अजà¥à¤žà¤¾à¤¤ वाहन ने मारी टकà¥à¤•र -दो छातà¥à¤°à¥‹à¤‚ की मौके पर मौत ,घरों में पसरा मातम
गà¥à¤µà¤¾à¤²à¤¿à¤¯à¤° .आखिरी पेपर शà¥à¤°à¥‚ होने के चंद मिनट पहले 2 छातà¥à¤°à¥‹à¤‚ की दरà¥à¤¦à¤¨à¤¾à¤• मौत हो गई। दोनों सà¥à¤•ूल से बाइक की टेसà¥à¤Ÿ डà¥à¤°à¤¾à¤‡à¤µ के लिठनिकले थे। सà¥à¤•ूल वापस आते, उसके पहले ही à¤à¤• अजà¥à¤žà¤¾à¤¤ वाहन ने टकà¥à¤•र मार दी। बाइक बेकाबू होकर डिवाइडर पर चà¥à¥€ और सारà¥à¤µà¤œà¤¨à¤¿à¤• शौचालय से जा टकराई। दोनों दीवार से टकरा गà¤à¥¤ सिर में गंà¤à¥€à¤° चोट लगने से मौके पर ही दोनों ने दम तोड़ दिया। दोनों छातà¥à¤° अपने-अपने परिवार के इकलौते बेटे थे। वे KV-1 (केंदà¥à¤°à¥€à¤¯ विदà¥à¤¯à¤¾à¤²à¤¯ ) में कà¥à¤²à¤¾à¤¸ 9वीं के छातà¥à¤° थे। घटना गà¥à¤µà¤¾à¤²à¤¿à¤¯à¤° के थाटीपà¥à¤° होटल रमाया के पास सोमवार सà¥à¤¬à¤¹ की है। इस हà¥à¤°à¤¦à¤¯ बिदारक घटना की ख.बर जिसने à¤à¥€ सà¥à¤¨à¥€ ,उसकी ऑंखें नम हो गईं. दोनों परिवारों में मातम पसरा रहा ,परिवारजन की हालत बदहवास थी .राहगीरों ने पà¥à¤²à¤¿à¤¸ और à¤à¤‚बà¥à¤²à¥‡à¤‚स को सूचना दी। सूचना मिलते ही थाटीपà¥à¤° थाना पà¥à¤²à¤¿à¤¸ के साथ ही DSP टà¥à¤°à¥‡à¤«à¤¿à¤• नरेश अनà¥à¤¨à¥‹à¤Ÿà¤¿à¤¯à¤¾ मौके पर पहà¥à¤‚चे। छातà¥à¤°à¥‹à¤‚ के शवों को डायल 100 से असà¥à¤ªà¤¤à¤¾à¤² के लिठरवाना किया, जहां उनका पीà¤à¤® कराया गया ,इसके बाद शव परिजनों को सौंप दिठ. टकà¥à¤•र मारने बाले अजà¥à¤žà¤¾à¤¤ बाहन चालक को पà¥à¤²à¤¿à¤¸ पकड़ नहीं पाई है.
जानकारी के अनà¥à¤¸à¤¾à¤° थाटीपà¥à¤° नà¥à¤¯à¥‚ जीवाजी नगर निवासी दिवà¥à¤¯à¤¾à¤‚शॠ(17) पà¥à¤¤à¥à¤° राकेश सोलंकी KV-1 (केंदà¥à¤°à¥€à¤¯ विदà¥à¤¯à¤¾à¤²à¤¯ गà¥à¤µà¤¾à¤²à¤¿à¤¯à¤° .) में 9वीं का छातà¥à¤° है। सोमवार को उसकी आखिरी परीकà¥à¤·à¤¾ थी। रोजाना की तरह वह साइकिल से पेपर देने निकला था। दिवà¥à¤¯à¤¾à¤‚शॠके पिता सरकारी सà¥à¤•ूल में टीचर हैं। वह ठीक 8 बजे वह सà¥à¤•ूल पहà¥à¤‚च गया। इसी समय उसका साथी गà¥à¥à¤¾ नादरिया की माता के पास निवासी आशीरà¥à¤µà¤¾à¤¦ (17) पà¥à¤¤à¥à¤° ओमपà¥à¤°à¤•ाश राजपूत बाइक MP07ND-6046 से सà¥à¤•ूल के गेट पर पहà¥à¤‚चा। आशीरà¥à¤µà¤¾à¤¦ के पिता सेना से रिटायरà¥à¤¡ मेजर हैं।
सà¥à¤•ूल में 8.20 बजे à¤à¤‚टà¥à¤°à¥€ का टाइम था। इस पर दिवà¥à¤¯à¤¾à¤‚शॠने आशीरà¥à¤µà¤¾à¤¦ से कहा, वह उसकी बाइक की टेसà¥à¤Ÿ डà¥à¤°à¤¾à¤‡à¤µ लेना चाहता है। इसके बाद दोनों सà¥à¤•ूल के बाहर से ही टेसà¥à¤Ÿ डà¥à¤°à¤¾à¤‡à¤µ पर निकल गà¤à¥¤ आकाशवाणी से मेला सूरà¥à¤¯ नमसà¥à¤•ार चौराहा पर पहà¥à¤‚चे। वहां से वापस सà¥à¤•ूल के लिठलौट रहे थे। बाइक दिवà¥à¤¯à¤¾à¤‚शॠचला रहा था, वह सà¥à¤ªà¥€à¤¡ में था। वह रमाया होटल के सामने थे, तà¤à¥€ पीछे से तेज रफà¥à¤¤à¤¾à¤° वाहन ने उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ टकà¥à¤•र मार दी। इसके बाद बाइक बेकाबू होकर डिवाइडर पर चà¥à¥€ और सड़क किनारे बने सारà¥à¤µà¤œà¤¨à¤¿à¤• शौचालय की दीवार से जा टकराई, जिसमें दोनों छातà¥à¤°à¥‹à¤‚ की मौत हो गई।
माता-पिता बदहवास
हादसे का पता चलते ही माता-पिता व अनà¥à¤¯ à¤à¥€ मौके पर पहà¥à¤‚च गà¤à¥¤ अपने बेटों को मृत देखकर बदहवास हो गà¤à¥¤ असà¥à¤ªà¤¤à¤¾à¤² में जो à¤à¥€ करà¥à¤®à¤šà¤¾à¤°à¥€ आता वे उसके पैरों में गिरकर अपने बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ का उपचार करने के लिठकहते रहे। इस दौरान उनके साथ आठलोग à¤à¥€ अपने आंसू नहीं रोक पाà¤à¥¤
दोनों को बाइक चलाने का था शौक
बताया गया है कि दोनों ही छातà¥à¤°à¥‹à¤‚ को बाइक चलाने का शौक था। आज à¤à¥€ वे सà¥à¤¬à¤¹ आठबजे सà¥à¤•ूल पहà¥à¤‚च गठथे, लेकिन सà¥à¤•ूल में à¤à¤‚टà¥à¤°à¥€ सà¥à¤¬à¤¹ 8:20 पर थी तो दोनों बाइक की राइडिंग के लिठनिकल गà¤à¥¤ रमाया होटल के पास अजà¥à¤žà¤¾à¤¤ वाहन ने उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ टकà¥à¤•र मार दी और दोनों की मौके पर मौत हो गई।
टाइलà¥à¤¸ पर चिपके थे मांस के टà¥à¤•ड़े, खरोंचकर निकाले ;
सोमवार सà¥à¤¬à¤¹ सारà¥à¤µà¤œà¤¨à¤¿à¤• शौचालय की जिस दीवार से छातà¥à¤° बाइक समेत टकराठथे, उस दीवार पर गड़े छातà¥à¤°à¥‹à¤‚ के मासà¥à¤• दरà¥à¤¦à¤¨à¤¾à¤• मौत की कहानी बयां कर रहे थे। हादसे के समय बाइक की सà¥à¤ªà¥€à¤¡ करीब 100 या उससे जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ रही होगी। छातà¥à¤° सारà¥à¤µà¤œà¤¨à¤¿à¤• शौचालय की दीवार से इतनी तेजी से टकराà¤, उनके मà¥à¤‚ह और सिर टाइलà¥à¤¸ में घà¥à¤¸ गà¤à¥¤
छातà¥à¤°à¥‹à¤‚ के मासà¥à¤• दीवार में ही गड़े रह गà¤à¥¤ उनके सिर से मांस के चीथड़े टाइलà¥à¤¸ पर जा चिपके। पà¥à¤²à¤¿à¤¸ ने घटना सà¥à¤¥à¤² से खरोंचकर चीथड़े निकाले हैं। सोमवार सà¥à¤¬à¤¹ 8.10 बजे हादसा आकाशवाणी के पास होटल रमाया के सामने हà¥à¤†à¥¤ छातà¥à¤° घर ये कहकर निकले थे कि आखिर पेपर है, जलà¥à¤¦à¥€ पहà¥à¤‚चना है। उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ पता नहीं था, जीवन का आखिरी पेपर हो गया।
हेलमेट होता, तो शायद बच जाती जान
दोनों छातà¥à¤°à¥‹à¤‚ की उमà¥à¤° की 18 वरà¥à¤· से कम थी, फिर à¤à¥€ उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ बाइक दी गई। इसके बाद वे हेलमेट à¤à¥€ नहीं पहने थे। छातà¥à¤° यदि हेलमेट पहने होते, तो शायद जान बच सकती थी, कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि उनके शरीर पर कहीं à¤à¥€ खरोंच तक नहीं है। जो à¤à¥€ चोट है, वह सिर और मà¥à¤‚ह पर है।
मां को नहीं हो रहा विशà¥à¤µà¤¾à¤¸, बेटा नहीं रहा
जब आशीरà¥à¤µà¤¾à¤¦ की मां को हादसे का पता लगा, तो वह बेसà¥à¤§ हो गईं। किसी तरह असà¥à¤ªà¤¤à¤¾à¤² पहà¥à¤‚ची, उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ बताया गया था कि बेटा घायल है, लेकिन वहां पहà¥à¤‚चकर पता लगा कि बेटे की मौत हो चà¥à¤•ी है। वह बार-बार कह रही थीं, कोई आशीरà¥à¤µà¤¾à¤¦ को बà¥à¤²à¤¾ लाओ। दिवà¥à¤¯à¤¾à¤‚शॠकी मां को दोपहर तक नहीं बताया गया था कि बेटे की मौत हो गई है। दोपहर जब शव लेकर पहà¥à¤‚चे, तो घटना का पता लगा।
जिंदादिल थे दोनों दोसà¥à¤¤
दिवà¥à¤¯à¤¾à¤‚शॠऔर आशीरà¥à¤µà¤¾à¤¦ दोनों काफी जिंदादिल थे। चार दिन पहले पहले ही उनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने अपने दोसà¥à¤¤ का जनà¥à¤®à¤¦à¤¿à¤¨ मनाया था। जिसमें सड़क पर ही केक काटकर à¤à¤•-दूसरे का केक से चेहरा बिगाड़ा था। वो पल कैमरे में à¤à¥€ कैद किया था।