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भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव कैलाश विजयवर्गीय ने पूर्व मंत्री पवैया के निवास पर पहुंचकर शोक प्रकट किया

ग्वालियर। कोविड महामारी की दूसरी लहर का प्रकोप समाप्ति की ओर है। दूसरी लहर के दौरान प्रदेश में मुख्यमंत्री और जनप्रतिनिधियों के साथ भाजपा कार्यकर्ताओं ने अच्छा काम किया। कोरोना संक्रमण के दौरान मैदान में केवल भाजपा कार्यकर्ता ही सेवा करते हुए दिखाई दिए। अभी भी वैक्सीनेशन से लेकर अन्य कार्यों में प्रशासन के साथ भाजपा कार्यकर्ता ही दिखाई दे रहे हैं। वहीं कांग्रेस सहित अन्य दलों के कार्यकर्ता घरों में रहे। 

यह बात भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव श्री कैलाश विजयवर्गीय ने गुरुवार को ग्वालियर में पत्रकारों से चर्चा करते हुए कही। श्री विजयवर्गीय यहां पूर्व मंत्री श्री जयभान सिंह पवैया के पिता स्व. श्री बलवंत सिंह पवैया जी के निधन पर शोक संवेदना प्रकट करने आये हुए थे। श्री पवैया से मुलाकात के बाद उन्होंने पत्रकारों से विभिन्न विषयों पर बात की। 

पश्चिम बंगाल की वर्तमान परिस्थितियों को लेकर श्री विजयवर्गीय ने कहा कि पश्चिम बंगाल में भाजपा को अच्छी सफलता मिली है। 2015 में भाजपा का वोट शेयर मात्र 4 प्रतिशत था। लोकसभा चुनाव में भाजपा ने 18 सीटें जीतीं और विधानसभा चुनाव में 3 से 77 सीटें जीत लीं। पहले पश्चिम बंगाल में 4 राजनीतिक दल, टीएमसी, कांग्रेस, सीपीएम और भाजपा थे। इस बार कांग्रेस और सीपीएम साफ हो गए और विधानसभा में केवल भाजपा और टीएमसी ही दिखाई दिए। उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल में कानून-व्यवस्था की स्थिति दिनोंदिन बिगड़ रही है। बांग्लादेशी घुसपैठियों ने महिलाओं के साथ बलात्कार किए, और महिलाओं को सुप्रीम कोर्ट की शरण लेनी पड़ी। एक महिला मुख्यमंत्री के होते हुए ऐसा होना शर्मनाक है। ऐसी घटनाओं पर पुलिस कार्रवाई नहीं करती है। चुनाव के बाद हुई हिंसा में 45 भाजपा कार्यकर्ताओं की हत्या हो चुकी है। जहां से भाजपा जीती है, वहां पर भाजपा कार्यकर्ताओं को परेशान किया जा रहा है और हिंसा की जमकर राजनीति हो रही है। ऐसी स्थिति में वहां राष्ट्रपति शासन लगना चाहिए। 

इसी क्रम में उन्होंने भगवान राम के मंदिर के लिए अध्याेया में खरीदी गई जमीन के विवाद के सिलसिले में कहा कि जमीन बेचने वाला मुस्लिम व्यक्ति है और उसने खुद ही कहा है कि उसने बाजार मूल्य से कम दाम पर जमीन ट्रस्ट को दी है, लेकिन कुछ नेताओं ने बयान देकर मामले को संदिग्ध बनाने का प्रयास किया है। केजरीवाल और संजय सिंह जैसे नेता आरोप लगा रहे हैं, जो अपने बयानों को लेकर कोर्ट में ही माफी मांग चुके हैं। अब राम जन्मभूमि ट्रस्ट ऐसे नेताओं पर मुकदमा करने वाला है। 

पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह के कश्मीर में धारा 370 वाले बयान को लेकर उनका कहना था कि वे मीडिया में सुर्खियां बटोरने और वोट बैंक के लिए ऐसे बयान देते रहते हैं। उन्होंने कहा कि फिलहाल 25-50 वर्ष तक कांग्रेस की सरकार बनने की संभावना नहीं है। उनके बयान को कोई गंभीरता से नहीं लेता और अभी तक उनकी नेता सोनिया गांधी ने इस मुद्दे पर स्पष्टीकरण नहीं दिया है।

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