Homeअपना शहर ,प्रमुख खबरे,slider news,
मोहन भागवत का पवैया ने किया समर्थन, बोले- ``ओवैसी और दिग्विजय की पीड़ा समझ में आती है``

ग्वालियरः राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ प्रमुख मोहन भागवत द्वारा सभी भारतीयों का डीएनए एक होने के बात कही है, आरएसएस प्रमुख ने कहा कि जो लोग मुसलमानों से देश छोड़ने को कहते हैं वह खुद को हिंदू नहीं कह सकते. भागवत के इस बयान पर कांग्रेस सहित अन्य विपक्षी दलों ने निशाना साधा है. जिस पर अब हिंदूवादी नेता की छवि रखने वाले पूर्व मंत्री जयभान सिंह पवैया बड़ा बयान देते हुए पलटवार किया है. दरअसल, संघ प्रमुख के बयान पर दिग्विजय सिंह और हैदराबाद से सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने निशाना साधा. जिस पर पलटवार करते हुए जयभान सिंह पवैया ने कहा कि ''जो लोग स्वार्थ की राजनीति करते हैं उन लोगों पर ज्यादा टीका टिप्पणी करना ठीक नहीं होता है, लेकिन ओवैसी और दिग्विजय सिंह जैसे लोगों को हम जैसे राष्ट्रवादी लोगों को जगाने के लिए भगवान ने धरती पर भेजा है. इसलिए ऐसे लोग बोलते रहे और राष्ट्रवादी लोग जागते रहे. इससे ज्यादा इनके बयानों का कोई मायने नहीं निकलता है. इसके साथ ही पवैया का यह भी कहना है कि पूजा पद्धति के आधार पर हिंदुस्तान में भेद करना चरित्रमयी नहीं माना जा सकता.''जयभान सिंह ने पवैया ने कहा कि ''हकीकत तो यह है कि सरसंघचालक मोहन भागवत जी का बयान पूरे देश को प्रेम के आगोश में एक कर देने वाला बयान है, जो भी राष्ट्रवादी हैं उन्हें तो बेहद खुशी होना चाहिए क्योंकि यह भारत का वातावरण बदल देने वाला बयान है. लेकिन भ्रांति और भ्रम फैलाकर एक बड़े तबके को अपनी वोट बैंक मान लेना उसकी जलती हुई भट्टी पर अपनी राजनीतिक रोटी सेकना, ऐसा जिन लोगों का धंधा रहा है उन पर जरूर करारी चोट हुई है. इसलिए उनकी पीड़ा समझ में आ रही है.  

 

पवैया ने कहा कि एक बात स्पष्ट है संघ में कट्टरता जैसे शब्द की कोई जगह नहीं है, संघ का एक मूल संदेश यह है कि हम सब हिंदुस्तानी हैं जो लोग इस देश के महापुरुषों को अपना आदर्श मानते हैं, इस देश की माटी को अपने माथे पर लगाते हैं, वह सब एक मां के बेटे हैं सब एक ही रक्त परंपरा के हैं. संघ इस विचार के साथ पूरे देश को एक रखना चाहता है जो इसे समझते हैं वह जानते हैं जो इसे नहीं समझते वह अपनी पीड़ा और दर्द को बयानों के माध्यम से जाहिर करते रहते हैं. ''

 

गौरतलब है कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ प्रमुख मोहन भागवत ने रविवार को गाजियाबाद में देश के पूर्व प्रधानमंत्री पीवी नरसिम्हा राव के सलाहकार रहे डॉ. ख्वाजा इफ्तिखार की किताब की विमोचन के दौरान बयान देते हुए कहा था कि ''यदि कोई हिंदू कहता है कि मुसलमान यहां नहीं रह सकता है, तो वह हिंदू नहीं है. गाय एक पवित्र जानवर है, लेकिन जो इसके नाम पर दूसरों को मार रहे हैं, वो हिंदुत्व के खिलाफ हैं. ऐसे मामलों में कानून को अपना काम करना चाहिए. उन्होंने कहा था कि सभी भारतीयों का DNA एक है, चाहे वो किसी भी धर्म का हो'' 

Share This News :