अमरकंटक कà¥à¤·à¥‡à¤¤à¥à¤° में खनन पर पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤¬à¤‚ध लगेगा
मà¥à¤–à¥à¤¯à¤®à¤‚तà¥à¤°à¥€ शà¥à¤°à¥€ चौहान ने करंजिया में किया जनसंवाद
मà¥à¤–à¥à¤¯à¤®à¤‚तà¥à¤°à¥€ ने की पाà¤à¤š किलोमीटर की पद-यातà¥à¤°à¤¾
मà¥à¤–à¥à¤¯à¤®à¤‚तà¥à¤°à¥€ शà¥à¤°à¥€ शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि मॉं नरà¥à¤®à¤¦à¤¾ के उदगम सà¥à¤¥à¤² अमरकंटक के आसपास के कà¥à¤·à¥‡à¤¤à¥à¤° में खनन पर पूरी तरह पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤¬à¤‚ध लगाया जायेगा। इसके लिये à¤à¤¾à¤°à¤¤ शासन को पतà¥à¤° à¤à¥€ लिखा जायेगा। इससे नरà¥à¤®à¤¦à¤¾ नदी पà¥à¤°à¤¦à¥‚षणमà¥à¤•à¥à¤¤ हो सकेगी और पà¥à¤°à¤µà¤¾à¤¹ पà¥à¤°à¤¬à¤² होगा। शà¥à¤°à¥€ चौहान आज नरà¥à¤®à¤¦à¤¾ सेवा यातà¥à¤°à¤¾ के दौरान डिणà¥à¤¡à¥‹à¤°à¥€ जिले के करंजिया में à¤à¤• विशाल जनसà¤à¤¾ को संबोधित कर रहे थे। करंजिया निवासी शà¥à¤°à¥€ यासीन खान ने यातà¥à¤°à¤¾ में शामिल लोगों के लिये à¤à¤£à¥à¤¡à¤¾à¤°à¤¾ आयोजित कर सदà¤à¤¾à¤µ की अदà¤à¥à¤¤ मिसाल पà¥à¤°à¤¸à¥à¤¤à¥à¤¤ की।
मà¥à¤–à¥à¤¯à¤®à¤‚तà¥à¤°à¥€ आज 'नमामि देवी नरà¥à¤®à¤¦à¥‡''-सेवा यातà¥à¤°à¤¾ में अरणà¥à¤¡à¥€ आशà¥à¤°à¤® से रवाना होकर करंजिया पहà¥à¤à¤šà¥‡à¥¤ करंजिया में उनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने कहा कि इंसान ने अपने सà¥à¤µà¤¾à¤°à¥à¤¥ के कारण जंगल काट डाले तथा धरती माठका सीना चीरकर तमाम खनिज निकाले और उसमें गंदा पानी छोड़कर उसे पà¥à¤°à¤¦à¥‚षित किया। माठनरà¥à¤®à¤¦à¤¾ मधà¥à¤¯à¤ªà¥à¤°à¤¦à¥‡à¤¶ की जीवनदायिनी है, जिसने हमें सिंचाई के लिये पानी और बिजली की सौगात दी है। इसलिये हम सबका परम करà¥à¤¤à¥à¤¤à¤µà¥à¤¯ बनता है कि हम माठनरà¥à¤®à¤¦à¤¾ को सà¥à¤µà¤šà¥à¤› और उसके पà¥à¤°à¤µà¤¾à¤¹ को पà¥à¤°à¤¬à¤² करने के लिये à¤à¤°à¤ªà¥‚र सहयोग करें। यह यातà¥à¤°à¤¾ इनà¥à¤¹à¥€à¤‚ उदà¥à¤¦à¥‡à¤¶à¥à¤¯à¥‹à¤‚ की पूरà¥à¤¤à¤¿ के लिये निकाली गई है।
मà¥à¤–à¥à¤¯à¤®à¤‚तà¥à¤°à¥€ शà¥à¤°à¥€ चौहान ने कहा कि माठनरà¥à¤®à¤¦à¤¾ नदी के पà¥à¤°à¤µà¤¾à¤¹ को पà¥à¤°à¤¬à¤² बनाने के लिये जंगलों की खाली जमीन में सघन वृकà¥à¤·à¤¾à¤°à¥‹à¤ªà¤£ किया जायेगा। साथ ही दोनों तटों के किसानों की जमीन पर पौधे लगाने के लिये किसानों को 20 हजार रूपये पà¥à¤°à¤¤à¤¿ हेकà¥à¤Ÿà¥‡à¤¯à¤° तीन वरà¥à¤· तक अनà¥à¤¦à¤¾à¤¨ तथा वृकà¥à¤·à¤¾à¤°à¥‹à¤ªà¤£ की लागत में 40 पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤¶à¤¤ की सहायता दी जायेगी। इसके साथ ही नदी के किनारे पड़ने वाले हर गाà¤à¤µ में शौचालय बनाने के लिये 12-12 हजार रूपये का अनà¥à¤¦à¤¾à¤¨ दिया जायेगा। उनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने गà¥à¤°à¤¾à¤®à¥€à¤£à¥‹à¤‚ से आगà¥à¤°à¤¹ किया कि नरà¥à¤®à¤¦à¤¾ नदी में फूल, पतà¥à¤¤à¥€ आदि पूजन सामगà¥à¤°à¥€ नहीं डाले। साथ ही जल समाधि à¤à¥€ न दें। इसके लिये तट पर पूजन कà¥à¤£à¥à¤¡ और मà¥à¤•à¥à¤¤à¤¿ धाम à¤à¥€ बनाये जायेंगे। उनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने कहा कि माà¤, बहन, बेटी को समà¥à¤®à¤¾à¤¨ दिलाने के लिये सरकार कृतसंकलà¥à¤ªà¤¿à¤¤ है। उनके लिये घाटों पर वसà¥à¤¤à¥à¤° बदलने के लिये चेंजिंग रूम à¤à¥€ बनाये जायेंगे।
मà¥à¤–à¥à¤¯à¤®à¤‚तà¥à¤°à¥€ ने कहा कि गरीबों को पकà¥à¤•े घर बनाने के लिये à¤à¤• लाख 20 हजार रूपये की सहायता दी जायेगी। साथ ही जिनके पास अपना घर बनाने की जमीन नहीं होगी उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ जमीन दी जायेगी। उनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने नशा छोड़ने और बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ को सà¥à¤•ूल à¤à¥‡à¤œà¤¨à¥‡ तथा बेटा-बेटी को बराबर समà¤à¤¨à¥‡ की समà¤à¤¾à¤ˆà¤¶ दी। उनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने कहा कि बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ की पà¥à¤¾à¤ˆ में कोई परेशानी नहीं होगी उनकी हरसंà¤à¤µ मदद की जायेगी। इस अवसर पर उनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने गà¥à¤°à¤¾à¤®à¥€à¤£à¥‹à¤‚ को इस बात का संकलà¥à¤ª à¤à¥€ दिलाया। पूरà¥à¤µ में खादà¥à¤¯ à¤à¤µà¤‚ नागरिक आपूरà¥à¤¤à¤¿ मंतà¥à¤°à¥€ शà¥à¤°à¥€ ओमपà¥à¤°à¤•ाश धà¥à¤°à¥à¤µà¥‡ ने यातà¥à¤°à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ à¤à¤µà¤‚ अतिथियों का सà¥à¤µà¤¾à¤—त किया। अंत में कà¥à¤·à¥‡à¤¤à¥à¤°à¥€à¤¯ विधायक शà¥à¤°à¥€ ओमकार सिंह मरकाम ने आà¤à¤¾à¤° वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤ किया।
परमपूजà¥à¤¯ संत महामणà¥à¤¡à¤²à¥‡à¤¶à¥à¤µà¤° हरिहराननà¥à¤¦ à¤à¤µà¤‚ पूजà¥à¤¯ संत शà¥à¤°à¥€ रामà¤à¥‚षण ने à¤à¥€ यातà¥à¤°à¤¾ के सफल होने की शà¥à¤à¤•ामनाà¤à¤ दी। इस अवसर पर वन मंतà¥à¤°à¥€ डॉ गौरीशंकर शेजवार, सूकà¥à¤·à¥à¤®, लघॠà¤à¤µà¤‚ मधà¥à¤¯à¤® उदà¥à¤¯à¥‹à¤— राजà¥à¤¯ मंतà¥à¤°à¥€ शà¥à¤°à¥€ संजय पाठक आदि जन-पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤¨à¤¿à¤§à¤¿ à¤à¤µà¤‚ बड़ी संखà¥à¤¯à¤¾ में गà¥à¤°à¤¾à¤®à¥€à¤£ उपसà¥à¤¥à¤¿à¤¤ थे।
जन-जन के मà¥à¤– से निकला हर-हर नरà¥à¤®à¤¦à¥‡
मà¥à¤–à¥à¤¯à¤®à¤‚तà¥à¤°à¥€ शà¥à¤°à¥€ शिवराज सिंह चौहान नरà¥à¤®à¤¦à¤¾ सेवा यातà¥à¤°à¤¾ के दूसरे दिन अरणà¥à¤¡à¥€ आशà¥à¤°à¤® से रवाना हà¥à¤à¥¤ उनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने गà¥à¤°à¤¾à¤® बोंदर से करंजिया तक पाà¤à¤š किलोमीटर की पैदल यातà¥à¤°à¤¾ की। इस दौरान जगह-जगह गà¥à¤°à¤¾à¤®à¥€à¤£à¥‹à¤‚ दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ कलश और पà¥à¤·à¥à¤ªà¤¹à¤¾à¤°à¥‹à¤‚ से यातà¥à¤°à¤¾ की अगवानी की गई तथा परमà¥à¤ªà¤°à¤¾à¤—त गीत-संगीत से à¤à¥€ सà¥à¤µà¤¾à¤—त किया गया। यातà¥à¤°à¤¾ में शामिल लोग ढोलक, मांदर की थाप और शहनाई की गूà¤à¤œ में अपने आप को à¤à¥‚मने से नहीं रोक पाये। मà¥à¤–à¥à¤¯à¤®à¤‚तà¥à¤°à¥€ à¤à¥€ गà¥à¤°à¤¾à¤®à¥€à¤£à¥‹à¤‚ के साथ à¤à¥‚मे और ढोलक à¤à¥€ बजाई। आसपास के गाà¤à¤µ से आयी उपयातà¥à¤°à¤¾à¤à¤ à¤à¥€ इस यातà¥à¤°à¤¾ में शामिल होती गई। इस अदà¥à¤à¥à¤¤ दृशà¥à¤¯ और विशाल जनसैलाब में शामिल महिला, पà¥à¤°à¥‚ष, बचà¥à¤šà¥‡, बूà¥à¥‡ और जवान हर किसी के मà¥à¤– से हर-हर नरà¥à¤®à¤¦à¥‡ के सà¥à¤µà¤° फूट रहे थे। पूरा वातावरण माठनरà¥à¤®à¤¦à¤¾à¤®à¤¯ था। दूर-दूर तक जन ही जन का विंहगम दृशà¥à¤¯ दिख रहा था। यातà¥à¤°à¤¾ के पà¥à¤°à¤¤à¤¿ पूरे कà¥à¤·à¥‡à¤¤à¥à¤° में अपार उतà¥à¤¸à¤¾à¤¹ देखा गया।
मà¥à¤–à¥à¤¯à¤®à¤‚तà¥à¤°à¥€ ने रासà¥à¤¤à¥‡ में कबीर चबूतरा, जगतपà¥à¤°, नारीगà¥à¤µà¤°à¤¾, बोंदर आदि गाà¤à¤µ में रूककर गà¥à¤°à¤¾à¤®à¥€à¤£à¥‹à¤‚ को संबोधित किया। उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ वृकà¥à¤·à¤¾à¤°à¥‹à¤ªà¤£, शौचालय बनवाने, सà¥à¤µà¤šà¥à¤›à¤¤à¤¾ अपनाने और परà¥à¤¯à¤¾à¤µà¤°à¤£ की रकà¥à¤·à¤¾, नशामà¥à¤•à¥à¤¤à¤¿ आदि का संकलà¥à¤ª à¤à¥€ दिलाया।