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हजार गाँवों को पेयजल आपूर्ति की सामूहिक पेयजल योजनाएँ बनायें

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने की सामूहिक नल-जल योजनाओं के संधारण की समीक्षा  

मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने निर्देश दिये हैं कि भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए लगभग एक हजार गाँव की पेयजल आपूर्ति करने वाली सामूहिक पेयजल योजनाएँ बनायें। ग्रामीण पेयजल योजनाओं के संधारण की जिम्मेदारी लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग की रहे। मुख्यमंत्री श्री चौहान आज यहाँ सामूहिक नल-जल योजनाओं के संधारण की समीक्षा कर रहे थे।

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि ग्रामीण पेयजल योजनाएँ समय-सीमा में पूर्ण की जाये। हेण्डपम्पों के संधारण के लिये आवश्यक राशि राज्य सरकार उपलब्ध करवायेगी। ग्रामीण पेयजल योजनाओं में जल-कर इतना रखा जाये कि ग्रामीण आसानी से दे सकें। बड़ी ग्रामीण समूह पेयजल योजनाओं की लागत कम करने के लिये अपर मुख्य सचिव नर्मदा घाटी विकास, अपर मुख्य सचिव पंचायत एवं ग्रामीण विकास और प्रमुख सचिव लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी की समिति सुझाव प्रस्तुत करें।

बताया गया कि वर्तमान में 20 ग्रामीण समूह पेयजल योजनाएँ प्रगति पर हैं। प्रदेश में स्थापित 15 हजार 270 ग्रामीण पेयजल योजनाओं में से वर्तमान में 11 हजार 796 चालू हैं। इसी तरह प्रदेश में स्थापित 5 लाख 23 हजार 402 हेण्डपम्प में से 5 लाख 16 हजार 694 हेण्डपम्प कार्यशील हैं। राष्ट्रीय ग्रामीण पेयजल योजना में प्रदेश को 387 करोड़ रूपये का आवंटन मिला है।

मुख्य सचिव श्री बी.पी. सिंह, अपर मुख्य सचिव वित्त श्री ए.पी. श्रीवास्तव, प्रमुख सचिव पंचायत एवं ग्रामीण विकास श्री आर.एस. जुलानिया, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री अशोक वर्णवाल, प्रमुख सचिव लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी श्री मनोज गोविल और प्रमुख अभियंता लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी श्री जी.एस. डामोर उपस्थित थे।

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