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भाजपा की खींचतान में फसा मेला

ग्वालियर व्यापार मेला का आयोजन इस बार भी अफसरों के के हाथों में रहेगा .भाजपा की आपसी खींचतान के कारण मेला  प्राधिकरण बोर्ड का गठन नहीं हो पाया हे .भाजपा कार्यकर्ताओं में भारी नाराजगी देखी जा रही हे . बीते रोज संम्भागीय आयुक्त दीपक सिंह ने बैठक लेकर तैयारियों को अंतिम रूप दिया हे 

मेला में सड़क, साफ-सफाई और दुकानों की मरम्मत तथा बिजली फिटिंग आदि काम समय रहते पूरे कर लिए जाएं। यह बात संभाग आयुक्त दीपक सिंह ने शनिवार को समीक्षा बैठक में कही। उन्होंने कहा कि सभी तैयारियां 15 दिसम्बर तक पूरी कर ली जाएं। इनके लिए एसडीएम लश्कर विनोद सिंह नोडल अधिकारी के रूप में काम करेंगे।

मेला परिसर की खराब सड़कों को लोक निर्माण विभाग सुधारेगा, सफाई नगर निगम कराएगा। बिजली की फिटिंग मेला प्राधिकरण खुद कराएगा। शनिवार को तैयारियों के लिए 19 टेंडर जारी किए गए।

टैक्स की राशि ज्यादा जमा होने की स्थिति में व्यापारी को राशि लौटाने का भी प्रावधान है। बिना अनुमति व्यापार करने पर जीएसटी एक्ट में जुर्माना वसूलने का भी प्रावधान है। यहां बता दें कि व्यापार मेला में कपड़ों से लेकर फर्नीचर, खान-पान और झूला सेक्टर में बड़ी संख्या में प्रदेश के बाहर के व्यापारी शामिल होते हैं।

मिल सकता है 75 लाख से ज्यादा का टैक्स: आकस्मिक डीलर का पंजीयन कराने के मामले में स्टेट जीएसटी विभाग ने यदि 80 फीसदी भी सफलता प्राप्त की तो मेला अवधि में कम से कम 75 लाख से ज्यादा राशि की टैक्स वसूली हो सकती है। इसमें सबसे ज्यादा टैक्स झूला सेक्टर (18 प्रतिशत), फर्नीचर और कपड़ा मार्केट (दोनों 12 प्रतिशत) शामिल है।

गौरतलब है कि मेला में कपड़े, किचिन के सामान, जूते, खान-पान के स्टॉल, झूला, मनोरंजन (विभिन्न प्रकार के शो), विभिन्न प्रकार के फर्नीचर, कालीन-दरी, मिट्टी से बने सामान, खेल उत्पाद बेचे जाते हैं।ग्वालियर मेला में व्यापार करने वालों को स्टेट जीएसटी विभाग में आकस्मिक डीलर (कैजुअल टैक्स पर्सन) का पंजीयन कराना होगा। नियमानुसार, व्यापार की शुरुआत करने के कम से कम पांच दिन पहले व्यापारियों को पंजीयन कराना होगा, साथ ही एडवांस टैक्स भी जमा कराना होगा।

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