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JAH में फर्जी आयुष्मान कार्ड रैकेट का पर्दाफाश

ग्वालियर |अंचल के सबसे बड़े अस्पताल समूह JAH (जयारोग्य अस्पताल) में फर्जी आयुष्मान कार्ड रैकेट का पर्दाफाश हुआ है। गिरोह के एक सदस्य को JAH प्रबंधन ने शिकायत मिलने के बाद पकड़ा है। पकड़े गए आरोपी के पास से 34 आयुष्मान कार्ड मिले हैं। सभी फर्जी हैं। वह आयुष्मान विभाग में कर्मचारी भी नहीं है।

वह किसी भी परेशान मरीज को जाल में फंसाता था और 5 हजार रुपए लेकर 20 मिनट में आयुष्मान कार्ड बना लाता था। पूछताछ में पता लगा है कि वह किसी बलराम कुशवाह की लॉगिन ID से यह कार्ड जनरेट कर रहा था। बलराम को वह बड़ा भाई बता रहा है। अभी बलराम के बारे में पता लगाया जा रहा है। पुलिस ने उसके पास से 34 जाली कार्ड के अलावा, लैपटॉप, थंब इम्प्रेशन मशीन भी जब्त की है। फिलहाल JAH प्रबंधन ने उसे आगे की जांच के लिए कंपू पुलिस को सौंप दिया है।

यह है पूरा मामला
जयारोग्य अस्पताल के मेडिसिन विभाग वार्ड-2 में भर्ती आमखो विजया नगर निवासी रामकुमार सिंह राजपूत को इलाज के लिए आयुष्मान कार्ड की जरूरत थी। उन्होंने कार्ड के लिए आवेदन भी किया था, लेकिन उनका लिस्ट में नाम नहीं आने से कार्ड नहीं बन पाया था। इसी दौरान रामकुमार के पास कृष्णा कुशवाह निवासी हनुमान कॉलोनी गोला का मंदिर पहुंचा। उसने उसकी परेशानी को समझ लिया था। उसने ऑफर दिया कि जो काम उसका कई दिनों में नहीं हुआ है। वह सिर्फ 20 मिनट में कर देगा, लेकिन उसको 5 हजार रुपए खर्च करने होंगे। इतनी आसानी से आयुष्मान कार्ड बन जाने की बात से रामकुमार को संदेह हुआ। उन्हें कृष्णा कुछ फर्जी लगा। इस पर उन्होंने समझदारी से काम लिया। उसने जयारोग्य अस्पताल के आयुष्मान योजना प्रभारी योगेंद्र परमार को पूरी बात बताई। लगातार आयुष्मान कार्ड के नाम पर ठगने की शिकायतें मिल रहीं थी। योगेन्द्र को लगा कि यह सही मौका है और उन्होंने जाल में फंसाकर कृष्णा को बुला लिया। जैसे ही वह आया तो उसे पकड़ लिया। पकड़कर जेएएच अधीक्षक के पास ले गए।
तलाशी में मिले 34 आयुष्मान कार्ड, नहीं दे पा रहा था जवाब
पकड़े गए कृष्णा कुशवाह की जब तलाशी ली गई तो उसके पास से 34 आयुष्मान कार्ड मिले हैं। जो विभिन्न नाम से हैं। यह भी फर्जी प्रतीत हो रहे हैं। सभी कार्ड बलराम की आईडी से बनाए गए हैं। यह बलराम कुशवहा को कृष्णा का बड़ा भाई बताया जा रहा है। इसके बाद जेएएच प्रबंधन ने कंपू पुलिस को पूरे फर्जीवाड़े की सूचना दी। साथ ही आरोपी को कंपू पुलिस को सौंप दिया। अब पुलिस ने उससे लैपटॉप, थंब इम्प्रेशन मशीन और 34 कार्ड जब्त कर लिए हैं। फिलहाल पूछताछ की जा रही है।
आयुष्मान से 5 लाख तक का स्वास्थ्य बीमा होता है
आयुष्मान कार्ड के नाम पर अस्पतालों में रैकेट इसलिए चलाया जा रहा था कि आयुष्मान कार्ड होने पर मरीज का पांच लाख रुपए तक का बीमा होता है। इलाज के दौरान 5 लाख रुपए तक का इलाज मुफ्त होता है। इसीलिए लोग 5 हजार रुपए खर्च कर आसानी से यह कार्ड बनवाकर कृष्णा के शिकार बन जाते थे। बाद में जब कार्ड का उपयोग करते थे वह फर्जी निकलते थे। ऐसी शिकायतें लगातार आ रही थीं।

सीएमएचओ जॉच कमेंटी गठित की
ग्वालियर मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी ग्वालियर डॉ. मनीष शर्मा ने बताया कि
जयारोग्य चिकित्सालय में फर्जी आयुष्मान कार्ड बनाने वाला आरोपी पकडा गया, पकड़ा गया आरोपी मात्र 5 हज़ार रुपये लेकर महज आधा घण्टे में बना देता था फर्जी कार्ड,
गिरोह के सदस्यों की संख्या दो बताई गई है। पकड़े गए आरोपी से 34 फर्जी आयुष्मान कार्ड बरामद किये गये हैं साथ ही एक लैपटॉप और थम्ब मशीन भी की बरामद,जयारोग्य चिकित्सालय अस्पताल प्रबंधन ने आरोपी को पुलिस को सौंपा दिया गया है उक्त प्रकरण की जॉच कर मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी ग्वालियर डॉ मनीष शर्मा ने कमेंटी गठित कर दी है जिसमें ग्वालियर जिले के आयुष्मान निरामयम योजना के जिला नोडल अधिकारी डॉ.शिवराम सिंह कुशवाह,सह नोडल अधिकारी डॉ महेन्द्र पिपरौलिया एवं विडोल हेल्थ केयर एजेंसी के जिला हेड रितेन्द्र चौधरी को रखा गया है , यह समिति पूरे प्रकरण की एक सप्ताह में जॉच कर सीएमएचओ ग्वालियर डॉ.मनीष शर्मा को रिपोर्ट प्रस्तुत करेंगे ।
जेएएच प्रबंधन का कहना
जेएएच अधीक्षक डॉ. आरकेएस धाकड़ ने बताया कि आरोपी को पकड़कर कंपू पुलिस के सुपुर्द कर दिया गया है। अभी उसकी तलाशी में 34 कार्ड मिले हैं। पुलिस आगे की पड़ताल करेगी कि यह किस तरह रैकेट चला रहा था।

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