à¤à¤¾à¤°à¤¤ को दà¥à¤¨à¤¿à¤¯à¤¾ में मजबूत करेगा यूà¤à¤¨ में हà¥à¤† ये बड़ा बदलाव, लगेगा चीन को à¤à¤Ÿà¤•ा?
पिछले दिनों पà¥à¤°à¥à¤¤à¤—ाल के पूरà¥à¤µ पà¥à¤°à¤§à¤¾à¤¨à¤®à¤‚तà¥à¤°à¥€ à¤à¤‚टोनियो गà¥à¤Ÿà¥‡à¤°à¥‡à¤¸ ने संयà¥à¤•à¥à¤¤ राषà¥à¤Ÿà¥à¤° (यूà¤à¤¨) के नये महासचिव के रूप में शपथ ली। उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ यूà¤à¤¨ महासà¤à¤¾ के अधà¥à¤¯à¤•à¥à¤· जॉन विलियमà¥à¤¸ दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ ये शपथ दिलाई गई और अब वे आगामी à¤à¤• जनवरी को अपना पदà¤à¤¾à¤° संà¤à¤¾à¤² लेंगे। वे पिछले दस वरà¥à¤·à¥‹à¤‚ से संयà¥à¤•à¥à¤¤ राषà¥à¤Ÿà¥à¤° महासचिव के रूप में कारà¥à¤¯à¤°à¤¤ बान की मून की जगह लेंगे। वे यूà¤à¤¨ के नौवें महासचिव बने हैं। बान की मून 13 अकà¥à¤Ÿà¥‚बर, 2006 को संयà¥à¤•à¥à¤¤ राषà¥à¤Ÿà¥à¤° के महासचिव बने थे और तबसे अब तक वे इस पद पर हैं। ये उनके पांच वरà¥à¤·à¥‹à¤‚ का दूसरा कारà¥à¤¯à¤•ाल है, जो कि 31 दिसंबर को पूरा हो जाà¤à¤—ा।
बहरहाल, बान की मून के जाने और à¤à¤‚टोनियो के आने से ये उमà¥à¤®à¥€à¤¦ जगी है कि संयà¥à¤•à¥à¤¤ राषà¥à¤Ÿà¥à¤° के ढांचे और कारà¥à¤¯à¤ªà¤¦à¥à¤§à¤¤à¤¿ में बदलाव आà¤à¤—ा। शपथ गà¥à¤°à¤¹à¤£ के समय दिठअपने वकà¥à¤¤à¤µà¥à¤¯ में उनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने इस तरह की बातों के संकेत à¤à¥€ दिठहैं। गà¥à¤Ÿà¥‡à¤°à¥‡à¤¸ ने अपने शपथ गà¥à¤°à¤¹à¤£ के बाद संयà¥à¤•à¥à¤¤ राषà¥à¤Ÿà¥à¤° के 193 सदसà¥à¤¯ देशों को संबोधित करते हà¥à¤ कहा कि संयà¥à¤•à¥à¤¤ राषà¥à¤Ÿà¥à¤° संगठन बहà¥à¤ªà¤•à¥à¤·à¥€à¤¯à¤¤à¤¾ में अहम है और इसने दशकों की सापेकà¥à¤·à¤¿à¤• शांति में योगदान दिया है, लेकिन चà¥à¤¨à¥Œà¤¤à¤¿à¤¯à¤¾à¤‚ उनसे निपटने की हमारी कà¥à¤·à¤®à¤¤à¤¾ से आगे निकल रही हैं, à¤à¤¸à¥‡ में संयà¥à¤•à¥à¤¤ राषà¥à¤Ÿà¥à¤° को बदलाव के लिठतैयार रहना चाहिà¤à¥¤ उनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने यह à¤à¥€ कहा कि संयà¥à¤•à¥à¤¤ राषà¥à¤Ÿà¥à¤° को फà¥à¤°à¥à¤¤à¥€à¤²à¤¾, कारà¥à¤¯à¤•à¥à¤¶à¤² à¤à¤µà¤‚ पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¥€ होने की जरूरत है, उसे पà¥à¤°à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ पर कम, सेवाओं की आपूरà¥à¤¤à¤¿ पर जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ देना चाहिà¤, नौकरशाही पर कम और लोगों पर अधिक बल देना चाहिà¤à¥¤ गà¥à¤Ÿà¥‡à¤°à¥‡à¤¸ की इन बातों का सार ततà¥à¤µ यही है कि उनका पà¥à¤°à¤¾à¤¥à¤®à¤¿à¤• लकà¥à¤·à¥à¤¯ संयà¥à¤•à¥à¤¤ राषà¥à¤Ÿà¥à¤° में हर सà¥à¤¤à¤° पर बदलाव लाना होगा, संà¤à¤µ है कि इसमें सांगठनिक बदलाव à¤à¥€ समà¥à¤®à¤¿à¤²à¤¿à¤¤ होगा। उसकी कारà¥à¤¯à¤ªà¤¦à¥à¤§à¤¤à¤¿ को लचीला बनाने पर à¤à¥€ उनका जोर होगा।
गौर करें तो गà¥à¤Ÿà¥‡à¤°à¥‡à¤¸ की तमाम बातें वही हैं, जिनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ à¤à¤¾à¤°à¤¤ अकà¥à¤¸à¤° कहता रहा है। à¤à¤¾à¤°à¤¤ की तरफ से à¤à¥€ अकà¥à¤¸à¤° यूà¤à¤¨ सà¥à¤§à¤¾à¤° संबंधी इसी तरह बातें की जाती रही हैं। वरà¥à¤· 2014 में केंदà¥à¤° में मोदी सरकार के आने के बाद से इस तरह की बातें और à¤à¥€ मà¥à¤–र रूप से कही जाने लगी हैं।
उलà¥à¤²à¥‡à¤–नीय है कि गतॠवरà¥à¤· संयà¥à¤•à¥à¤¤ राषà¥à¤Ÿà¥à¤° के अपने संबोधन में à¤à¤¾à¤°à¤¤ के पà¥à¤°à¤§à¤¾à¤¨à¤®à¤‚तà¥à¤°à¥€ नरेनà¥à¤¦à¥à¤° मोदी ने संयà¥à¤•à¥à¤¤ राषà¥à¤Ÿà¥à¤° में सà¥à¤§à¤¾à¤° पर जोर देते हà¥à¤ कहा था, ‘सà¥à¤°à¤•à¥à¤·à¤¾ परिषद समेत संयà¥à¤•à¥à¤¤ राषà¥à¤Ÿà¥à¤° में सà¥à¤§à¤¾à¤° अनिवारà¥à¤¯ है ताकि इसकी विशà¥à¤µà¤¸à¤¨à¥€à¤¯à¤¤à¤¾ और औचितà¥à¤¯ बना रहे सके। साथ ही, हम à¤à¤¸à¥‡ विशà¥à¤µ का निरà¥à¤®à¤¾à¤£ कर सकें जहां पà¥à¤°à¤¤à¥à¤¯à¥‡à¤• जीव मातà¥à¤° सà¥à¤°à¤•à¥à¤·à¤¿à¤¤ महसूस कर सकें, सà¤à¥€ को अवसर और समà¥à¤®à¤¾à¤¨ मिले।‘ पीà¤à¤® के इस वकà¥à¤¤à¤µà¥à¤¯ में सà¥à¤ªà¤·à¥à¤Ÿ है कि à¤à¤¾à¤°à¤¤ यूà¤à¤¨ में सà¥à¤§à¤¾à¤° पर जोर देता रहा है और अब यूà¤à¤¨ के नये महासचिव गà¥à¤Ÿà¥‡à¤°à¥‡à¤¸ à¤à¥€ उसमें सà¥à¤§à¤¾à¤° लाने की बात कर रहे हैं, तो ये à¤à¤¾à¤°à¤¤ की मांग को बल देने वाला सिदà¥à¤§ हो सकता है।
दरअसल, यह तो समय की आवशà¥à¤¯à¤•ता है कि संयà¥à¤•à¥à¤¤ राषà¥à¤Ÿà¥à¤° का सांगठनिक विसà¥à¤¤à¤¾à¤° किया जाठऔर इसकी कारà¥à¤¯à¤ªà¤¦à¥à¤§à¤¤à¤¿ में लचीलापन लाया जाà¤à¥¤ संयà¥à¤•à¥à¤¤ राषà¥à¤Ÿà¥à¤° का वरà¥à¤¤à¤®à¤¾à¤¨ सà¥à¤µà¤°à¥‚प कितना संकà¥à¤šà¤¿à¤¤ और अड़ियल है, इसका अंदाज़ा इसी बात से लगाया जा सकता है कि à¤à¤¾à¤°à¤¤ जैसे वैशà¥à¤µà¤¿à¤• पटल पर मजबूती से अपनी छाप छोड़ रहे देश को यूà¤à¤¨ की सà¥à¤°à¤•à¥à¤·à¤¾ परिषदॠकी सà¥à¤¥à¤¾à¤¯à¥€ सदसà¥à¤¯à¤¤à¤¾ नहीं मिल पा रही, जबकि परिषदॠके पांच में से चार सà¥à¤¥à¤¾à¤¯à¥€ सदसà¥à¤¯ देश à¤à¤¾à¤°à¤¤ की सदसà¥à¤¯à¤¤à¤¾ के पकà¥à¤·à¤§à¤° हैं, मगर, सिरà¥à¤« à¤à¤• चीन इसमें बिना किसी वासà¥à¤¤à¤µà¤¿à¤• वजह के बस à¤à¤¾à¤°à¤¤ से अपनी वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿à¤—त खà¥à¤¨à¥à¤¨à¤¸ के कारण वीटो का रोड़ा लगा देता है और बात अटक जाती है। इस अड़ियल वà¥à¤¯à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ को लचीला किठजाने की आवशà¥à¤¯à¤•ता है, जिससे और देशों को à¤à¥€ उसमें अपनी à¤à¤¾à¤—ीदारी सà¥à¤¨à¤¿à¤¶à¥à¤šà¤¿à¤¤ करने का अवसर मिल सके। संà¤à¤µ है गà¥à¤Ÿà¥‡à¤°à¥‡à¤¸ के आने से चीन के इस रवैये पर लगाम लगेगी।
इधर, à¤à¤¾à¤°à¤¤ के अलावा जापान, बà¥à¤°à¤¾à¤œà¥€à¤², जरà¥à¤®à¤¨à¥€ इतà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¿ तमाम देश हैं, जो संयà¥à¤•à¥à¤¤ राषà¥à¤Ÿà¥à¤° किस सà¥à¤¥à¤¾à¤¯à¥€ सदसà¥à¤¯à¤¤à¤¾ की अहरà¥à¤¤à¤¾ रखते हैं, उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ इससे वंचित रखना संयà¥à¤•à¥à¤¤ राषà¥à¤Ÿà¥à¤° के à¤à¤• वैशà¥à¤µà¤¿à¤• और निषà¥à¤ªà¤•à¥à¤· निकाय के रूप सà¥à¤¥à¤¾à¤ªà¤¿à¤¤ असà¥à¤¤à¤¿à¤¤à¥à¤µ पर पà¥à¤°à¤¶à¥à¤¨à¤šà¤¿à¤¨à¥à¤¹ लगाà¤à¤—ा और संà¤à¤µ है कि तब ये देश उसकी अवहेलना की नीति अपनाना à¤à¥€ शà¥à¤°à¥‚ कर दें। वैसे à¤à¥€, सिरà¥à¤« पांच देश मिलकर दà¥à¤¨à¤¿à¤¯à¤¾ की सà¥à¤°à¤•à¥à¤·à¤¾à¤¤à¥à¤®à¤• नीतियां निरà¥à¤§à¤¾à¤°à¤¿à¤¤ कैसे कर सकते हैं? अतः अगर संयà¥à¤•à¥à¤¤ राषà¥à¤Ÿà¥à¤° को अपनी पà¥à¤°à¤¾à¤¸à¤‚गिकता और महतà¥à¤µ को बरकरार रखना है, तो सà¤à¥€ योगà¥à¤¯ राषà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‹à¤‚ को उसमें समान रूप से à¤à¤¾à¤—ीदारी मिलनी ही चाहिà¤à¥¤
बान की मून काफी लंबे समय तक यूà¤à¤¨ के महासचिव रहे, लेकिन इन सब बिनà¥à¤¦à¥à¤“ं पर वे या तो सिरà¥à¤« शिकायतें सà¥à¤¨à¤¤à¥‡ रहे या कोरा आशà¥à¤µà¤¾à¤¸à¤¨ देते रहे। कदम उठाने में उनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने कà¤à¥€ कोई दिलचसà¥à¤ªà¥€ नहीं दिखाई। अब à¤à¤‚टोनियो गà¥à¤Ÿà¥‡à¤°à¥‡à¤¸ दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ सà¥à¤§à¤¾à¤° की बात करने के बाद उमà¥à¤®à¥€à¤¦ तो जगी है कि इन बिनà¥à¤¦à¥à¤“ं पर कà¥à¤› बात बà¥à¥‡à¤—ी, लेकिन जब तक वे कà¥à¤› ठोस कदम न उठाà¤à¤‚ तब तक कà¥à¤› à¤à¥€ कहना जलà¥à¤¦à¤¬à¤¾à¤œà¥€ होगी। देखना होगा कि वे यूà¤à¤¨ में सà¥à¤§à¤¾à¤° संबंध अपनी बातों पर किस तरह से बà¥à¤¤à¥‡ हैं और कà¥à¤¯à¤¾ कदम उठाते हैं? हालांकि à¤à¤¾à¤°à¤¤ जैसे देशों को उनके पदà¤à¤¾à¤° सà¤à¤¾à¤²à¤¨à¥‡ के बाद यूà¤à¤¨ में सà¥à¤§à¤¾à¤° की अपनी मांग को और पूर जोर ढंग से उठाकर उन पर दबाव बनाठरखना चाहिà¤à¥¤