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जूनियर डॉक्टर्स से मिलने पहुंचे कमिश्नर; लगा कि मनाने की कोशिश करेंगे, हाईकोर्ट का ऑर्डर दिखाकर लौटने का अल्टीमेटम दे दिया

शासन से अपनी 6 सूत्रीय मांगों को लेकर अनिश्चितकॉलीन हड़ताल पर गए जूडा जबलपुर हाईकोर्ट की टिप्पणी के बाद परेशानी में आ गए हैं। गुरुवार को 71 छात्रों के नामांकन निरस्त करने के बाद 330 जूनियर डॉक्टरों ने सामूहिक इस्तीफा सौंपा था। इस मामले में शुक्रवार दोपहर ग्वालियर के संभागीय आयुक्त आशीष सक्सेना मेडिकल कॉलेज पहुंचे।

प्रशासनिक अफसरों की हलचल बढ़ी तो जूडा को लगा कि उनको मनाया जाएगा, लेकिन हुआ इसके उल्टा, संभाग आयुक्त ने हाईकोर्ट के ऑर्डर की कॉपी दिखाते हुए समझाइश दी कि काम पर वापस आ जाओ, नहीं तो कड़ा एक्शन लिया जाएगा। प्रशासनिक अफसर के कड़े चेतावनी वाले शब्द रहे। इसके बाद जूडा के सभी सदस्य आपस में चर्चा कर आगे की रणनीति बना रहे हैं। फिलहाल जूड़ा ने काम पर लौटने से मना कर दिया है।

संभागायुक्त ने कड़े शब्दों में समझाया ;शुक्रवार को जूड़ा का अनिश्चितकालीन हड़ताल का चौथा दिन था। सुबह से ही जेएएच में मरीजों की भीड़ लगी थी। इस पर लोग परेशान हो रहे थे। दोपहर में जूड़ा से मिलने संभागीय आयुक्त ग्वालियर आशीष सक्सेना पहुंचे। साथ में मेडिकल कॉलेज के डीन डॉ. समीर गुप्ता, जेएएच अधीक्षक डॉ. आर धाकड़ भी मौजूद रहे। जूनियर डॉक्टरों को लगा कि जिला प्रशासन की ओर से उनको मनाने का प्रयास किया जाएगा। साथ ही कोई आश्वासन दिया जाएगा जिस पर विचारा किया जा सके। बैठक में जूडा के पदाधिकारियों सीनियर डॉक्टरों से बात कर संभाग आयुक्त ने पहले उन्हें समझाया। जब जूडा ने अपनी मांगों के बारे में कहा तो संभागायुक्त सक्सेना ने हाईकोर्ट का आदेश दिखाते हुए कहा कि अब काम पर लौट आओ तो ठीक रहेगा। नहीं तो शासन कड़ा एक्शन ले सकता है।  इसके बाद जूडा के सदस्य आपस में चर्चा करने लगे। संभागीय आयुक्त वापस लौट आए।

चिकित्सा शिक्षा मंत्री के बयान से नाराज डॉक्टर  ;इधर भोपाल में चिकित्सा शिक्षा मंत्री ने कहा है कि जूडा अभी स्टूडेंट हैं। उन्होंने सामूहिक इस्तीफा किससे दिया है, यह समझ नहीं आ रहा। साथ ही फिर उन्होंने इस समय हड़ताल करने को ब्लैकमेलिंग बताया है।इससे जूनियर डॉक्टर काफी नाराज हैं।

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