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सभी किसानों का पंजीयन अनिवार्य रूप से किया जाये – कलेक्टर

 à¤­à¥‹à¤ªà¤¾à¤² . कलेक्टर श्री अविनाश लवानिया की अध्यक्षता में रबी विपणन वर्ष 2021-22 में गेहूं उपार्जन की तैयारियों के संबंध में जिला स्तरीय उपार्जन समिति की बैठक की गई। बैठक में जिला उपार्जन समिति के सभी सदस्य तथा अनुविभागीय अधिकारी हुजूर एवं बैरसिया, तहसीलदार उपस्थित रहें। कलेक्टर द्वारा निर्देशित किया गया कि 28 फरवरी तक लक्ष्य अनुसार समस्त किसानों के पंजीयन कराये जाना सुनिश्चित करें। 
   जिले में  48 पंजीयन केन्द्र स्थापित किये गये हैं तथा लगभग 70 गेहूं उपार्जन केन्द्र बनाये जाना प्रस्तावित है। जिले में 01 अप्रैल 2021 से गेहूं की खरीदी प्रारंभ की जायेगी, समर्थन मूल्य 1975 रूपये प्रति क्विंटल है। विगत वर्ष 32699 पंजीयन किये गये थे। इस वर्ष 11 फरवरी 2021 तक 23727 पंजीयन करवाये गये हैं शेष लगभग 10000 किसानों के पंजीयन शीघ्रता से पूर्ण करायें। किसानों के आधार, समग्र आई डी, एकल खाता, मोबाईल नंबर तथा खसरा प्राप्त कर पंजीयन करवाये जायें। 
   जिले में गेहूं का बोया गया रकबा 145000 हैक्टेयर है। 725000 मे.टन गेहूं उत्पादन का अनुमान है। लगभग 350000 मे.टन गेहूं का भोपाल जिले में उपार्जन किया जायेगा। इसी प्रकार चना का रकबा 4400 हैक्टेयर है। जिले में वेयरहाउस के गोदाम करोंद मण्डी तथा बैरसिया मण्डी में चने के उपार्जन का कार्य किया जायेगा। चने के पंजीकृत किसान जिले में 1064 है। 8880 मे.टन चने का उतपादन संभावित है। समर्थन मूल्य पर लगभग 4000 मे.टन उपार्जन संभावित है। प्रबंधक संचालक जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक समितियों के माध्यम से किसानों को मोबाईल द्वारा सूचना प्रदाय की जायेगी, अनुविभागीय अधिकारी द्वारा कोटवारों के माध्यम से सूचना सभी किसानो को प्रदाय कर सभी किसानों के पंजीयन पूर्ण करावें, जो कम्प्यूटर ऑपरेटर पंजीयन कार्य में रूचि न ले उन्हें पद से पृथक कर योग्य कम्प्यूटर ऑपरेटर लगाया जाये। कोई भी पात्र किसान पंजीयन से वंचित न हो। जिन किसानों के खसरे आधार से लिंक नहीं है, उनके पंजीयन करवाये जाये तथा आधार बाद में पटवारियों द्वारा खसरे से लिंक किये जाये। 
   05 हैक्टेयर से अधिक रकबा वाले समस्त किसानों पंजीयनों का सत्यापन पटवारी द्वारा किया जावेगा। 05 हैक्टेयर तक के रकबे के पंजीयन ही सिकमी/बटाईदार के रूप में किये जा सकेंगे। महाप्रबंधक भोपाल सेन्ट्रल कॉपरेटिव बैंक को निर्देशित किया गया कि समस्त उपार्जन केन्द्रों पर छलना, पंखा, किसानों के लिये पीने का पानी उपार्जन केन्द्र पर छांव हेतु टेन्ट की व्यवस्था एवं शौचालय तथा जनरेटर की व्यवस्था 15 मार्च तक करना सुनिश्चित करेंगे। उप संचालक कृषि एवं किसान कल्याण एवं अधिक्षक भू-अभिलेख को निर्देशित किया गया कि जिले में गेहूं एवं चना की अधिकतम उत्पादकता की जानकारी सिंचित एवं असिंचित रकबा की पृथक-पृथक संयुक्त हस्ताक्षर कर प्रस्तुत करें। 
   जिला प्रबंधक, वेयरहाउसिंग एण्ड लॉजिस्टिक कार्पोरेशन को निर्देशित किया गया कि जिले में उपलब्ध प्रायवेट वेयरहाउस संचालकों (पुराने एवं नवनिर्मित) की बैठक आहूत करें, समस्त निर्माणाधीन गोदाम प्रयास करके 15 मार्च 2021 तक पूर्ण करवाना सुनिश्चित करे। जिसमें उपार्जन नीति अनुसार गोदाम स्तरीय उपार्जन केन्द्रो पर जनरेटर, टेन्ट, छायापानी, पक्का प्लेटफार्म की व्यवस्था करें। किसानों की समस्या को दृष्टिगत रखते हुये समीपस्थ ग्रामों को समिति पर जोडे तथा गोदामों में उपार्जन केन्द्र बनाये जाने पर जिले में अधिक से अधिक संख्या में समीपस्थ ग्रामों के वेयरहाउस के गोदामों में जोडे जिससे किसानों को अधिक दूरी तक फसल विक्रय करने हेतु नहीं जाना पडे। 
   विगत वर्ष 2019-20 का गेहूं भारतीय खाद्य निगम को परिदान करने हेतु जिला प्रबंधक नागरिक आपूर्ति निगम सतत आपसी समन्वय के साथ कार्यवाही करें तथा समय-समय पर अवगत करायें। अनुविभागीय अधिकारी राजस्व, मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत तथा प्रबंध संचालक जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक स्थानीय हम्मालों की टीम तैयार करें तथा स्थानीय हम्मालों को रोजगार मिल सके तथा किसानों की उपज समय पर तुलाई की जा सके। जिला प्रबंधक नागरिक आपूर्ति निगम तथा प्रबंध संचालक जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक के कार्यालय में पृथक-पृथक लाईन लेकर 4-5 टेलीफोन स्थापित कर कन्ट्रोल रूम स्थापित करें। कन्ट्रोल रूम प्रातः 08 बजे से शाम 08 बजे तक संचालित करें। इस हेतु कर्मचारियों की ड्यूटी लगायें। समस्त उपार्जन केन्द्रों पर जिला विकासखण्ड एवं उपार्जन केन्द्र स्तरीय नोडल अधिकारियों की ड्यूटी लगाई जाना सुनिश्चित करें। मंडी में गेहूँ, चना की प्रतिदिन की आवक दर्ज की जाए तथा समर्थन मूल्य पर गेहूँ की बोली लगाई जाए।

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