मोहन à¤à¤¾à¤—वत का पवैया ने किया समरà¥à¤¥à¤¨, बोले- ``ओवैसी और दिगà¥à¤µà¤¿à¤œà¤¯ की पीड़ा समठमें आती है``
गà¥à¤µà¤¾à¤²à¤¿à¤¯à¤°à¤ƒ राषà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥€à¤¯ सà¥à¤µà¤¯à¤‚सेवक संघ पà¥à¤°à¤®à¥à¤– मोहन à¤à¤¾à¤—वत दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ सà¤à¥€ à¤à¤¾à¤°à¤¤à¥€à¤¯à¥‹à¤‚ का डीà¤à¤¨à¤ à¤à¤• होने के बात कही है, आरà¤à¤¸à¤à¤¸ पà¥à¤°à¤®à¥à¤– ने कहा कि जो लोग मà¥à¤¸à¤²à¤®à¤¾à¤¨à¥‹à¤‚ से देश छोड़ने को कहते हैं वह खà¥à¤¦ को हिंदू नहीं कह सकते. à¤à¤¾à¤—वत के इस बयान पर कांगà¥à¤°à¥‡à¤¸ सहित अनà¥à¤¯ विपकà¥à¤·à¥€ दलों ने निशाना साधा है. जिस पर अब हिंदूवादी नेता की छवि रखने वाले पूरà¥à¤µ मंतà¥à¤°à¥€ जयà¤à¤¾à¤¨ सिंह पवैया बड़ा बयान देते हà¥à¤ पलटवार किया है. दरअसल, संघ पà¥à¤°à¤®à¥à¤– के बयान पर दिगà¥à¤µà¤¿à¤œà¤¯ सिंह और हैदराबाद से सांसद असदà¥à¤¦à¥à¤¦à¥€à¤¨ ओवैसी ने निशाना साधा. जिस पर पलटवार करते हà¥à¤ जयà¤à¤¾à¤¨ सिंह पवैया ने कहा कि ''जो लोग सà¥à¤µà¤¾à¤°à¥à¤¥ की राजनीति करते हैं उन लोगों पर जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ टीका टिपà¥à¤ªà¤£à¥€ करना ठीक नहीं होता है, लेकिन ओवैसी और दिगà¥à¤µà¤¿à¤œà¤¯ सिंह जैसे लोगों को हम जैसे राषà¥à¤Ÿà¥à¤°à¤µà¤¾à¤¦à¥€ लोगों को जगाने के लिठà¤à¤—वान ने धरती पर à¤à¥‡à¤œà¤¾ है. इसलिठà¤à¤¸à¥‡ लोग बोलते रहे और राषà¥à¤Ÿà¥à¤°à¤µà¤¾à¤¦à¥€ लोग जागते रहे. इससे जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ इनके बयानों का कोई मायने नहीं निकलता है. इसके साथ ही पवैया का यह à¤à¥€ कहना है कि पूजा पदà¥à¤§à¤¤à¤¿ के आधार पर हिंदà¥à¤¸à¥à¤¤à¤¾à¤¨ में à¤à¥‡à¤¦ करना चरितà¥à¤°à¤®à¤¯à¥€ नहीं माना जा सकता.''जयà¤à¤¾à¤¨ सिंह ने पवैया ने कहा कि ''हकीकत तो यह है कि सरसंघचालक मोहन à¤à¤¾à¤—वत जी का बयान पूरे देश को पà¥à¤°à¥‡à¤® के आगोश में à¤à¤• कर देने वाला बयान है, जो à¤à¥€ राषà¥à¤Ÿà¥à¤°à¤µà¤¾à¤¦à¥€ हैं उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ तो बेहद खà¥à¤¶à¥€ होना चाहिठकà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि यह à¤à¤¾à¤°à¤¤ का वातावरण बदल देने वाला बयान है. लेकिन à¤à¥à¤°à¤¾à¤‚ति और à¤à¥à¤°à¤® फैलाकर à¤à¤• बड़े तबके को अपनी वोट बैंक मान लेना उसकी जलती हà¥à¤ˆ à¤à¤Ÿà¥à¤Ÿà¥€ पर अपनी राजनीतिक रोटी सेकना, à¤à¤¸à¤¾ जिन लोगों का धंधा रहा है उन पर जरूर करारी चोट हà¥à¤ˆ है. इसलिठउनकी पीड़ा समठमें आ रही है.
पवैया ने कहा कि à¤à¤• बात सà¥à¤ªà¤·à¥à¤Ÿ है संघ में कटà¥à¤Ÿà¤°à¤¤à¤¾ जैसे शबà¥à¤¦ की कोई जगह नहीं है, संघ का à¤à¤• मूल संदेश यह है कि हम सब हिंदà¥à¤¸à¥à¤¤à¤¾à¤¨à¥€ हैं जो लोग इस देश के महापà¥à¤°à¥à¤·à¥‹à¤‚ को अपना आदरà¥à¤¶ मानते हैं, इस देश की माटी को अपने माथे पर लगाते हैं, वह सब à¤à¤• मां के बेटे हैं सब à¤à¤• ही रकà¥à¤¤ परंपरा के हैं. संघ इस विचार के साथ पूरे देश को à¤à¤• रखना चाहता है जो इसे समà¤à¤¤à¥‡ हैं वह जानते हैं जो इसे नहीं समà¤à¤¤à¥‡ वह अपनी पीड़ा और दरà¥à¤¦ को बयानों के माधà¥à¤¯à¤® से जाहिर करते रहते हैं. ''
गौरतलब है कि राषà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥€à¤¯ सà¥à¤µà¤¯à¤‚सेवक संघ पà¥à¤°à¤®à¥à¤– मोहन à¤à¤¾à¤—वत ने रविवार को गाजियाबाद में देश के पूरà¥à¤µ पà¥à¤°à¤§à¤¾à¤¨à¤®à¤‚तà¥à¤°à¥€ पीवी नरसिमà¥à¤¹à¤¾ राव के सलाहकार रहे डॉ. खà¥à¤µà¤¾à¤œà¤¾ इफà¥à¤¤à¤¿à¤–ार की किताब की विमोचन के दौरान बयान देते हà¥à¤ कहा था कि ''यदि कोई हिंदू कहता है कि मà¥à¤¸à¤²à¤®à¤¾à¤¨ यहां नहीं रह सकता है, तो वह हिंदू नहीं है. गाय à¤à¤• पवितà¥à¤° जानवर है, लेकिन जो इसके नाम पर दूसरों को मार रहे हैं, वो हिंदà¥à¤¤à¥à¤µ के खिलाफ हैं. à¤à¤¸à¥‡ मामलों में कानून को अपना काम करना चाहिà¤. उनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने कहा था कि सà¤à¥€ à¤à¤¾à¤°à¤¤à¥€à¤¯à¥‹à¤‚ का DNA à¤à¤• है, चाहे वो किसी à¤à¥€ धरà¥à¤® का हो''