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मृत्यु प्रमाण पत्र पर कोविड से मौत न लिखा होने पर भड़के कांग्रेस विधायक, किया हंगामा

 à¤•ांग्रेस विधायक प्रवीण पाठक ने नगर निगम कार्यालय में हंगामा मचा दिया। उनका सवाल है जिसकी मौत कोरोना से हुई है उसके मृत्यु प्रमाण पत्र पर कोविड डेथ क्यों नहीं लिखा जा रहा है। अफसर अपनी मनमानी क्यों कर रहे हैं।

इस पर उन्होंने बाल भवन जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र विभाग में फिर नोडल ऑफिसर के दफ्तर में हंगामा कर सवाल जवाब किए। अफसरों पर एक जवाब देते नहीं बना। विधायक के साथ आधा सैकड़ा ऐसे लोग थे जिनके घर में किसी न किसी की कोविड से मौत हुई है, लेकिन प्रमाण पत्र पर कहीं नहीं लिखा। इस पर अफसरों का कहना है उन्होंने शासन से गाइडलाइन मांगी है कि किन दस्तावेजों के आधार पर प्रमाण पत्र पर कोविड डेथ लिखा à¤œà¤¾à¤à¥¤

ग्वालियर में कोविड संक्रमण कम होने के बाद अब सबसे बड़ी समस्या कोरोना से जिनकी मौत हुई है उनके मृत्यु प्रमाण पत्र बनवाना है। इसको लेकर कोई भी स्पष्ट गाइडलाइन नहीं है। नगर निगम ने शुरू में कुछ डेथ सार्टिफिकेट पर कोविड डेथ लिखा था, लेकिन उसके बाद लिखना बंद कर दिया। क्योंकि इसको लेकर अभी तक कोई स्पष्ट दिशा-निर्देश नहीं है। इसी सिलसिले में सोमवार शाम 4 बजे कुछ लोग डेथ सार्टिफिकेट बनवाने पहुंचे तो उन्हें प्रमाण पत्र तो दिए, लेकिन उसमें कोविड डेथ नहीं लिखा था। जब लोग परेशान हुए तो उन्होंने ग्वालियर दक्षिण से कांग्रेस विधायक प्रवीण पाठक को मामले की सूचना दी। कुछ ही मिनट में कांग्रेस विधायक पाठक नगर निगम के बाल भवन स्थित जन कल्याण शाखा के जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र विभाग के दफ्तर में पहुंच गए। विधायक ने वहां मौजूद कर्मचारियों को फटकार लगाई। उन्हें सार्टिफिकेट दिखाए और पूछा जिन्होंने कोविड से तड़प तड़पकर जान गंवाई उनके प्रमाण पत्र पर कहीं भी कोविड डेथ नहीं लिखा जा रहा, आखिर इसमें हर्ज ही क्या है।

अफसरों पर नहीं देते बना जवाब

  • विभाग में हंगामा मचाने के बाद विधायक जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र के नोडल ऑफिसर प्रदीप श्रीवास्तव के दफ्तर पहुंचे। यहां उनसे इस लापरवाही पर सवाल जवाब किए, लेकिन उन पर एक जवाब नहीं देते बना। विधायक ने कड़े शब्दों में चेतावनी दी कि मेरी जनता के साथ यह लापरवाही बर्दाश्त नहीं करूंगा। वहीं से कलेक्टर ग्वालियर, नगर निगम कमिश्नर को कॉल किया। उन्होंने मामले को देखने का आश्वासन दिया तब जाकर विधायक का गुस्सा शांत हुआ।

मौत में अंतर, समस्या जटिल है

  • मृत्यु प्रमाण पत्र को लेकर आगे प्रशासन के सामने बहुत मुश्किल आने वाली है। क्योंकि शासकीय आंकड़े अभी तक 583 मौत की पुष्टि करते हैं। पर मुक्तिधाम में अभी तक कुल 1192 मृत लोगों का अंतिम संस्कार कोविड गाइडलाइन से हो चुका है। लगभग दोगुना का अंतर है। इस अंतर से कहां तालमेल बैठाया जाएगा इसका तो भगवान ही मालिक है। पर आगे यह मृत्यु प्रमाण पत्र शहर की नई समस्या बनने जा रहा है यह तो तय मानिए।

जिनकी मौत हुई है उन्हें मानने में हर्ज क्या है

  • जिन लोगों की मौत कोरोना से हुई है, नगर निगम को उनके प्रमाण पत्र पर कोविड से मौत लिखने में हर्ज क्या है। क्यों अफसर अपनी मनमानी कर रहे हैं। ऐसा हुआ तो मैं सहन नहीं करूंगा।

प्रवीण पाठक, विधायक ग्वालियर दक्षिण

शासन से गाइडलाइन नहीं मिली है

  • हमने शासन से गाइडलाइन मांगी है। अभी कुछ स्पष्ट नहीं है कि किन दस्तावेज के आधार पर कोविड मौत मानी जाए। जैसे ही गाइडलाइन आ जाएगी प्रमाण पत्र पर उसी आधार पर कोविड डेथ की जानकारी होगी। अभी इससे ज्यादा कुछ नहीं कह सकता।

प्रदीप श्रीवास्तव, नोडल ऑफिस जनकल्याण शाखा

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