यौम-à¤-शहादत:शहर में सैकड़ों छोटे-बड़े जà¥à¤²à¥‚स निकाले गà¤, करà¥à¤¬à¤²à¤¾ में ताजिठदफनाठऔर विसरà¥à¤œà¤¿à¤¤ किà¤
गà¥à¤µà¤¾à¤²à¤¿à¤¯à¤° | शà¥à¤•à¥à¤°à¤µà¤¾à¤° को यौम-à¤-शहादत मनाया गया है। जिस पर शहर के अलग-अलग कà¥à¤·à¥‡à¤¤à¥à¤°à¥‹à¤‚ से करà¥à¤¬à¤²à¤¾ में ताजिठशहर में गशà¥à¤¤ करते हà¥à¤ सागरताल पहà¥à¤‚चे। यहां ताजिठदफनाठगठऔर विसरà¥à¤œà¤¿à¤¤ किठगà¤à¥¤ इस दौरान सागरताल आने वाले सà¤à¥€ रासà¥à¤¤à¥‹à¤‚ पर सà¥à¤¬à¤¹ से लेकर रात तक काफी à¤à¥€à¥œ रही। जिस कारण 9 थानों के फोरà¥à¤¸ के साथ ही अतिरिकà¥à¤¤ पà¥à¤²à¤¿à¤¸ बल à¤à¥€ तैनात करना पड़ा। सागरताल आने वाले रासà¥à¤¤à¥‹à¤‚ पर टà¥à¤°à¥ˆà¤«à¤¿à¤• को डायवरà¥à¤Ÿ करना पड़ा है। सà¥à¤¬à¤¹ से रात तक वहां टà¥à¤°à¥ˆà¤«à¤¿à¤• जाम रहा है।
मोहरà¥à¤°à¤® में शब-à¤-शहादत गà¥à¤°à¥à¤µà¤¾à¤° को मनाई गई थी। शहर के विà¤à¤¿à¤¨à¥à¤¨ कà¥à¤·à¥‡à¤¤à¥à¤°à¥‹à¤‚ में ताजियों का सांकेतिक रूप से गशà¥à¤¤ कराया गया। इसके बाद शà¥à¤•à¥à¤°à¤µà¤¾à¤° को यौम-à¤-शहादत मनाई गई। सागर ताल सà¥à¤¥à¤¿à¤¤ करà¥à¤¬à¤²à¤¾ में ताजिठससमà¥à¤®à¤¾à¤¨ दफनाठऔर विसरà¥à¤œà¤¿à¤¤ किठगà¤à¥¤ सà¤à¥€ कारà¥à¤¯à¤•à¥à¤°à¤®à¥‹à¤‚ में कोरोना गाइड लाइन का पालन किया जाà¤à¤—ा à¤à¤¸à¤¾ इंतजामिया कमेटी ने दावा किया था, लेकिन पालन होता नजर नहीं आया है। न तो मासà¥à¤• नजर आठहैं न ही सोशल डिसà¥à¤Ÿà¥‡à¤‚स दिखा है।
गà¥à¤°à¥‡à¤Ÿà¤° गà¥à¤µà¤¾à¤²à¤¿à¤¯à¤° मोहरà¥à¤°à¤® à¤à¤µà¤‚ करà¥à¤¬à¤²à¤¾ इंतजामिया कमेटी के अधà¥à¤¯à¤•à¥à¤· अखà¥à¤¤à¤° हà¥à¤¸à¥ˆà¤¨ कà¥à¤°à¥ˆà¤¶à¥€ के अनà¥à¤¸à¤¾à¤° ताजिठकà¥à¤·à¥‡à¤¤à¥à¤° के समीप सà¥à¤¥à¤¿à¤¤ करà¥à¤¬à¤²à¤¾ में ले जाठगठहैं। सागर ताल सà¥à¤¥à¤¿à¤¤ करà¥à¤¬à¤²à¤¾ पर à¤à¥€ यौम-à¤-शहादत के लिठवà¥à¤¯à¤¾à¤ªà¤• वà¥à¤¯à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾à¤à¤‚ की गई थीं।
शहर काजी अबà¥à¤¦à¥à¤² अजीज कादरी के अनà¥à¤¸à¤¾à¤° मोहरà¥à¤°à¤® इसà¥à¤²à¤¾à¤® धरà¥à¤® में विशà¥à¤µà¤¾à¤¸ करने वाले लोगों का à¤à¤• पà¥à¤°à¤®à¥à¤– तà¥à¤¯à¥Œà¤¹à¤¾à¤° है, इस माह की कई विशेषताà¤à¤‚ और महतà¥à¤µ हैं। इसà¥à¤²à¤¾à¤®à¥€ यानि हिजरी वरà¥à¤· का पहला माह मà¥à¤¹à¤°à¥à¤°à¤® है। हिजरी वरà¥à¤· की शà¥à¤°à¥à¤†à¤¤ इसी माह से होती है।
इस माह में रोजा रखने की खास अहमियत है। रमजान के अलावा सबसे उतà¥à¤¤à¤® रोजे वे हैं, जो अलà¥à¤²à¤¾à¤¹ के महीने यानी मà¥à¤¹à¤°à¥à¤°à¤® में रखे जाते हैं। मà¥à¤¹à¤°à¥à¤°à¤® की 9 तारीख को की जाने वाली इबादतों का à¤à¥€ बड़ा सवाब बताया गया है। हजरत मà¥à¤¹à¤®à¥à¤®à¤¦ के साथी इबà¥à¤¨à¥‡ अबà¥à¤¬à¤¾à¤¸ के मà¥à¤¤à¤¾à¤¬à¤¿à¤• हजरत मà¥à¤¹à¤®à¥à¤®à¤¦ ने कहा कि जिसने मà¥à¤¹à¤°à¥à¤°à¤® की 9 और 10 तारीख का रोजा रखा। उसके साल à¤à¤° के गà¥à¤¨à¤¾à¤¹ माफ हो जाते हैं।
सागरताल के हर रासà¥à¤¤à¥‡ पर टà¥à¤°à¥ˆà¤«à¤¿à¤• जाम
- यौम-à¤-शहादत पर सागरताल सà¥à¤¥à¤¿à¤¤ करà¥à¤¬à¤²à¤¾ में ताजिठदफनाठगठतथा विसरà¥à¤œà¤¿à¤¤ किठगà¤à¥¤ शहर के विà¤à¤¿à¤¨à¥à¤¨ इलाकों से जà¥à¤²à¥‚स के रूप में ताजिठपहà¥à¤‚चे, इसकी वजह से जीवाजीगंज से सागरताल रोड, बहोड़ापà¥à¤° से सागरताल रोड और घासमंडी से सागरताल रोड जाने वाले मारà¥à¤— पर टà¥à¤°à¥ˆà¤«à¤¿à¤• डायवरà¥à¤Ÿ करना पड़ा। इन तीनों रासà¥à¤¤à¥‹à¤‚ पर आने वाले टà¥à¤°à¥ˆà¤«à¤¿à¤• को वैकलà¥à¤ªà¤¿à¤• मारà¥à¤—ो से निकाला गया। सिरà¥à¤« ताजिठसे जà¥à¥œà¥‡ वाहनों और काफिले को इन रासà¥à¤¤à¥‹à¤‚ पर जाने दिया गया।