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नर्सेस की अनिश्चितकालीन हड़ताल को समर्थन देकर विधायक पाठक बोले- सरकार को शर्म आना चाहिए मेरी बहनों को धरना देना पड़ रहा है

प्रदेश के साथ ग्वालियर में अपनी मांगों को लेकर अनिश्चितकालीन हड़ताल पर बैठीं नर्सेस को रविवार को कांग्रेस विधायक प्रवीण पाठक का समर्थन मिला है। विधायक पाठक दोपहर में JAH में चल रहे धरना प्रदर्शन में पहुंचे और नर्सेस संगठन से चर्चा की।

वह 6 जुलाई को नर्सेस संगठन के साथ भोपाल जाएंगे और वहां सरकार और मंत्री से बात करेंगे। इस दौरान विधायक पाठक ने कड़े शब्दों में कहा है कि सरकार को शर्म आना चाहिए। इन देवी स्वरूप नर्सेस बहनों को धरना देना पड़ रहा है। प्रभु कभी माफ नहीं करेगा। साथ ही कहा है कि मेरी बहनों हिम्मत नहीं हारना। आपकी आवाज बनकर मैं आपकी लड़ाई ग्वालियर से भोपाल तक लडूंगा।

पूरे प्रदेश में नर्सेस संगठन के आवहान पर नर्सेस अनिश्चितकालीन हड़ताल पर हैं। ग्वालियर में भी 30 जून से लगातार नर्सेस एसोसिएशन के बैनर तले सभी नर्सें एकजुट होकर अपनी मांगों पर धरना प्रदर्शन कर रही हैं। लगातार प्रशासन उनसे बात करने का प्रयास कर रहा है, लेकिन कोई हल नहीं निकल रहा है। 6 जुलाई को भोपाल में स्वास्थ्य व चिकित्सा शिक्षा मंत्री ने नर्सेस एसोसिएशन को पदाधिकारियों को मिलने बुलाया है। इसी बीच रविवार को ग्वालियर में दक्षिण विधानसभा सीट से कांग्रेस विधायक प्रवीण पाठक जयारोग्य अस्पताल में पहुंचे हैं। विधायक पाठक ने नर्सेस बहनों के संघर्ष में उनके साथ होने की बात कही है। साथ ही उनकी मांगों को जायज कहते हुए समर्थन दिया है।

मांगे आसमानी नहीं धरातल की है पूरी करो

  • विधायक पाठक ने नर्सेस के धरना को समर्थन देते हुए कहा कि मैं कंधे से कंधा मिलाकर आप लोगों के साथ खड़ा रहूंगा और समर्थन करूंगा। मेरा सरकार से आग्रह है कि कोरोना संकट के समय अपनी जान की परवाह किए बिना मानव सेवा करने वालीं नर्सेस की मांगों पर सहानुभूतिपूर्वक विचार करें और प्रदेश भर की नर्सेस स्टाफ के सम्मान का ध्यान रख कर उनकी मांगे मानी जाएं, क्योंकि जितनी भी मांगे की जा रही हैं वे आसमानी नहीं हैं धरातल पर आवश्यकता अनुसार हैं।

शर्म करो सरकार

  • विधायक पाठक ने कहा कि जिन्होंने अपनी जान की परवाह किए बिना नि:स्वार्थ भाव से सेवा की है, अब सरकार की ज़िम्मेदारी है कि उनकी मांगे पूरी की जाएं। विधायक पाठक ने कहा कि यदि सरकार मांगे नहीं मानेगी तो मैं स्वयं अपने विधायक साथियों के साथ सरकार के ज़िम्मेदार लोगों से बात करूंगा । सरकार को शर्म आना चाहिए कि दैवीय स्वरूपों को अभी धरना देना पड़ रहा है ।

यह हैं नर्सेस की मांगे

प्रदेश के मुख्यमंत्री, स्वास्थ्य मंत्री, जिला चिकित्सालय, सभी प्रशासनिक अधिकारियों से यह अपेक्षा की है कि नर्सेस की मांगों को एक मंच पर लाकर उनका निराकरण कराने के लिए पहल करें। नर्सेस की मांगे इस प्रकार हैं।

  • उच्च स्तरीय वेतनमान अन्य राज्यों की तरह मध्य प्रदेश में कार्यरत समस्त नर्सेस को दिया जाए।
  • पुरानी पेंशन योजना लागू की जाए।
  • करोना काल में जान गंवाने वाली नर्सेस स्टाफ के परिजन को राष्ट्रीय पर्व पर कोरोना योद्धा अवार्ड से सम्मानित किया जाए।
  • कोविड ड्यूटी में जान गंवाने वाली नर्सेस के परिवार के किसी एक सदस्य को अनुकम्पा नियुक्ति दी जाए।
  • कोरोना काल में शासन स्तर पर जितनी भी घोषणाएं की गई हैं उन पर अमल नहीं किया गया, उन पर अमल किया जाए।
  • कोविड में नर्सेज को सम्मानित करते हुए दो वेतन वृद्धि का लाभ उनकी सैलरी में दिया जाए।

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