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फेसबुक, वॉटसएप, ट्वीटर पर पुलिस की नजर ,जाने क्यों

ग्वालियर में चिरवाई नाका पर सम्राट मिहिरभोज महान की प्रतिमा की स्थापना के बाद शुरू हुआ गुर्जर और क्षत्रिय समुदाय में विवाद थमता नजर नहीं आ रहा है। गुरुवार को दोनों पक्षों की ओर से सोशल मीडिया पर एक दूसरे के खिलाफ की गई छींटाकशी से माहौल खराब हो गया है। अब जिला प्रशासन और पुलिस, दोनों समुदाय के नेताओं के सोशल मीडिया अकाउंट पर भी नजर रखे हुए हैं।

इतना ही नहीं फेसबुक, वॉटसएप व ट्वीटर पर किसी भी तहर की वर्ग, धर्म या सम्प्रदाय संबंधित टिप्पणी करने पर पुलिस सीधे एक्शन ले सकती है। एसपी की अनुशंसा पर कलेक्टर ग्वालियर ने धारा 144 लागू करने की घोषणा कर दी है। इसके बाद किसी भी तरह के प्रदर्शन, पोस्टर, बैनर छपवाने पर कार्रवाई की जाएगी।क्या है असली विवाद
8 सितंबर को नगर निगम ग्वालियर ने शीतला माता मंदिर रोड चिरवाई नाका पर सम्राट मिहिरभोज महान की प्रतिमा का वर्चुअल अनावरण किया था। अपने अनावरण के साथ ही सम्राट मिहिर भोज पर विवाद शुरू हो गया है। नगर निगम ने प्रतिमा स्थापना के ठहराव प्रस्ताव लाते समय साफ उल्लेख किया था कि सम्राट मिहिरभोज महान नाम से प्रतिमा लगाई जाएगी, लेकिन जब प्रतिमा का अनावरण किया गया तो सम्राट मिहिर भोज के आगे गुर्जर सम्राट मिहिरभोज महान लिखा गया था। उनको गुर्जर सम्राट लिखने के साथ ही विवाद शुरू हो गया है। अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा का तर्क है कि सम्राट मिहिरभोज महान राजपूत क्षत्रिय हैं। इसके संबंध में उन्होंने इतिहास कारों के लेख, शिलालेख व परिहार वंश के सबूत भी रखे हैं तो इसके जवाब में अखिर भारतीय वीर गुर्जर महासभा ने भी तर्क रखा है। उन्होंने भी सबूत रखे हैं।
माहौल बिगड़ा तो SP को करनी पड़ी अनुशंसा
इस मामले में बीते तीन दिन से लगातार माहौल बिगड़ रहा है। गुर्जर समुदाय और क्षत्रिय समुदाय के बीच लगातार एक दूसरे पर आरोप प्रत्यारोप का दौर जारी है। गुरुवार को उस समय हद हो गई जब दोनों पक्ष सोशल मीडिया के विभिन्न माध्यमों पर एक दूसरे पर आरोप प्रत्यारोप करने लगे। इसके बाद पुलिस अफसरों ने इस मामले को गंभीरता से लिया। एसपी अमित सांघी ने इस मामले में कलेक्टर ग्वालियर कौशलेन्द्र विक्रम सिंह को धारा 144 लागू करने की अनुशंसा की थी। जिस पर शुक्रवार को कलेक्टर ने आदेश जारी कर दिए हैं।
यह रहेगा प्रतिबंध
- जिले की सीमा में धरना प्रदर्शन, जुलूस व भीड़ जुटाने पर रहेगा प्रतिबंध
- जिले की सीमा में कोई भी विस्फोटक सामग्री, साथ ही ऐसा हथियार जिससे किसी की जान को खतरा हो नहीं ला सकेगा
- किसी भी वर्ग, जाति, धर्म या सम्प्रदाय से संबंधित ऐसे पोस्टर, बैनर व अन्य लेखन सामग्री जो भडकाऊ हो वह प्रतिबंधित रहेगी
- किसी भी भवन, मूर्ति, स्थल पर टिप्पणी, तोड़ना या भीड़ जुटाना प्रतिबंधित रहेगा
-जिले की सीमा में ध्वनि विस्तार यंत्र का उपयोग प्रतिबंधित रहेगा
- ग्वालियर में फेसबुक, ट्वीटर व वॉटसएप पर किसी वर्ग, जाति, धर्म या सम्प्रदाय के खिलाफ भाषा या अभद्र भाषा पर कड़ी कार्रवाई होगी

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