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ऊर्जा मंत्री के सामने बड़े अस्पताल की खुली पोल:दिल्ली से लौटने के बाद आधी रात को अस्पताल पहुंचे, तड़पता मिला घायल

दिल्ली से ग्वालियर लौटने के बाद ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर घर जाने के बदले सीधे जयारोग्य हॉस्पिटल (JAH) की कैजुअल्टी में जा पहुंचे। इसके बाद ट्रॉमा में पहुंचे तो यहां एक घायल तड़पता मिला। आधी रात को ही मंत्री ने पूरे अस्पताल प्रबंधन को लाइन पर ले लिया। तत्काल इलाज शुरू करवाया। खुद वहां खड़े होकर घायल को ट्रीटमेंट दिलवाया। ऊर्जामंत्री के अस्पताल में होने की खबर से रात को ही सारे अफसर वहां पहुंच गए। इसके बाद उन्होंने अस्पताल का निरीक्षण किया। जरूरी दिशा-निर्देश भी दिए। इसके बाद वह नाइट कर्फ्यू का जायजा लेने पहुंचे तो रात को भी लोग सड़कों पर वाहनों से घूमते मिले। उन्होंने तत्काल कार्रवाई के लिए कहा।

प्रदेश के ऊर्जामंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर शनिवार रात 1 बजे दिल्ली से ग्वालियर लौटे थे। लौटकर उनका घर जाने का कार्यक्रम था, लेकिन रास्ते में ही उन्होंने अपने वाहन के चालक को गाड़ी JAH (जयारोग्य हॉस्पिटल) की ओर मोड़ने के लिए कहा। यहां से वह सीधे JAH की कैजुअल्टी पहुचें। यहां उन्हें देखकर तैनात डॉक्टर अलर्ट मोड़ में आ गए। इसके बाद वह ट्रॉमा सेंटर पहुंचे तो यहां एक घायल इलाज के लिए तड़प रहा था। वहां डॉक्टर तो थे, लेकिन इलाज नहीं मिल रहा था। मंत्री ने यह देखा तो वह नाराज हुए। तत्काल रात को ही JAH प्रबंधन को कॉल कर हिला दिया।

इस पर घायल युवक शिवपुरी निवासी अजय रावत का अपने सामने खड़े होकर उपचार करवाया। इसके बाद डॉक्टरों को हिदायत दी कि रात के समय कोई भी घायल आता है तो उसको जल्द से जल्द उपचार दिया जाए। ऊर्जामंत्री के अस्पताल में होने का पता चलते ही अस्पताल प्रबंधन के अफसर ट्रॉमा सेंटर पहुंच गए। ऊर्जामंत्री ने निरीक्षण के बाद कुछ जरूरी बातों पर अमल करने के लिए कहा है। साथ ही कोविड की स्थिति भी जानी।जब ऊर्जा मंत्री रात को शहर में नाइट कर्फ्यू में भी लोग सड़कों पर वाहन लेकर घूमते नजर आए। उन्होंने इस पर नाराजगी जताते हुए लोगों को समझाइश दी। इस दौरान रात को बाहर ही सड़क किनारे अपने मूंगफली के ठेले पर सो रहे मजदूर को जगाकर उसका हालचाल जाना। उसे बताया कि प्रदेश सरकार आपके लिए बहुत योजनाएं चला रही हैं। उसका फायदा लेना चाहिए। उसकी मदद करने का आश्वासन दिया।

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