सरकार, मंतà¥à¤°à¥€ और विधायक तक बदल गठलेकिन SDO नहीं बदला, 16 साल से गà¥à¤µà¤¾à¤²à¤¿à¤¯à¤° में ही जमा; सोमवार को खà¥à¤²à¥‡à¤—ा बैंक लॉकर
गà¥à¤µà¤¾à¤²à¤¿à¤¯à¤° | लोक निरà¥à¤®à¤¾à¤£ विà¤à¤¾à¤— (PWD) में पदसà¥à¤¥ SDO रविंदà¥à¤° सिंह कà¥à¤¶à¤µà¤¾à¤¹ के दो ठिकानों पर à¤à¤• दिन पहले आरà¥à¤¥à¤¿à¤• अपराध शाखा (EOW) की टीम ने छापामार कारà¥à¤°à¤µà¤¾à¤ˆ की थी। SDO के यहां से करोड़ों की समà¥à¤ªà¤¤à¥à¤¤à¤¿ के दसà¥à¤¤à¤¾à¤µà¥‡à¤œ मिले थे। हैरानी बाली बात यह है कि रविंदà¥à¤° सिंह की 30 साल की सेवा में बीते 16 साल से गà¥à¤µà¤¾à¤²à¤¿à¤¯à¤° से उनका टà¥à¤°à¤¾à¤‚सफर नहीं हà¥à¤†à¥¤ इसके अलावा बाकी के 14 साल à¤à¥€ वे गà¥à¤²à¤¾à¤²à¤¿à¤¯à¤° के आस-पास के जिलों में तैनात रहे।
इन 16 साल में à¤à¤¾à¤œà¤ªà¤¾ से कांगà¥à¤°à¥‡à¤¸ और फिर à¤à¤¾à¤œà¤ªà¤¾ की सरकार आई। 4 मà¥à¤–à¥à¤¯à¤®à¤‚तà¥à¤°à¥€ समेत कई मंतà¥à¤°à¥€, विधायक और वरिषà¥à¤ अफसर बदल गà¤à¥¤ पर सेटिंग में माहिर SDO को कोई गà¥à¤µà¤¾à¤²à¤¿à¤¯à¤° से बाहर नहीं कर सका। सूतà¥à¤°à¥‹à¤‚ के मà¥à¤¤à¤¾à¤¬à¤¿à¤• बड़े-बड़े IAS, IPS अफसरों के साथ-साथ खादी वालों के बीच à¤à¥€ उसका उठना बैठना था।
चार बार मà¥à¤–à¥à¤¯à¤®à¤‚तà¥à¤°à¥€ बदल गठपर SDO यहीं रहे
- 2005 में जब SDO रविनà¥à¤¦à¥à¤° सिंह कà¥à¤¶à¤µà¤¾à¤¹ की गà¥à¤µà¤¾à¤²à¤¿à¤¯à¤° पोसà¥à¤Ÿà¤¿à¤‚ग हà¥à¤ˆ तो पà¥à¤°à¤¦à¥‡à¤¶ के मà¥à¤–िया बाबूलाल गौर हà¥à¤† करते थे। इसी साल 2005 में शिवराज सिंह चौहान मà¥à¤–à¥à¤¯à¤®à¤‚तà¥à¤°à¥€ बने। उसके बाद वरà¥à¤· 2018 में कांगà¥à¤°à¥‡à¤¸ की सरकार आई और कमल नाथ मà¥à¤–à¥à¤¯à¤®à¤‚तà¥à¤°à¥€ बने। उनके मà¥à¤–à¥à¤¯à¤®à¤‚तà¥à¤°à¥€ बनने के बाद ताबड़तोड़ तबादले हà¥à¤à¥¤ इतने तबादले हà¥à¤ कि कांगà¥à¤°à¥‡à¤¸ सरकार को तबादला सरकार कहा जाने लगा। पर उस तबादला आंधी में à¤à¥€ SDO कà¥à¤¶à¤µà¤¾à¤¹ अपनी सेटिंग पर डटे हà¥à¤ थे। मारà¥à¤š 2020 में कांगà¥à¤°à¥‡à¤¸ की सरकार गई तो à¤à¤¾à¤œà¤ªà¤¾ की ओर से शिवराज सिंह फिर मà¥à¤–िया बने, लेकिन SDO पर कोई गाज नहीं गिरी।
30 साल की नौकरी 16 गà¥à¤µà¤¾à¤²à¤¿à¤¯à¤° में बिताà¤
- SDO रविनà¥à¤¦à¥à¤° सिंह कà¥à¤¶à¤µà¤¾à¤¹ मूल रूप से à¤à¤¿à¤‚ड के रहने वाले हैं। उनकी à¤à¤°à¥à¤¤à¥€ 1991 में सब इंजीनियर की पोसà¥à¤Ÿ से हà¥à¤ˆ थी। करीब 30 साल की नौकरी में से अकेले 16 साल तो उनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने गà¥à¤µà¤¾à¤²à¤¿à¤¯à¤° में ही गà¥à¤œà¤¾à¤°à¥‡ हैं। वह 2005 से गà¥à¤µà¤¾à¤²à¤¿à¤¯à¤° में पदसà¥à¤¥ हैं। इसके बाद चाहे à¤à¤¾à¤œà¤ªà¤¾ हो या कांगà¥à¤°à¥‡à¤¸ SDO रविनà¥à¤¦à¥à¤° सिंह कà¥à¤¶à¤µà¤¾à¤¹ सà¤à¥€ के चहेते बने रहे। इससे पहले à¤à¥€ वह गà¥à¤µà¤¾à¤²à¤¿à¤¯à¤°, चंबल अंचल के विà¤à¤¿à¤¨à¥à¤¨ शहरों और सागर जिले में रहे हैं।
10 करोड़ से जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ की समà¥à¤ªà¤¤à¥à¤¤à¤¿ मिली थी
4 करोड़ रà¥à¤ªà¤ कीमत के दो मकान, 6 बैंक खाते, 7 बीमा पॉलिसी, जेवर, नकदी सहित डबरा और बिलौआ में 56.5 बीघा जमीन के साथ ही अनà¥à¤®à¤¾à¤¨à¤¿à¤¤ 10 करोड़ रà¥à¤ªà¤ से अधिक की समà¥à¤ªà¤¤à¥à¤¤à¤¿ मिली थी। जबकि 30 साल की नौकरी में सà¤à¥€ à¤à¤¤à¥à¤¤à¥‡ मिलाकर उनकी अनà¥à¤®à¤¾à¤¨à¤¿à¤¤ आय 90 लाख रà¥à¤ªà¤ से जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ नहीं होनी चाहिठथी। छापा के दौरान EOW को कà¥à¤¯à¤¾-कà¥à¤¯à¤¾ मिला है à¤à¤• नजर में:-
- à¤à¤¾à¤‚सी रोड सà¥à¤¥à¤¿à¤¤ पारस विहार कालोनी में 800 वरà¥à¤—फीट में बना तीन मंजिला आलीशान मकान। कीमत करीब à¤à¤• करोड़ रà¥à¤ªà¤à¥¤
- सिटी सेंटर सà¥à¤¥à¤¿à¤¤ टाउनशिप में डà¥à¤¯à¥‚पà¥à¤²à¥‡à¤•à¥à¤¸, 1800 वरà¥à¤— फीट में निरà¥à¤®à¤¿à¤¤, जिसे तà¥à¥œà¤µà¤¾à¤•र तीन मंजिला बनवाया गया। कीमत करीब 3 करोड़ रà¥à¤ªà¤à¥¤
- डबरा की गणेश कॉलोनी में दो मकान
- à¤à¥‹à¤ªà¤¾à¤² के पटेल नगर में फà¥à¤²à¥ˆà¤Ÿ
- गà¥à¤µà¤¾à¤²à¤¿à¤¯à¤° के बसंत कà¥à¤‚ज में दो फà¥à¤²à¥ˆà¤Ÿ (हाल ही में बà¥à¤• कराठहैं)
- गà¥à¤µà¤¾à¤²à¤¿à¤¯à¤° में PHE कॉलोनी, गà¥à¥à¥€ गà¥à¥à¤¾ का नाका और डबरा में तीन पà¥à¤²à¥‰à¤Ÿ
- डबरा में 6.5 बीघा कृषि à¤à¥‚मि
- बिलौआ में 50 बीघा कृषि à¤à¥‚मि
- à¤à¤¿à¤‚ड जिले के मिहोना के पास जगनापà¥à¤°à¤¾ में à¤à¥€ कृषि à¤à¥‚मि है।
- सोने-चांदी के जेवर, करीब 9 लाख के
- 3.50 लाख रà¥à¤ªà¤ नगद
- 6 बैंक खाते
- 7 बीमा पॉलिसी
- à¤à¤• बैंक लॉकर
- à¤à¤• कार, दो à¤à¤•à¥à¤Ÿà¤¿à¤µà¤¾, à¤à¤• बाइक
सोमवार को बैंक पहà¥à¤‚चेगी पà¥à¤²à¤¿à¤¸
इस मामले में SDO के घर से EOW की टीम को SDO के 6 बैंक खातों और à¤à¤• लॉकर की डिटेल मिली है। टीम ने सà¤à¥€ को निगरानी में ले लिया। टीम ने रात तक जांच में लगी रही है। SP EOW अमित सिंह ने बताया कि सोमवार को लॉकर और बैंक की डिटेल मिलेगी। टीम लॉकर खोलकर चेक करेगी उसमें कà¥à¤¯à¤¾ रखा गया है। हो सकता है और किसी पà¥à¤°à¥‰à¤ªà¤°à¥à¤Ÿà¥€ की जानकारी मिल जाà¤à¥¤