥‹ का समय पर पूरà¥à¤£ न होना इस बात का परिचायक है कि आम जन बà¥à¤¨à¤¿à¤¯à¤¾à¤¦à¥€ सà¥à¤µà¤¿à¤§à¤¾à¤à¤‚ न मिलने से परेशान है।
पà¥à¤°à¤¦à¥‡à¤¶ कांगà¥à¤°à¥‡à¤¸ उपाधà¥à¤¯à¤•à¥à¤· अशोक सिंह ने कहा कि समसà¥à¤¯à¤¾à¤à¤‚ कोढ में खाज की तरह विलविला रही हैं। उनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने कहा कि खसà¥à¤¤à¤¾ हाल सडक़ों के दà¥à¤°à¥‚सà¥à¤¤à¥€à¤•रण के कारà¥à¤¯ à¤à¤µà¤‚ अनà¥à¤¯ विकास कारà¥à¤¯à¥‹à¤‚ की रफà¥à¤¤à¤¾à¤° ठपà¥à¤ª सी हो गई है। गडडम-गडढा सडक़ों पर चलना दूà¤à¤° हो रहा है। खास बात यह है à¤à¥€ है कि सडक़ों के पेंच रिपेयरिंग का काम à¤à¥€ नहीं हो पा रहा है। जहां तक सफाई वà¥à¤¯à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ का सवाल है तो शहर में जगह-जगह कचरे के ढेर लगे हैं और गली मोहलà¥à¤²à¥‹à¤‚ से निकलने वाले नालों में कचरा à¤à¤°à¤¾ पडा है। सीवर लाइनें उफन रही हैं, इस समसà¥à¤¯à¤¾ से गà¥à¤°à¤¾à¤®à¥€à¤£ के वारà¥à¤¡ à¤à¥€ अछूते नहीं हैं।
सिंह ने कहा कि सà¥à¤®à¤¾à¤°à¥à¤… सिटी व अमृत योजना के कारà¥à¤¯ à¤à¥€ रफà¥à¤¤à¤¾à¤° नहीं पकड पा रहे हैं। नवंबर २०२० में नई पानी की टंकिंगयों से पानी की सपà¥à¤²à¤¾à¤ˆ शà¥à¤°à¥‚ होना थी , जो आज तक नहीं हो सकी है। पेयजल समसà¥à¤¯à¤¾ कई कà¥à¤·à¥‡à¤¤à¥à¤°à¥‹à¤‚ में जस की तस बनी हà¥à¤ˆ है। कांगà¥à¤°à¥‡à¤¸ नेता सिंह ने कहा कि गरीब पà¥à¤°à¥‚ष व महिलाओं के पेंशन पà¥à¤°à¤•रणों का ततà¥à¤•ाल निराकरण किया जाये और गरीबों को खादà¥à¤¯à¤¾à¤¨à¥à¤¨ मिले , इसलिये खादà¥à¤¯à¤¾à¤¨à¥à¤¨ परà¥à¤šà¤¿à¤¯à¤¾à¤‚ ततà¥à¤•ाल जारी करवाई जायें, जिससे गरीबों को राहत मिल सके। उनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने कहा कि गरीबों की à¤à¤²à¤¾à¤ˆ के लियं संबंल योजना चलाई जा रही है, मगर अधिकारियों की अकरà¥à¤®à¤£à¥à¤¯à¤¤à¤¾ के कारण गरीबों को इस योजना का लाठनहीं मिल पा रहा है। सिंह ने कहा कि गरीबों को मोटे बिल दिये जा रहे हैं और उनकी बिजली काटी जा रही है। यह दà¥à¤°à¥à¤à¤¾à¤—à¥à¤¯à¤ªà¥‚रà¥à¤£ है। उनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने कहा कि हमारी मांग है कि जिस माह के बिजली बिल सà¥à¤¥à¤—ित किये गये हैं उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ माफ किया जाये। साथ ही अघोषित बिजली कटौती को बंद कराया जाये।