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चंबल कमिश्नर सक्सेना ने गूगल मीट पर योजनाओं की समीक्षा के दौरान कलेक्टरों को दिये निर्देश - तींनों जिले स्टेट की ग्रेडिंग में टॉप-10 पर रहे

शासन की विभिन्न कल्याणकारी नीतियों के क्रियान्वयन एवं लक्ष्यों की पूर्ति में किसी भी तरह का विलंब नहीं होना चाहिये। शासन की सभी प्राथमिकता वाली योजनाओं के क्रियान्वयन में सकारात्मक पहल करते है, एवं स्टेट में योजनाओं की ग्रेडिंग में सुधार लाते हुये चंबल संभाग के मुरैना, भिण्ड और श्योपुर जिले प्रदेश की ग्रेडिंग में टॉप-10 की स्थिति में रहे।   
    à¤šà¤‚बल-ग्वालियर संभाग के कमिश्नर श्री अशीष सक्सेना शुक्रवार को गूगल मीट के दौरान चंबल संभाग के तीनों जिलों के कलेक्टरों से योजनाओं की समीक्षा कर रहे थे। गूगल मीट के दौरान मुरैना कलेक्टर श्री बी. कार्तिकेयन, भिण्ड कलेक्टर श्री वीरेन्द्र सिंह रावत, श्योपुर कलेक्टर श्री राकेश कुमार श्रीवास्तव सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे।      
    à¤•मिश्नर श्री सक्सेना ने मुख्यमंत्री की 8 फरवरी को होने वाली कलेक्टर्स, कमिश्नर्स वीडियो कॉन्फ्रेस की तैयारियों की समीक्षा करते हुये मुख्यमंत्री द्वारा दिये गये निर्देशों को दोहराते हुये सभी कलेक्टरों से कहा है कि नगरीय क्षेत्र एवं ग्राम पंचायत के विकास की कार्य योजना शतप्रतिशत हो जाये। इन्हें समेकित कर जिले की वार्षिक कार्ययोजना तैयार की जाये। ग्रामीणों को योजनाओं का लाभ समय पर तथा बिना किसी परेशानी के मिल सके, यही हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिये। कोरोना टीकाकरण के लिये निर्धारित किये जाने वाले प्रोटोकॉल का अक्षरशः पालन सुनिश्चित किया जाये। भू-खनिज माफियाओं के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाही की जाये। कलेक्टर, पुलिस अधीक्षक चिन्हित अपराधों से संबंधित सूची भेंजे। सूची के माध्यम से जांच कर यह पता लगाया जाये कि वह अपराधी भू-माफिया है या नहीं। संभाग को माफिया मुक्त करना है, किन्तु गरीबों और कानून का पालन करने वालांे को कहीं परेशान न होना पड़े, यह भी सुनिश्चित किया जाये। अतिक्रमण के नाम पर सामान्य व्यक्ति के बजाय गुड़े रसूखदारों के विरूद्ध कड़ी कार्रवाही की जाये।  
    à¤•मिश्नर ने कहा है कि वैध परिवहन करने वाले खनिज ठेकेदारों को संरक्षण तथा अवैध उत्खनन करने वाले लोंगो के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाही की जाये। प्रदेश में वैध उत्खनन नहीं रोका जाये। अवैध उत्खनन के खिलाफ सख्त कार्रवाही करते हुये वाहन जप्त कर राजसात करने की कार्रवाही की जाये। बिना रॉयल्टी वालों के खिलाफ कार्रवाही करें तथा उनके वाहन राजसात करते हुये नीलामी संबंधी कार्रवाही करें। मिलावटखोरों के खिलाफ भी सख्त कार्रवाही की जाये। मिलावट खोरों के खिलाफ चल रहे अभियान को फॉलोअप करें तथा भोपाल लैब में खाद्य पदार्थो के नमूनों के परीक्षण की संख्या बढ़ाये। उन्होंने कहा कि सायवर क्राइम की रोकथाम पर भी पूरा ध्यान दिया जाये, सायवर क्राइम के लिये कॉल सेन्टर बनाये जायें।  
    à¤µà¤¿à¤­à¤¿à¤¨à¥à¤¨ योजनाओं की समीक्षा के दौरान मुरैना कलेक्टर श्री बी.कार्तिकेयन ने अवगत कराया कि बाजरा का पुराना भुगतान कर दिया गया है। 238 किसानों का निराकरण कर दिया है। कलेक्टर ने प्रधानमंत्री ग्रामीण पथ विक्रेता योजना की जानकारी से अवगत कराते हुये कहा कि जिले की 478 ग्राम पंचायतों को 10 हजार 516 पथ विक्रेताओं को लाभान्वित करने का लक्ष्य निर्धारित किया है, इसके विरूद्ध 18 हजार 996 प्रकरण तैयार कर बैंको को भेजे है।   
    à¤‡à¤¨à¤®à¥‡à¤‚ से 4 हजार 566 प्रकरणों में बैंको ने स्वीकृति दी है। 3 हजार 761 प्रकरणों में ऋण भुगतान किये जा चुके है। कमिश्नर ने कहा कि प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री ग्रामीण एवं शहरी पथ विक्रेता योजना में और अधिक प्रगति लायें। राशन वितरण की समीक्षा के दौरान कलेक्टर ने कहा कि पी.डी.एस. दुकानदारों के हड़ताल पर चले जाने के कारण जौरा में राशन का वितरण कम हुआ है। इस कार्य में सुधार लाया गया है। आजीविका मिशन की जानकारी देते हुये कलेक्टर ने अवगत कराया कि 11 करोड़ से अधिक का भुगतान किया जा चुका है। 9 करोड़ रूपये का भुगतान कैम्प लगाकर करने की योजना है। कलेक्टर ने गौशालाओं की उपलब्धियां बताते हुये कहा कि 30 गौशालाओं में 27 गौशालायें पूर्ण हो चुकी है। रोजगार मेला की जानकारी देते हुये कलेक्टर ने बताया कि मेला से 870 बेरोजगार युवाओं को जोड़ा गया था। मौके पर उन्होंने मनरेगा, जल जीवन मिशन और आयुष्मान कार्डो की प्रगति से भी अवगत कराया।            
    à¤­à¤¿à¤£à¥à¤¡ जिले की समीक्षा के दौरान कलेक्टर ने बताया कि प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना की स्थिति ठीक नहीं है, फिर भी प्रयास जारी है। इस योजना में 4 हजार 192 प्रकरण नगरीय निकायों द्वारा बैेंको को प्रस्तुत किये है, इनमें 3 हजार 41 प्रकरण स्वीकृत हुयें है। ग्रामीण पथ विक्रेता योजना में 9 हजार 744 लक्ष्य के विरूद्ध 17 हजार 408 आवेदन प्राप्त हुये है, इनमें से 1 हजार 496 प्रकरण ग्राम पंचायतों ने निरस्त किये है। 5 हजार 84 प्रकरण बैंको को प्रस्तुत किये गये है, इनमें से 1 हजार 408 प्रकरण स्वीकृत किये गये है। 944 प्रकरणों में ऋण वितरण हुआ है।
    à¤œà¤¿à¤²à¥‡ में 26 हजार 667 परिवारों को नवीन पात्रता पर्ची जारी की गईं है। राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन से जुड़े स्व-सहायता समूहों को जिले में 2 हजार 368 स्कूलों में यूनिफार्म, सिलाई कार्य उपलब्ध कराया है। 176 स्व-सहायता समूह की दीदियों को सिलाई का कार्य उपलब्ध कराया है। जिले में स्वच्छता सर्वेक्षण का कार्य भी किया जा रहा है। गौ सेवा योजना में 90 स्वीकृत गौशालाओं में से 45 पूर्ण कर ली गई है, 45 प्रगतिरत है। 19 जनवरी को रोजगार मेला का आयोजन किया गया था, जिसमें 13 कंपनियों ने 582 लोंगो का चयन किया है। आयुष्मान भारत योजना में 8 लाख 58 हजार 885 हितग्राहियों के आयुष्मान कार्ड बनाने का लक्ष्य है, इसमें से 2 लाख 67 हजार 335 आयुष्मान कार्ड बन चुके है।  
    à¤•लेक्टर श्री श्रीवास्तव ने कहा कि राजस्व वसूली की दिशा में राजस्व अधिकारियों द्वारा निरंतर प्रयास किये जा रहे है। जिसमें 67 प्रतिशत वसूली की जा चुकी है। शेष वसूली को समय सीमा में पूरा करने की पहल की जावेगी। कलेक्टर ने कहा कि स्वामित्व योजना के अंतर्गत 10 गांवांे में कार्यवाही पूर्ण की जा चुकी है। शेष गावं में कार्यवाही जारी है। उन्होने कहा कि आयुष्मान भारत योजना के अतंर्गत आजीविका मिशन के माध्यम से एक्सप्रेस संचालित की गई है। यह एक्सप्रेस प्रति दिवस सीएफटीओं के क्षेत्र में कार्ड बनाने का कार्य कर रही है। उन्होने कहा कि बीएमओ,एमओ, सुपरवाईजर, प्रतिदिवस कार्ड बनाने की दिशा में कार्यवाहियो को आगे बढा रहे है। जिले में अभी तक करीबन डेढ लाख आयुष्मान कार्ड बनाये जा चुके है। है। कलेक्टर ने कहा कि आगामी रबी उपार्जन के लिए 38 केन्द्र निर्धारित किये गये है। इसी प्रकार अमानक वस्तुएं एवं रेत माफिया के परिवहन के विरूद्ध जिले में तीन चौक पोस्ट लगाये गये है।
     इसी प्रकार पीएम स्वनिधि योजना में 3065 लक्ष्य के विरूद्ध 2360 प्रकरण प्रेषित किये गये है। जिसमें से 1528 प्रकरण स्वीकृत किये जाकर, शेष प्रकरणों में लक्ष्यपूर्ति की दिशा में कार्यवाही जारी है। इसी प्रकार सीएम ग्रामीण पथ विक्रेता योजना के अंतर्गत अवगत कराया कि 56000 रजिस्ट्रेशन जिले में अभी तक किये जा चुके है। इनमें से लगभग 07 हजार प्रकरण बैंको को भेजे जा चुके है। जिसमें से 81 प्रतिशत हितग्राहियों को लाभान्वित किया गया है। इसी प्रकार नवीन पात्रता पर्ची का भी 86 प्रतिशत वितरण किया जा चुका है।
 

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